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दो श्रमिक गिरे, एक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Thu, 16 Jun 2016 12:05 AM IST
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रायबरेली में श्रमिक की हुई मौत की जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ-इलाहाबाद राजमार्ग पर कन्नावां गांव के निकट स्थित विसाका इंडस्ट्रीज में छत पर सीमेंट चादर ठीक करते समय दो श्रमिक नीचे गिर गए। इससे एक श्रमिक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। चादर जर्जर थी और वह टूट गई, जिसके चलते दोनों श्रमिक 50 फीट नीचे गिर गए और हादसा हो गया। परिवारीजनों ने फैक्ट्री के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल में हंगामा किया।परिवारीजनों ने एफआईआर दर्ज कराए जाने की मांग की है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बछरावां थाना क्षेत्र के कन्नावां गांव स्थित सीमेंट की चादर बनाने वाली विसाका इंडस्ट्रीज में बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब कन्नावां गांव निवासी रामजी (22) पुत्र श्रीराम और राजन (20) पुत्र रामबरन समेत अन्य कई मजदूर फैक्ट्री की ऊपर की छत पर चढ़कर सीमेंट की चादरें बदल रहे थे। बताते हैं कि चादरें इतनी जर्जर थीं कि उसके बावजूद मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा के उपायों को ध्यान में रखते हुए उन्हें लगभग 50 फीट ऊपर चढ़ा दिया गया।
चादर ठीक करते समय रामजी और राजन पैर वहां पर लगे जर्जर चादरों में पड़ गए। इससे जर्जर चादर टूट गई। इससे दोनों पलक झपकते ही 50 फीट ऊंचाई से जमीन पर गिर पड़े। दोनों मजदूरों के जमीन पर गिरते ही फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। आनन-फानन दोनों मजदूरों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने रामजी को मृत घोषित कर दिया। वहीं राजन की हालत गंभीर बनी है। जिला अस्पताल में मृतक के भाई अनुराग, मनोज, पिता श्रीराम समेत अन्य ने हंगामा किया और हादसे के लिए फैक्ट्री के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
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कहा कि चादर जर्जर थी। बिना किसी सुरक्षा के चादर बदलवाई जा रही थी। इस मामले में फैक्ट्री अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। थानेदार विमल सिंह ने पहुंचकर मामले की जांच की। हादसे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक रामलाल अकेला व ब्लॉक प्रमुख विक्रांत अकेला ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की। फैक्ट्री के मैनेजर विष्णु पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री की छत की कुछ चादरें आंधी में उड़ गई थीं।
उसकी मरम्मत के लिए जगदीशपुर की मसूद इंजीनियरिंग कंपनी को ठेका दिया गया था। वही चादरें दुरुस्त करा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। हर दिन ढाई सौ रुपये की खातिर जान हथेली पर रखकर श्रमिक इस फैक्ट्री में काम करते हैं। बावजूद फैक्ट्री या फिर काम कराने वाली कंपनी की ओर से श्रमिकों की अनदेखी की जाती है। इस हादसे से पीड़ित परिवार में नाराजगी है।
जिला अस्पताल में पिता श्रीराम बेटे की मौत से आंसू नहीं थम रहे थे। कहना था कि बेटे के रिश्ते की बात चल रही थी, लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और मंजूर था। भाई अनुराग, मनोज, श्यामजी का कहना था कि ढाई सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी। लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। फैक्ट्री के अधिकारियों के खिलाफ एर्फआईआर दर्ज कराई जाएगी। मां जनक दुलारी के भी बेटे के खोने से आंसू नहीं थम रहे हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक हरिनारायण सिंह का कहना है कि विसाका फैक्ट्री में सीमेंट की चादर बिछाते समय एक श्रमिक की मौत हुई थी। जबकि दूसरा श्रमिक घायल हुआ है। हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच कराई जा रही है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बछरावां थाना क्षेत्र के कन्नावां गांव स्थित सीमेंट की चादर बनाने वाली विसाका इंडस्ट्रीज में बुधवार दोपहर 12 बजे के करीब कन्नावां गांव निवासी रामजी (22) पुत्र श्रीराम और राजन (20) पुत्र रामबरन समेत अन्य कई मजदूर फैक्ट्री की ऊपर की छत पर चढ़कर सीमेंट की चादरें बदल रहे थे। बताते हैं कि चादरें इतनी जर्जर थीं कि उसके बावजूद मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा के उपायों को ध्यान में रखते हुए उन्हें लगभग 50 फीट ऊपर चढ़ा दिया गया।
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चादर ठीक करते समय रामजी और राजन पैर वहां पर लगे जर्जर चादरों में पड़ गए। इससे जर्जर चादर टूट गई। इससे दोनों पलक झपकते ही 50 फीट ऊंचाई से जमीन पर गिर पड़े। दोनों मजदूरों के जमीन पर गिरते ही फैक्ट्री में हड़कंप मच गया। आनन-फानन दोनों मजदूरों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टर ने रामजी को मृत घोषित कर दिया। वहीं राजन की हालत गंभीर बनी है। जिला अस्पताल में मृतक के भाई अनुराग, मनोज, पिता श्रीराम समेत अन्य ने हंगामा किया और हादसे के लिए फैक्ट्री के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया।
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कहा कि चादर जर्जर थी। बिना किसी सुरक्षा के चादर बदलवाई जा रही थी। इस मामले में फैक्ट्री अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। थानेदार विमल सिंह ने पहुंचकर मामले की जांच की। हादसे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक रामलाल अकेला व ब्लॉक प्रमुख विक्रांत अकेला ने जिला अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की। फैक्ट्री के मैनेजर विष्णु पांडेय ने बताया कि फैक्ट्री की छत की कुछ चादरें आंधी में उड़ गई थीं।
उसकी मरम्मत के लिए जगदीशपुर की मसूद इंजीनियरिंग कंपनी को ठेका दिया गया था। वही चादरें दुरुस्त करा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ है। पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। हर दिन ढाई सौ रुपये की खातिर जान हथेली पर रखकर श्रमिक इस फैक्ट्री में काम करते हैं। बावजूद फैक्ट्री या फिर काम कराने वाली कंपनी की ओर से श्रमिकों की अनदेखी की जाती है। इस हादसे से पीड़ित परिवार में नाराजगी है।
जिला अस्पताल में पिता श्रीराम बेटे की मौत से आंसू नहीं थम रहे थे। कहना था कि बेटे के रिश्ते की बात चल रही थी, लेकिन शायद ऊपर वाले को कुछ और मंजूर था। भाई अनुराग, मनोज, श्यामजी का कहना था कि ढाई सौ रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती थी। लापरवाही के चलते हादसा हुआ है। फैक्ट्री के अधिकारियों के खिलाफ एर्फआईआर दर्ज कराई जाएगी। मां जनक दुलारी के भी बेटे के खोने से आंसू नहीं थम रहे हैं।
वहीं पुलिस अधीक्षक हरिनारायण सिंह का कहना है कि विसाका फैक्ट्री में सीमेंट की चादर बिछाते समय एक श्रमिक की मौत हुई थी। जबकि दूसरा श्रमिक घायल हुआ है। हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, इसकी जांच कराई जा रही है। मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।