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एएमयू में आरएसएस के कैंप लगाने से माहौल खराब होने का खतरा: उलमा
Updated Sat, 28 Apr 2018 12:52 AM IST
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आरएसएस को कैंप लगाने की अनुमति न दे यूनिवर्सिटी : उलमा
देवबंद (सहारनपुर)। आरएसएस द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर वहां कैंप लगाने की मांग किए जाने पर देवबंदी उलमा ने कड़ा एतराज जताया। उन्होेंने कहा कि अगर वहां कैंप लगाया जाता है तो यूनिवर्सिटी के साथ-साथ देश का भी माहौल खराब होने का खतरा पैदा हो सकता है।
शुक्रवार को इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए नायब शहर काजी मुफ्ती अजफर हुसैन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की जो विचारधारा है वो एक खुली किताब है जिसका सबको पता है। कहा कि अगर किसी वक्ता के मुंह से ऐसा कोई विवादित शब्द निकल जाए तो इसका असर क्या हो सकता है ये बताने की जरूरत नहीं है। कहा कि हम यह नहीं कहते कि कैंप लगाने के पीछे उनका मकसद गलत हो सकता है उनके जहन में कुछ अच्छी बातें हों। लेकिन जुबान फिसलने में भी वक्त नहीं लगता इससे यूनिवर्सिटी और प्रशासन को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसलिए बेहतर है कि आरएसएस को इसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
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देवबंद (सहारनपुर)। आरएसएस द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को पत्र लिखकर वहां कैंप लगाने की मांग किए जाने पर देवबंदी उलमा ने कड़ा एतराज जताया। उन्होेंने कहा कि अगर वहां कैंप लगाया जाता है तो यूनिवर्सिटी के साथ-साथ देश का भी माहौल खराब होने का खतरा पैदा हो सकता है।
शुक्रवार को इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए नायब शहर काजी मुफ्ती अजफर हुसैन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की जो विचारधारा है वो एक खुली किताब है जिसका सबको पता है। कहा कि अगर किसी वक्ता के मुंह से ऐसा कोई विवादित शब्द निकल जाए तो इसका असर क्या हो सकता है ये बताने की जरूरत नहीं है। कहा कि हम यह नहीं कहते कि कैंप लगाने के पीछे उनका मकसद गलत हो सकता है उनके जहन में कुछ अच्छी बातें हों। लेकिन जुबान फिसलने में भी वक्त नहीं लगता इससे यूनिवर्सिटी और प्रशासन को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसलिए बेहतर है कि आरएसएस को इसकी इजाजत नहीं मिलनी चाहिए।
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