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बजट नहीं मिला तो थम जाएंगे 102 और 10
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:26 AM IST
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- बजट नहीं मिलने के कारण एंबुलेंस संचालन में आ सकती है समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के मरीजों को 15 मिनट की अवधि में एंबुलेंस उपलब्ध कराने का दावा सहारनपुर जिले में फेल हो सकता है। बजट नहीं जारी होने के चलते डीजल के अभाव में जिले में चल रही ज्यादातर एंबुलेंस के पहिए थम सकते हैं। फिलहाल ज्यादातर एंबुलेंस में डीजल की समस्या जल्दी ही उत्पन्न होने वाली है।
जिले में 108 की कुल 24 और 102 की 33 एंबुलेंस है। दुर्घटना, गर्भावस्था समेत अन्य मामलों में तबियत बिगड़ने पर यह एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करती है। जिले में हजारों मरीज इन एंबुलेंस की मदद से अस्पतालों में पहुंचते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जुलाई माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो सहारनपुर जिले में 108 एंबुलेंस के लिए करीब 25 सौ मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया। जबकि 102 एंबुलेंस के लिए करीब चार हजार मरीजों को एंबुलेंस की जरूरत पड़ी, लेकिन एंबुलेंस की सुविधा कम मरीजों को ही मिल सकी। यह स्थिति अब और विकट हो सकती है। शासन की ओर से जिले में चल रही सभी एंबुलेंस अगले एक दो दिनों में बंद हो सकती है। इसका कारण शासन से डीजल की धनराशि न मिलना है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि डीजल न मिलने के कारण कई एंबुलेंस बंद होने के कगार पर आ गई हैं। जिला स्तर पर ही धनराशि एकत्र करके कुछ गाड़ियों में डीजल की व्यवस्था की जा रही है।
डीजल से हमारा कोई लेना देना नहीं
इमरजेंसी एंबुलेंस का डीजल की जिम्मेदारी संस्था को सौंपी गई है। इससे हमारा सीधा मतलब नहीं है। संस्था शासन के संपर्क में है और उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकल जाएगा।
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बीएस सोढ़ी, सीएमओ
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अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के मरीजों को 15 मिनट की अवधि में एंबुलेंस उपलब्ध कराने का दावा सहारनपुर जिले में फेल हो सकता है। बजट नहीं जारी होने के चलते डीजल के अभाव में जिले में चल रही ज्यादातर एंबुलेंस के पहिए थम सकते हैं। फिलहाल ज्यादातर एंबुलेंस में डीजल की समस्या जल्दी ही उत्पन्न होने वाली है।
जिले में 108 की कुल 24 और 102 की 33 एंबुलेंस है। दुर्घटना, गर्भावस्था समेत अन्य मामलों में तबियत बिगड़ने पर यह एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद करती है। जिले में हजारों मरीज इन एंबुलेंस की मदद से अस्पतालों में पहुंचते आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जुलाई माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो सहारनपुर जिले में 108 एंबुलेंस के लिए करीब 25 सौ मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क किया। जबकि 102 एंबुलेंस के लिए करीब चार हजार मरीजों को एंबुलेंस की जरूरत पड़ी, लेकिन एंबुलेंस की सुविधा कम मरीजों को ही मिल सकी। यह स्थिति अब और विकट हो सकती है। शासन की ओर से जिले में चल रही सभी एंबुलेंस अगले एक दो दिनों में बंद हो सकती है। इसका कारण शासन से डीजल की धनराशि न मिलना है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि डीजल न मिलने के कारण कई एंबुलेंस बंद होने के कगार पर आ गई हैं। जिला स्तर पर ही धनराशि एकत्र करके कुछ गाड़ियों में डीजल की व्यवस्था की जा रही है।
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डीजल से हमारा कोई लेना देना नहीं
इमरजेंसी एंबुलेंस का डीजल की जिम्मेदारी संस्था को सौंपी गई है। इससे हमारा सीधा मतलब नहीं है। संस्था शासन के संपर्क में है और उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकल जाएगा।
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