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कूहल में सरकारी धन का दुरुपयोग
Updated Sat, 09 Sep 2017 09:31 PM IST
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रामपुर बुशहर।
उपमंडल रामपुर की दुर्गम पंचायत कूहल में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि कई घर बैठे लोगों की मनरेगा में हाजिरी लगाई गई है। 16 ग्रामीणों ने पंचायत में हुई गड़बड़ियों को लेकर एसडीएम रामपुर के माध्यम से उपायुक्त शिमला रोहन ठाकुर को शिकायत पत्र भेजा। शिकायत पत्र में कहा गया है कि पंचायत के वार्ड नंबर पांच में मनरेगा के कार्यों को नहीं किया गया। यहां पर विकास कार्य लंबित पड़े हैं। पंचायत सचिव कहता है कि वार्ड नंबर पांच की पंच निशा देवी को 16 मजदूरों का मस्टर -रोल दे दिया गया है। इसके बाद जब सचिव पंचायत में आए तो यह मस्टर-रोल सात दिन गायब रहे।
छह दिन पहले वार्ड में काम शुरू किया जाना था, जो नहीं हो पाया। सातवें दिन सचिव ने अपनी मौजूदगी में मजदूरों की हाजिरी लगवाई और पिछले दिनों की हाजिरी नहीं लग पाएगी ऐसा बताया गया। कूहल पंचायत के राजू, लीला देवी, कला देवी, नंद लाल, रोंदू राम, चामरी देवी, सत्ती देवी, गुलाबी देवी, प्रेम देवी, मोहन लाल, रजनी, हीरामणि, अजय, बालक राम आदि ने इस पत्र में कहा कि 14वें वित्तायोग की राशि से प्रधान ने अपनी मनमर्जी से एक रास्ता बनाया है, जो कि ठीक नहीं है। इस पर दो लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मनरेगा के तहत कई रास्ते बनाए जाने हैं। उन रास्तों के लिए आए सरकारी सीमेंट, रेत, बजरी को गलत तरीके से बेचा जा रहा है। इन कार्यों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। पंचायत में बकरी शेड साल में दो बार एक व्यक्ति को मिलते हैं, जबकि कई लोगों को एक बार भी ये शेड नहीं मिले हैं। स्ट्रीट लाइटों को लगाने में भी भेदभाव किया गया है। वार्ड नंबर पांच इन लाइटों से वंचित है। 7 सितंबर 2017 को मस्टर रोल को लेकर पंचायत की मासिक बैठक बुलाई गई थी। जब प्रधान से मस्टर-रोल के बारे में सवाल किया गया तो उनको बाहर जाने के लिए कह दिया गया। लोगों ने उपायुक्त से मांग की है कि पंचायत में हुई गड़बड़ी की तुरंत जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
बीडीओ तैयार करेंगे रिपोर्ट : एसडीएम
एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि उन्हें कूहल पंचायत में किए गए विकास कार्यों को लेकर शिकायत मिली है। बीडीओ रामपुर को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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उपमंडल रामपुर की दुर्गम पंचायत कूहल में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि कई घर बैठे लोगों की मनरेगा में हाजिरी लगाई गई है। 16 ग्रामीणों ने पंचायत में हुई गड़बड़ियों को लेकर एसडीएम रामपुर के माध्यम से उपायुक्त शिमला रोहन ठाकुर को शिकायत पत्र भेजा। शिकायत पत्र में कहा गया है कि पंचायत के वार्ड नंबर पांच में मनरेगा के कार्यों को नहीं किया गया। यहां पर विकास कार्य लंबित पड़े हैं। पंचायत सचिव कहता है कि वार्ड नंबर पांच की पंच निशा देवी को 16 मजदूरों का मस्टर -रोल दे दिया गया है। इसके बाद जब सचिव पंचायत में आए तो यह मस्टर-रोल सात दिन गायब रहे।
छह दिन पहले वार्ड में काम शुरू किया जाना था, जो नहीं हो पाया। सातवें दिन सचिव ने अपनी मौजूदगी में मजदूरों की हाजिरी लगवाई और पिछले दिनों की हाजिरी नहीं लग पाएगी ऐसा बताया गया। कूहल पंचायत के राजू, लीला देवी, कला देवी, नंद लाल, रोंदू राम, चामरी देवी, सत्ती देवी, गुलाबी देवी, प्रेम देवी, मोहन लाल, रजनी, हीरामणि, अजय, बालक राम आदि ने इस पत्र में कहा कि 14वें वित्तायोग की राशि से प्रधान ने अपनी मनमर्जी से एक रास्ता बनाया है, जो कि ठीक नहीं है। इस पर दो लाख रुपये खर्च किए गए हैं। मनरेगा के तहत कई रास्ते बनाए जाने हैं। उन रास्तों के लिए आए सरकारी सीमेंट, रेत, बजरी को गलत तरीके से बेचा जा रहा है। इन कार्यों की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में है। पंचायत में बकरी शेड साल में दो बार एक व्यक्ति को मिलते हैं, जबकि कई लोगों को एक बार भी ये शेड नहीं मिले हैं। स्ट्रीट लाइटों को लगाने में भी भेदभाव किया गया है। वार्ड नंबर पांच इन लाइटों से वंचित है। 7 सितंबर 2017 को मस्टर रोल को लेकर पंचायत की मासिक बैठक बुलाई गई थी। जब प्रधान से मस्टर-रोल के बारे में सवाल किया गया तो उनको बाहर जाने के लिए कह दिया गया। लोगों ने उपायुक्त से मांग की है कि पंचायत में हुई गड़बड़ी की तुरंत जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बीडीओ तैयार करेंगे रिपोर्ट : एसडीएम
एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि उन्हें कूहल पंचायत में किए गए विकास कार्यों को लेकर शिकायत मिली है। बीडीओ रामपुर को मौके पर जाकर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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