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Raebareli News: राजनीति पर मुखर, जन समस्याओं पर चुप्पी
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डलमऊ में सिर पर सामान रखकर पानी के बीच से होकर निकलते ग्रामीण।
- फोटो : डलमऊ में सिर पर सामान रखकर पानी के बीच से होकर निकलते ग्रामीण।
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रायबरेली।
सांसद राहुल गांधी का दो दिवसीय दौरा खत्म हो गया है और अब इसके निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। सियासी गलियारों में आने वाले दिनों में बड़े घटनाक्रम की सुगबुगाहट है, तो प्रशासनिक अमले में भी बेचैनी दिख रही है। सियासत की गर्मी की तपिश से अभी कई और के भी झुलसने की उम्मीद है। अभी लोगों में चर्चा है कि दो दिन में रायबरेली को क्या मिला? कुछ भी तो नहीं...। डलमऊ में गंगा में आए उफान से ग्रामीण भगवान भरोसे हैं। गेगासों और गल्ला मंडी के ओवरब्रिज का निर्माण अधर में होने से समस्या गंभीर हो गई है।
रायबरेली का सियासी तापमान इन दिनों बढ़ा हुआ है। राहुल गांधी जब 10 सितंबर को यहां आए तो राजनीति चरम पर दिखी। गुलूपुर हाईवे पर राज्यमंत्री ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। यही नहीं, भाजपाइयों ने सांसद का काफिला भी रोक दिया। इस बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने राज्यमंत्री और भाजपा नेताओं पर हमले का आरोप लगाया। 11 सितंबर को दिशा की बैठक में उम्मीद जताई जा रही थी कि रायबरेली की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा होगी, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
बैठक में डलमऊ में बाढ़ से घिरे गांव, गेगासों में बंद गंगा पुल और शहर में क्षतिग्रस्त पड़े गल्ला मंडी के ओवरब्रिज की दशा पर एक शब्द नहीं सुनाई पड़ा। न अधिकारियों ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने इन महत्वपूर्ण विषयों पर बात करना जरूरी समझा। डलमऊ में हाल यह है कि बाढ़ से खेती बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों को गंदे पानी के बीच रहना पड़ रहा है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। अभी डलमऊ की कटरी के 13 गांवों के हालात बहुत खराब हैं।
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गेगासों गंगा पुल और गल्ली मंडी ओवरब्रिज विभागीय पालाबंदी में फंसा
सरेनी का गेगासों गंगा पुल जून माह से बंद है, जिससे रायबरेली और फतेहपुर का संपर्क टूट गया है। यह रायबरेली का सबसे व्यस्ततम पुल है। इसके पिलरों में खामी से पुल को मरम्मत कार्य न होने तक बंद कर दिया गया है। पुल से ट्रक, बस और भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इससे लालगंज मंडी का व्यापार 40 फीसदी तक गिर गया है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान दिल्ली की जांच के बाद पुल को बड़े वाहनों के लिए खतरनाक पाया गया, और उसे बंद कर दिया गया। मरम्मत का जिम्मा एनएचएआई के पास है, लेकिन विभागीय अधिकारी मरम्मत की जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
इसी तरह शहर के गल्ला मंडी में बने ओवरब्रिज का टर्फ क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण इसे भी बंद कर दिया गया है। इसकी मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम अभी तक निर्णय नहीं ले सके हैं। दोनों विभाग एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं।
सांसद राहुल गांधी का दो दिवसीय दौरा खत्म हो गया है और अब इसके निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। सियासी गलियारों में आने वाले दिनों में बड़े घटनाक्रम की सुगबुगाहट है, तो प्रशासनिक अमले में भी बेचैनी दिख रही है। सियासत की गर्मी की तपिश से अभी कई और के भी झुलसने की उम्मीद है। अभी लोगों में चर्चा है कि दो दिन में रायबरेली को क्या मिला? कुछ भी तो नहीं...। डलमऊ में गंगा में आए उफान से ग्रामीण भगवान भरोसे हैं। गेगासों और गल्ला मंडी के ओवरब्रिज का निर्माण अधर में होने से समस्या गंभीर हो गई है।
रायबरेली का सियासी तापमान इन दिनों बढ़ा हुआ है। राहुल गांधी जब 10 सितंबर को यहां आए तो राजनीति चरम पर दिखी। गुलूपुर हाईवे पर राज्यमंत्री ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया। यही नहीं, भाजपाइयों ने सांसद का काफिला भी रोक दिया। इस बीच कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने राज्यमंत्री और भाजपा नेताओं पर हमले का आरोप लगाया। 11 सितंबर को दिशा की बैठक में उम्मीद जताई जा रही थी कि रायबरेली की मूलभूत समस्याओं पर चर्चा होगी, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
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बैठक में डलमऊ में बाढ़ से घिरे गांव, गेगासों में बंद गंगा पुल और शहर में क्षतिग्रस्त पड़े गल्ला मंडी के ओवरब्रिज की दशा पर एक शब्द नहीं सुनाई पड़ा। न अधिकारियों ने और न ही जनप्रतिनिधियों ने इन महत्वपूर्ण विषयों पर बात करना जरूरी समझा। डलमऊ में हाल यह है कि बाढ़ से खेती बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों को गंदे पानी के बीच रहना पड़ रहा है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका है। अभी डलमऊ की कटरी के 13 गांवों के हालात बहुत खराब हैं।
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गेगासों गंगा पुल और गल्ली मंडी ओवरब्रिज विभागीय पालाबंदी में फंसा
सरेनी का गेगासों गंगा पुल जून माह से बंद है, जिससे रायबरेली और फतेहपुर का संपर्क टूट गया है। यह रायबरेली का सबसे व्यस्ततम पुल है। इसके पिलरों में खामी से पुल को मरम्मत कार्य न होने तक बंद कर दिया गया है। पुल से ट्रक, बस और भारी वाहनों का आवागमन बंद है। इससे लालगंज मंडी का व्यापार 40 फीसदी तक गिर गया है। केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान दिल्ली की जांच के बाद पुल को बड़े वाहनों के लिए खतरनाक पाया गया, और उसे बंद कर दिया गया। मरम्मत का जिम्मा एनएचएआई के पास है, लेकिन विभागीय अधिकारी मरम्मत की जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
इसी तरह शहर के गल्ला मंडी में बने ओवरब्रिज का टर्फ क्षतिग्रस्त हो गया है। इस कारण इसे भी बंद कर दिया गया है। इसकी मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम अभी तक निर्णय नहीं ले सके हैं। दोनों विभाग एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं।