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Azam Khan: क्वालिटी बार पर कब्जे में फिर झटका, दूसरे में जमानत मंजूर, रामपुर कोर्ट में हुई दोनों केसों सुनवाई
Sat, 17 May 2025 07:35 PM IST
विमल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Published by: विमल शर्मा
Updated Sat, 17 May 2025 07:35 PM IST
सार
सपा नेता आजम खां के खिलाफ चल रहे केसों की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। दूसरे केस गवाह को धमकाने के मामले में कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी।
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आजम खां
- फोटो : हह
विस्तार
सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां को रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट से शनिवार को दो अलग-अलग मामलों में मिश्रित फैसला मिला। क्वालिटी बार कब्जाने के मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज जबकि गवाह को धमकाने के केस में उन्हें राहत मिली।
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एक मामला सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हाईवे स्थित क्वालिटी बार से जुड़ा है। बार स्वामी गगन अरोड़ा की शिकायत पर 21 नवंबर 2019 को तत्कालीन राजस्व निरीक्षक अनंगराज सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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आरोप है कि मंत्री रहते हुए आजम खां ने जिला सहकारी संघ की 302 वर्ग मीटर जमीन जिस पर क्वालिटी बार स्थित था, उसे मात्र 1200 रुपये मासिक किराये पर अपनी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के नाम करवा दिया। बाद में उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सह किरायेदार के रूप में जोड़ा गया।
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इस प्रकरण में जिला सहकारी संघ के तत्कालीन चेयरमैन सैयद जफर अली जाफरी की अध्यक्षता में प्रस्ताव पास हुआ था। पुलिस ने तीनों आजम खां, उनकी पत्नी और पुत्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की थी।
इसके बाद इसे एमपी-एमएलए अदालत में चुनौती दी गई। सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा के अनुसार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने भी शनिवार को याचिका खारिज कर दी। दूसरा मामला 17 अगस्त 2022 को दर्ज किया गया था।
इसमें शिकायतकर्ता अबरार हुसैन ने आरोप लगाया था कि आजम खां और उनके सहयोगियों ने उनके घर में घुसकर उन्हें और उनकी पत्नी को न्यायालय में गवाही न देने के लिए धमकाया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में आजम खां की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर शनिवार को सुनवाई करते हुए सेशन कोर्ट ने उन्हें राहत दी और जमानत मंजूर कर ली।