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अव्यवस्था के खिलाफ सफाईकर्मियों का प्रदर्शन
Updated Thu, 07 Jun 2018 12:09 AM IST
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अव्यवस्था के खिलाफ सफाईकर्मियों का प्रदर्शन
सहारनपुर। पदोन्नति नहीं दिए जाने समेत अनेक समस्याओं को लेकर सफाई कर्मियों ने बुधवार को नगर निगम में धरना प्रदर्शन किया। समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन नगरायुक्त को सौंपा। समस्याओं का समाधान 72 घंटे में नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ और उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ से जुड़े सफाई कर्मियों ने बुधवार को नगर निगम में इकट्ठा होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सोनी आजाद ने कहा कि नगर निगम लगातार सफाई कर्मियों का शोषण कर रहा है। 30 साल की नौकरी के बाद भी सफाई कर्मियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। ठेके की नई-नई प्रथाएं लाकर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। यदि अधिकारियों ने अपनी मानसिकता नहीं बदली तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। चेतन यनयाणे ने कहा कि सफाईकर्मी नगर निगम का सबसे कर्मठ कर्मचारी होने के बाद भी सबसे उपेक्षित यही वर्ग है। नगर निगम के अधिकारी लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उम्मीद थी कि मेयर मिलने के बाद उत्पीड़न रुकेगा, मगर ऐसा नहीं हो सका है। मेयर भी सब कुछ चुपचाप देख रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि सफाईकर्मियों का उत्पीड़न न रुका और उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सफाईकर्मी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। धरने में सतीश आदिवाल, वरदान घावरी, सुनील घाघट, अशोक तेश्वर, संजय आदिवाल, अब्दुल गफ्फार, महेंद्र बेदी, मनमोहन सूद, सपना ठाकुर, सोमपाल आदि शामिल रहे।
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांग
- 30 साल से काम कर रहे सफाई कर्मियों को पदोन्नत किया जाए।
- ठेका और स्थाई सफाई कर्मियों के वार्ड न बांटे जाएं।
- ठेका कर्मचारियों का भुगतान किया जाए।
- सफाई कर्मियों को गर्म व ठंडी वर्दी दिलाई जाए।
- मृतक आश्रितों को अन्य पदों पर नियुक्ति दी जाए।
- सफाई कर्मियों को उपकरण उपलब्ध कराए जाएं आदि।
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सहारनपुर। पदोन्नति नहीं दिए जाने समेत अनेक समस्याओं को लेकर सफाई कर्मियों ने बुधवार को नगर निगम में धरना प्रदर्शन किया। समस्याओं से संबंधित एक ज्ञापन नगरायुक्त को सौंपा। समस्याओं का समाधान 72 घंटे में नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ और उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ से जुड़े सफाई कर्मियों ने बुधवार को नगर निगम में इकट्ठा होकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सोनी आजाद ने कहा कि नगर निगम लगातार सफाई कर्मियों का शोषण कर रहा है। 30 साल की नौकरी के बाद भी सफाई कर्मियों को पदोन्नति नहीं दी जा रही है। ठेके की नई-नई प्रथाएं लाकर कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। यदि अधिकारियों ने अपनी मानसिकता नहीं बदली तो कर्मचारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। चेतन यनयाणे ने कहा कि सफाईकर्मी नगर निगम का सबसे कर्मठ कर्मचारी होने के बाद भी सबसे उपेक्षित यही वर्ग है। नगर निगम के अधिकारी लगातार कर्मचारियों का उत्पीड़न कर रहे हैं। उम्मीद थी कि मेयर मिलने के बाद उत्पीड़न रुकेगा, मगर ऐसा नहीं हो सका है। मेयर भी सब कुछ चुपचाप देख रहे हैं। चेतावनी दी कि यदि सफाईकर्मियों का उत्पीड़न न रुका और उनकी मांगें नहीं मानी गई तो सफाईकर्मी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। धरने में सतीश आदिवाल, वरदान घावरी, सुनील घाघट, अशोक तेश्वर, संजय आदिवाल, अब्दुल गफ्फार, महेंद्र बेदी, मनमोहन सूद, सपना ठाकुर, सोमपाल आदि शामिल रहे।
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सफाई कर्मियों की प्रमुख मांग
- 30 साल से काम कर रहे सफाई कर्मियों को पदोन्नत किया जाए।
- ठेका और स्थाई सफाई कर्मियों के वार्ड न बांटे जाएं।
- ठेका कर्मचारियों का भुगतान किया जाए।
- सफाई कर्मियों को गर्म व ठंडी वर्दी दिलाई जाए।
- मृतक आश्रितों को अन्य पदों पर नियुक्ति दी जाए।
- सफाई कर्मियों को उपकरण उपलब्ध कराए जाएं आदि।