आजम खां को झटका: जौहर ट्रस्ट की 70.005 हेक्टेयर जमीन पर प्रशासन ने लिया कब्जा, राजस्व विभाग ने पूरी की कागजी औपचारिकता
आजम खान ने रामपुर में मौलाना अली जौहर के नाम पर अल्पसंख्यक यूनिवर्सिटी स्थापित की थी। यूनिवर्सिटी को संचालित मौलाना मुहम्मद अली जौहर ट्रस्ट करता है। आजम खान इस ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जबकि उनकी पत्नी रामपुर शहर से विधायक डॉ. तंजीन फातिमा सचिव हैं।
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जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित जौहर यूनिवर्सिटी की 70.005 हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार में निहित करने के एडीएम कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट द्वारा बरकरार रखे जाने के बाद गुरुवार को राजस्व टीम ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर जमीन पर कब्जे (दखलनामे) की कार्रवाई पूरी कराई। तहसीलदार सदर की देखरेख में चली इस कार्रवाई के दौरान मौके पर दो लोगों से लिखित गवाही कराई गई। प्रशासन का कहना है कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन के निर्देश से अगला कदम तय होगा।
तहसीलदार सदर प्रमोद कुमार टीम के साथ जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी यूनिवर्सिटी प्रबंधन को दिखाई और दखलनामे पर वाइस चांसलर से हस्ताक्षर करने को कहा, लेकिन वाइस चांसलर ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि हम तो नौकर हैं। ऐसे में हम हस्ताक्षर कैसे कर सकते हैं। लिहाजा, तहसीलदार ने यूनिवर्सिटी में ही मौजूद दो अन्य लोगों से गवाही कराकर दखलनामे की कार्रवाई पूर्ण की। जमीन के किस हिस्से पर कौन सी इमारत बनी है, मौके पर जायजा लेकर इस जानकारी को सूचीबद्ध किया। प्रशासन के अनुसार अभिलेखों में अब ट्रस्ट की जमीन पर प्रशासन का कब्जा हो गया है।
इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय का संचालन यथावत होता रहेगा या उसमें कोई बदलाव होगा, इस सवाल के जवाब में प्रशासन का कहना है कि आज की कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। शासन के निर्देश के अनुसार अगली कार्रवाई का जाएगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद जौहर ट्रस्ट की 70.005 हेक्टेयर जमीन पर दखल लेने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी गए थे। दखलनामे की कार्रवाई पूरी करते हुए इसके प्रपत्र पर दो लोगों की गवाही कराई है। उनके हस्ताक्षर करवाए हैं। दखलनामे की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। -प्रमोद कुमार, तहसीलदार सदर, रामपुर
जौहर ट्रस्ट की जमीन पर दखलनामा हो गया है। तहसीलदार सदर ने दो लोगों की गवाही कराई है, जिसके बाद दखलनामे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जिसके बाद शासन के अग्रिम आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - जगदंबा प्रसाद गुप्ता, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, रामपुर
जनवरी 2021 में एडीएम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
सपा सांसद आजम खां की अध्यक्षता वाले जौहर ट्रस्ट को वर्ष 2005 में सरकार ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने की अनुमति कुछ शर्तों के साथ दी थी। भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के पूर्व क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना द्वारा जमीन की खरीद के समय तय शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत करने के बाद मामले में तूल पकड़ा और कार्रवाई आगे बढ़ती गई।
इस शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर तत्कालीन एसडीएम सदर पीपी तिवारी ने शिकायत की जांच की और शिकायत सही बताते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। इस पर डीएम कोर्ट में इस मामले में वाद दर्ज हुआ था, जिसकी सुनवाई एडीएम (प्रशासन) की कोर्ट में चली। 16 जनवरी 2021 को एडीएम (प्रशासन) जगदंबा प्रसाद गुप्ता की कोर्ट ने जौहर यूनिवर्सिटी की 12.5 एकड़ जमीन को छोड़कर 70.005 हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया था।
एडीएम कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। छह सितंबर को हाईकोर्ट ने जौहर ट्रस्ट की याचिका को खारिज करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) की कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था।