{"_id":"61730dba71e25e70ce6c50c4","slug":"nawab-property-issue-rampur-news-mbd407088482","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवाब संपत्ति बंटवारे मामले में अब 25 को होगी सुनवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवाब संपत्ति बंटवारे मामले में अब 25 को होगी सुनवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर। नवाब खानदान की संपत्ति के बंटवारे प्रकरण में शुक्रवार को कोर्ट में तारीख थी। जिसमें कोर्ट ने अगली तारीख 25 अक्तूबर तय की है।
रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। कोर्ट ने संपत्ति की प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत कर सभी पक्षकारों से आपत्ति मांगी थी। जिस पर सभी पक्षकारों ने आपत्ति दाखिल कर दी है। साथ ही शासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव अग्रवाल और शत्रु संपत्ति सह अभिरक्षक की ओर से भी मामले में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
मामले में पक्षकारों की आपत्तियों पर बहस पूरी हो गई है। वहीं, इस दौरान सरकार को भी इस संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया में पक्षकार बनाने की मांग की गई। साथ ही कस्टोडियन की जमीन को लेकर दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर भी बहस चल रही थी। मामले में दो पक्षकारों के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि मामले में शुक्रवार को कोर्ट में तारीख नियत थी, जिसमें सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन
रामपुर में नवाब खानदान की करीब 2600 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति है, जिसके बंटवारे की प्रक्रिया जिला जज की कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2019 में शरीयत के हिसाब से बंटवारा करने के आदेश दिए थे। बंटवारे की जिम्मेदारी जिला जज को सौंपी थी। कोर्ट ने संपत्ति की प्रस्तावित विभाजन योजना प्रस्तुत कर सभी पक्षकारों से आपत्ति मांगी थी। जिस पर सभी पक्षकारों ने आपत्ति दाखिल कर दी है। साथ ही शासन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव अग्रवाल और शत्रु संपत्ति सह अभिरक्षक की ओर से भी मामले में कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था।
मामले में पक्षकारों की आपत्तियों पर बहस पूरी हो गई है। वहीं, इस दौरान सरकार को भी इस संपत्ति बंटवारे की प्रक्रिया में पक्षकार बनाने की मांग की गई। साथ ही कस्टोडियन की जमीन को लेकर दाखिल किए गए प्रार्थना पत्र पर भी बहस चल रही थी। मामले में दो पक्षकारों के अधिवक्ता संदीप सक्सेना ने बताया कि मामले में शुक्रवार को कोर्ट में तारीख नियत थी, जिसमें सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।
विज्ञापन