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मोदी के बाद राहुल भी बुंदेलखंड में फूंकेंगे चुनावी बिगुल
अमर उजाला, झांसी
Updated Tue, 29 Oct 2013 11:08 AM IST
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कभी सूखा तो कभी अत्यधिक वर्षा से हुई बरबादी के कारण बुंदेलखंड का किसान अपनी किस्मत पर आंसू बहाता रहा है।
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सियासी वायदों से किसानों की तकदीर बदले या न बदले, पर राजनीतिक दलों को लगता है कि बुंदेली धरा उनके लिए उपजाऊ मिट्टी साबित हो सकती है। यही कारण है कि पार्टियों का पूरा फोकस बुंदेलखंड पर है।
नरेंद्र मोदी की रैली का जवाब देने के लिए कांग्रेस ने भी अब बुंदेलखंड की धरती को चुना है। पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी 30 अक्तूबर को हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में हुंकार भरेंगे। रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है।
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गरीबी, बेरोजगारी एवं पिछड़ेपन से जूझ रहे बुंदेलखंड के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से में सात जनपद और चार संसदीय क्षेत्र हैं।
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में बांदा-चित्रकूट संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के आर के पटेल, हमीरपुर-महोबा से बहुजन समाज पार्टी के विजय बहादुर सिंह, झांसी-ललितपुर से कांग्रेस के प्रदीप जैन ‘आदित्य’ व जालौन से समाजवादी पार्टी के घनश्याम अनुरागी चुनाव जीते थे।
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नेताओं ने बदल ली पार्टी
लेकिन, वर्ष 2014 का चुनाव आते-आते दो सांसदों की राजनीतिक निष्ठाएं बदल चुकी हैं। सपा टिकट न मिलने से बांदा के सांसद हाथी पर सवार हो गए हैं और नरेंद्र मोदी की तारीफ करने के कारण बसपा सुप्रीमो ने हमीरपुर के सांसद विजय बहादुर सिंह को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अब उनकी निष्ठा कांग्रेस के साथ है।
टिकट कट जाने के कारण जालौन के सांसद भी सपा से नाराज चल रहे हैं। चुनाव के पहले वह भी कोई कदम उठा लें तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।
सियासी निष्ठाओं में बदलाव के बीच बुंदेलखंड में पचरम फहराने के लिए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने झांसी में रैली कर विपक्षियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बना लिया है।
इस दबाव से उबरने के लिए समाजवादी पार्टी 23 नवंबर को झांसी में मुलायम सिंह व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की रैली करने जा रही है। लेकिन, उससे पूर्व कांग्रेस ने 30 अक्तूबर को राठ के स्वामी ब्रह्मानंद कालेज के मैदान में राहुल गांधी की रैली आयोजित की है।
'एक लाख से अधिक लोग होंगे शामिल'
पूर्व में इस रैली की तिथि 22 अक्तूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन पार्टी ने करवा चौथ का हवाला देते हुए इसे तीस तक बढ़ा दिया था। हालांकि, जानकारों का मानना है कि पार्टी ने नरेंद्र मोदी की 25 अक्तूबर को होने वाली रैली को देखते हुए तिथि आगे बढ़ाई थी।
रैली की कमान संभाले केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ‘आदित्य’ का दावा है कि राहुल गांधी की रैली मोदी को काफी पीछे छोड़ देगी। मोदी की रैली में अन्य जनपदों के लोग शामिल हुए थे, जबकि राहुल की रैली विशुद्ध बुंदेलखंडवासियों की रैली है। उन्होंने एक लाख से अधिक लोगों के रैली में शामिल होने का दावा किया है।