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वीडियो कॉलिंग के जरिए अजहर मसूद ने पढ़ाया था आतंक का पाठ-MUZAFFARNAGAR

Tue, 26 Feb 2019 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 26 Feb 2019 12:18 AM IST
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वीडियो कॉलिंग के जरिए अजहर मसूद ने पढ़ाया था आतंक का पाठ-MUZAFFARNAGAR
सहारनपुर। एटीएस द्वारा देवबंद के एक छात्रावास से गिरफ्तार किए गए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों के फोन की छानबीन में एटीएस को वीडियो कॉलिंग के जरिए लोगों से संपर्क किए जाने का खुलासा हुआ है। यह पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए शहनवाज और आकिब को फिदायन ट्रेनिंग अजहर मसूद ने वीडियो कॉलिंग के जरिए ही दी थी। जिसके बाद शाहनवाज ने लोगों को जेहादी बनाने के लिए वीडियो कॉलिंग को जरिया बनाया। हालांकि एटीएस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शाहनवाज पाकिस्तान गया था अथवा नहीं। ट्रेनिंग कहां और किस प्रकार ली गई थी।
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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सदस्य ग्रेनेड एक्सपर्ट शाहनवाज को संगठन के चीफ अजहर मसूद ने वीडियो कॉलिंग के जरिए की आतंक का पाठ पढ़ाया था। गिरफ्तार आतंकी शाहनवाज और आकिब के जब्त हुए मोबाइल से एटीएस द्वारा डाटा खंगाले जाने पर एक के बाद एक खुलासे सामने आ रहे हैं। मोबाइल फोन में अधिकांश बातें वीडियो कॉल के जरिए ही की गई हैं। मेसेज भी ऐसे एप के माध्यम से किए गए हैं, जिनको पकड़ पाना मुश्किल है। यह भी खुलासा हुआ है कि शाहनवाज और आकिब वीडियो कॉलिंग के जरिए ही आतंक की कक्षाएं चलाकर लोगों को जेहादी बना रहे थे।
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एटीएस अब यह भी पता लगा रही है कि फिदायीन तैयार करने की ट्रेनिंग लेने के लिए शाहनवाज और आकिब पाकिस्तान गए थे अथवा नहीं। अजहर मसूद से मिले हैं या वीडियो कॉल से ही ट्रेनिंग ली गई है। वीडियो कॉल की कोई रिकॉर्डिंग की भी एटीएस तलाश कर रही है। जिससे उनके खतरनाक इरादों के बारे में पता चल सके। किसी बड़े हमले के निर्देश तो नहीं दिए गए थे। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कॉलिंग के जरिए किस-किसको जेहादी बनाने के लिए तैयार किया गया।
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फंडिंग का पता लगाया जा रहा है
एटीएस दोनों आतंकियों को आर्थिक मदद करने वालों की तलाश में लगी हुई है। बड़ी मदद के बारे में तो एटीएस का कश्मीर से ही मिलने के बारे में पता चल रहा है, जबकि देवबंद में उनकी आर्थिक रूप से कौन मदद कर रहा था, इसका भी पता लगाया जा रहा है।
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