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जल जीवन मिशन : जिले में 568 ओवरहेड टैंक में से 336 अधूरे
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रामपुर। जल जीवन मिशन में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। 1024 गांव के हजारों लोगों को इस योजना से पानी मिलना था। इसमें से मात्र 618 गांव के लोगों को ही स्वच्छ पानी मिल पाया है। इस योजना को दिसंबर 2024 में बन जाना था। हालांकि जल जीवन मिशन के तहत हर ग्रामीण घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य अब दिसंबर 2028 तक के लिए बढ़ा दिया गया है।
जल जीवन मिशन रामपुर जिले में 2022 में शुरू हुआ और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन प्रशासनिक देरी, ठेका प्राप्त कंपनियों का समय से काम नहीं करने और समय से बजट नहीं मिलने के कारण यह योजना पिछड़ गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाया है।
जिले में जलजीवन मिशन के तहत चार कंपनियां काम कर रही हैं। इन्होंने 1024 गांव में हर घर पेयजल पहुंचाना था। इसमें से 406 गांव में अभी तक पेयजल नहीं पहुंच पाया है। इन कंपनियों ने जिले में 568 ओवरहेड टैंक बनाने थे। इसमें से 336 ओवरहेड टैंक अभी तक नहीं बन पाए हैं। मात्र 232 ही ओवरहेड टैंक बने हैं।
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इसी तरह जिले में 1024 गांव की सड़कें खोदी गईं। इसमें से अभी तक मात्र 790 गांव के ही सड़कें बन पाई हैं। 234 गांव के सैकड़ों लोग अभी भी खुदी हुई सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
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जल जीवन मिशन पर रामपुर के सहायक अभियंता पर हुई कार्रवाई
जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई की, जिनमें 12 निलंबित किए गए। कुछ के खिलाफ जांच और नोटिस जारी हुए, जबकि कई का तबादला किया गया। शिकायत पर रामपुर के सहायक अभियंता मो. असजद का स्थानांतरण किया गया है। उन्हें रामपुर से चंदौली भेजा गया है। वहीं उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर भेजा गया है।
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जल जीवन मिशन का जिलेवार डाटा-
बनने थे बने
ट्यूबवैल 575 570
पंप हाउस 575 535
क्लोरिनेशन सिस्टम 336 314
पेयजल लाइन 4408 किमी 4258 किमी
सोलर प्लांट 481 400
वाटर सप्लाई 1024 588 गांव में ही हो पाई
ओवरहेड टैंक 568 232 बने
स्रोत - जल जीवन की वेबसाइट https://jjm.up.gov.in/Districtdashboard/Rampur
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जल जीवन मिशन का काम तेजी से करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम, रामपुर
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जल जीवन मिशन रामपुर जिले में 2022 में शुरू हुआ और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन प्रशासनिक देरी, ठेका प्राप्त कंपनियों का समय से काम नहीं करने और समय से बजट नहीं मिलने के कारण यह योजना पिछड़ गई। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी हजारों लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाया है।
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जिले में जलजीवन मिशन के तहत चार कंपनियां काम कर रही हैं। इन्होंने 1024 गांव में हर घर पेयजल पहुंचाना था। इसमें से 406 गांव में अभी तक पेयजल नहीं पहुंच पाया है। इन कंपनियों ने जिले में 568 ओवरहेड टैंक बनाने थे। इसमें से 336 ओवरहेड टैंक अभी तक नहीं बन पाए हैं। मात्र 232 ही ओवरहेड टैंक बने हैं।
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इसी तरह जिले में 1024 गांव की सड़कें खोदी गईं। इसमें से अभी तक मात्र 790 गांव के ही सड़कें बन पाई हैं। 234 गांव के सैकड़ों लोग अभी भी खुदी हुई सड़कों पर चलने को मजबूर हैं।
जल जीवन मिशन पर रामपुर के सहायक अभियंता पर हुई कार्रवाई
जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए 26 इंजीनियरों पर कार्रवाई की, जिनमें 12 निलंबित किए गए। कुछ के खिलाफ जांच और नोटिस जारी हुए, जबकि कई का तबादला किया गया। शिकायत पर रामपुर के सहायक अभियंता मो. असजद का स्थानांतरण किया गया है। उन्हें रामपुर से चंदौली भेजा गया है। वहीं उदयराज गुप्ता को चंदौली से रामपुर भेजा गया है।
जल जीवन मिशन का जिलेवार डाटा-
बनने थे बने
ट्यूबवैल 575 570
पंप हाउस 575 535
क्लोरिनेशन सिस्टम 336 314
पेयजल लाइन 4408 किमी 4258 किमी
सोलर प्लांट 481 400
वाटर सप्लाई 1024 588 गांव में ही हो पाई
ओवरहेड टैंक 568 232 बने
स्रोत - जल जीवन की वेबसाइट https://jjm.up.gov.in/Districtdashboard/Rampur
जल जीवन मिशन का काम तेजी से करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं। सरकार की प्राथमिकता लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। -अजय कुमार द्विवेदी, डीएम, रामपुर