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डायरिया से मासूम समेत दो की मौत, 10 भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Tue, 19 Jul 2016 12:38 AM IST
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कस्बे के चार मोहल्लों में डायरिया कहर बरपा रहा है। मासूम समेत दो लोगों की डायरिया से मौत हो गई, जबकि 10 पीड़ित भर्ती हैं। खास बात ये है कि एक तरफ लोग संक्रामक रोग बढ़ रहा है, वहीं रोगियों के इलाज के नाम पर महज खानापूरी की जा रही है। मोहल्लों में साफ-सफाई और जलभराव होने की समस्या बीमारी फैलने की मुख्य वजह बन रही है।
डलमऊ कस्बे के सेरेनेदाजपुर, खटिकाना व चौहट्टा मोहल्ले में कई दिन से डायरिया फैला हुआ था। अब टिकैतगंज मोहल्ले में भी संक्रामक रोग फैल गया है। रविवार रात टिकैतगंज निवासी कृष्णा (7) पुत्र शिवदत्त डायरिया की चपेट में आ गया। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया।
इसी मोहल्ला निवासी शिव प्रसाद (60) की डायरिया की चपेट में आने से घर पर ही मौत हो गई। इसके अलावा मृतक कृष्णा के दो भाई आनंद (3), यश (1) के अलावा आदित्य (10), प्रिया (24), शिवम (14), गंगा (2), अंकुर (6), दिनेश (9), सतेंद्र (10) और मुराईबाग निवासी सोनी (25) डायरिया की चपेट में हैं, जिनका सीएचसी में इलाज चल रहा है।
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कस्बे के चार मोहल्लों में डायरिया के फैलने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मोहल्लों में गंदगी पसरी है। जलभराव है, लेकिन निकासी के प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं। यही वजह है कि संक्रामक रोग का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
डलमऊ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि प्रभावित मोहल्लों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर पीड़ितों का इलाज कराया जा रहा है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। डायरिया की चपेट में आने वाले लोगों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। मोहल्लों पर पूरी नजर रखी जा रही है।
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डलमऊ कस्बे के सेरेनेदाजपुर, खटिकाना व चौहट्टा मोहल्ले में कई दिन से डायरिया फैला हुआ था। अब टिकैतगंज मोहल्ले में भी संक्रामक रोग फैल गया है। रविवार रात टिकैतगंज निवासी कृष्णा (7) पुत्र शिवदत्त डायरिया की चपेट में आ गया। हालत बिगड़ने पर परिवारीजन उसे लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां उसने दम तोड़ दिया।
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इसी मोहल्ला निवासी शिव प्रसाद (60) की डायरिया की चपेट में आने से घर पर ही मौत हो गई। इसके अलावा मृतक कृष्णा के दो भाई आनंद (3), यश (1) के अलावा आदित्य (10), प्रिया (24), शिवम (14), गंगा (2), अंकुर (6), दिनेश (9), सतेंद्र (10) और मुराईबाग निवासी सोनी (25) डायरिया की चपेट में हैं, जिनका सीएचसी में इलाज चल रहा है।
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कस्बे के चार मोहल्लों में डायरिया के फैलने से लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि मोहल्लों में गंदगी पसरी है। जलभराव है, लेकिन निकासी के प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं। यही वजह है कि संक्रामक रोग का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इसको लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं।
डलमऊ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संजीव कुमार का कहना है कि प्रभावित मोहल्लों में स्वास्थ्य टीमें भेजकर पीड़ितों का इलाज कराया जा रहा है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। डायरिया की चपेट में आने वाले लोगों के इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है। मोहल्लों पर पूरी नजर रखी जा रही है।