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ग्यारह घंटे ही रहा बैरक नंबर-1 आजम-अब्दुल्ला का ठिकाना
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रामपुर। जिला कारागार का बैरक नंबर-1 ग्यारह घंटे के लिए आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम का ठिकाना रहा। बैरक में नंबर-1 में आने के लगभग 11 घंटे बाद ही उनको सीतापुर की जेल के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। बैरक नंबर-1 में बुधवार की रात आजम खां और अब्दुल्ला ठीक से सो भी नहीं पाए थे, क्योंकि दोनों को रात के वक्त ही पता चल गया था कि उनको यहां स्थानांतरित किया जाना है।
जिला कारागार में जाने के बाद आजम खां के ईदगिर्द लोग जुटने शुरू हो गए थे। पहले तो जेल के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया था। जेल के अंदर तमाम बंदियों से उनकी सलाम-दुआ हुई। जेल के अंदर बंद लोगों में से कई उनके राजनीतिक समर्थक हैं तो कई राजनीतिक विरोधी। बैरक नंबर-1 में भी उन्होंने बंदियों के साथ बातचीत की थी। जेल में जाने के बाद उनको चाय दी गई थी। इसके बाद रात का खाना मैन्युअल के हिसाब दिया गया था। जेल अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि आजम खां ने जेल का खाना खाया था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि हमने खाना भिजवा दिया था। खाया या नहीं खाया हमें पता नहीं। आजम खां को रात को ही अवगत करा दिया गया था कि उनको यहां से स्थानांतरित किया जाना है। गुरुवार की सुबह पांच बजे से पहले आजम खां तैयार भी हो गए। बुधवार को जेल जाने के वक्त उन्होंने सफेद-कुर्ता पायजामा पर काली जैकेट पहन रखा था। गुरुवार को जब उनको सीतापुर के लिए ले जाया गया तो आजम खां ने बंद गले का काला कोट पहन रखा था।
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जिला कारागार में जाने के बाद आजम खां के ईदगिर्द लोग जुटने शुरू हो गए थे। पहले तो जेल के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया था। जेल के अंदर तमाम बंदियों से उनकी सलाम-दुआ हुई। जेल के अंदर बंद लोगों में से कई उनके राजनीतिक समर्थक हैं तो कई राजनीतिक विरोधी। बैरक नंबर-1 में भी उन्होंने बंदियों के साथ बातचीत की थी। जेल में जाने के बाद उनको चाय दी गई थी। इसके बाद रात का खाना मैन्युअल के हिसाब दिया गया था। जेल अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि आजम खां ने जेल का खाना खाया था या नहीं। अधिकारियों का कहना है कि हमने खाना भिजवा दिया था। खाया या नहीं खाया हमें पता नहीं। आजम खां को रात को ही अवगत करा दिया गया था कि उनको यहां से स्थानांतरित किया जाना है। गुरुवार की सुबह पांच बजे से पहले आजम खां तैयार भी हो गए। बुधवार को जेल जाने के वक्त उन्होंने सफेद-कुर्ता पायजामा पर काली जैकेट पहन रखा था। गुरुवार को जब उनको सीतापुर के लिए ले जाया गया तो आजम खां ने बंद गले का काला कोट पहन रखा था।
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