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मानसून में झमाझम बारिश को लेकर प्रशासन अलर्ट
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रामपुर। बारिश के लिहाज से रामपुर अतिवर्षा वाले जनपदों की श्रेणी में है, जिससे रामपुर मे कोसी और रामगंगा नदी उफान पर आ सकती हैं। ऐसे में बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन और सिंचाई विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में 35 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जबकि, हर तहसील में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं।
मानूसन दस्तक देने वाला है। ऐसे में यह संभव है कि जिले में उम्मीद से अधिक बरसात हो। इस बावत मौसम विभाग की ओर से अलर्ट भी जारी किया गया है। लिहाजा, जिले कोसी और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा पीलाखार नदी में भी जलस्तर अधिक हो सकता है। ऐसे में जिले में बाढ़ की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में मकानों आदि को खतरा हो सकता है, जिससे जान माल की हानि होने की पूरी संभावना है। इन खतरों को देखते हुए और बरसात के अलर्ट को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इसके तहत जिले की सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जबकि तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। जिले में 35 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर गढ़मुक्तेश्वर से नाव की व्यवस्था भी कराई जाएगी। वहीं, सिंचाई विभाग भी बाढ़ से बचाव के लिए तैयार है। विभागीय अफसरों के मुताबिक उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाली बोरे हैं, जिन्हें कटान होने की स्थिति में नदी के किनारे लगाया जा सकता है, ताकि कटान न हो और नुकसान कम से कम हो।
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मानूसन दस्तक देने वाला है। ऐसे में यह संभव है कि जिले में उम्मीद से अधिक बरसात हो। इस बावत मौसम विभाग की ओर से अलर्ट भी जारी किया गया है। लिहाजा, जिले कोसी और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। इसके अलावा पीलाखार नदी में भी जलस्तर अधिक हो सकता है। ऐसे में जिले में बाढ़ की समस्या हो सकती है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में मकानों आदि को खतरा हो सकता है, जिससे जान माल की हानि होने की पूरी संभावना है। इन खतरों को देखते हुए और बरसात के अलर्ट को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। इसके तहत जिले की सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जबकि तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं। जिले में 35 बाढ़ चौकियों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया गया है। इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर गढ़मुक्तेश्वर से नाव की व्यवस्था भी कराई जाएगी। वहीं, सिंचाई विभाग भी बाढ़ से बचाव के लिए तैयार है। विभागीय अफसरों के मुताबिक उनके पास पर्याप्त मात्रा में खाली बोरे हैं, जिन्हें कटान होने की स्थिति में नदी के किनारे लगाया जा सकता है, ताकि कटान न हो और नुकसान कम से कम हो।
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