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बिजली उपकेंद्र में व्यापरियों ने दिया धरना, अफसरों को कोसा
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ऊंचाहार (रायबरेली)। नगर के रामलीला मैदान में मेला आयोजन को लेकर चल रहा विवाद तूल पकड़ रहा है। मंगलवार को व्यापारियों ने न सिर्फ बिजली उपकेंद्र में धरना दिया, बल्कि दुकानें बंद रखकर विरोध जताया।
इसके बाद तहसील प्रशासन ने गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों पक्षों की कोतवाली में बैठक बुलाई। दोनों पक्षों की बात सुनीं, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। तहसील प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति नहीं दी। अधिकारी मामला राजस्व परिषद में विचाराधीन होने की बात कह रहे हैं। मेला कमेटी ने जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत करने की बात कही है।
नगर के रामलीला मैदान में मेले के आयोजन को लेकर रामलीला कमेटी व एक व्यक्ति के मध्य विवाद चल रहा है। जमीन विवाद को लेकर कमिश्नर के न्यायालय से रामलीला मैदान के पक्ष में फैसला आया है।
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इसके बाद कमेटी दशहरा के अवसर पर मेले के आयोजन को लेकर प्रयासरत है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मामला विवादित होने की बात कहकर अनुमति देने से इंकार कर रहा है। इससे नाराज कमेटी व नगर के व्यापारियों ने मंगलवार को बिजली घर में प्रदर्शन किया।
दुकानदारों ने विरोध में दुकानें बंद रखीं। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम ने दोनों पक्षों को कोतवाली में बुलाया, जहां एसडीएम, तहसीलदार व सीओ की मौजूदगी में बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्षों की मेला लगाने पर सहमति नहीं बनी।
एसडीएम ने सहमति न बनने की वजह से प्रशासन ने मेले की अनुमति देने से इंकार कर दिया। इससे नाराज कमेटी के सदस्य वहां से चले गए। कमेटी के अध्यक्ष रमेश मौर्य ने बताया कि कोर्ट से रामलीला कमेटी के पक्ष में फैसला आने के बावजूद प्रशासन मेले की अनुमति नहीं दे रहा, लेकिन हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। जिलाधिकारी से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे।
एसडीएम विनय कुमार मिश्र ने बताया कि मामला राजस्व परिषद में विचाराधीन है। इसलिए बिना दोनों पक्षों की सहमित के मेले की परमीशन नहीं दी जा सकती है। हालांकि मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।
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इसके बाद तहसील प्रशासन ने गतिरोध को दूर करने के लिए दोनों पक्षों की कोतवाली में बैठक बुलाई। दोनों पक्षों की बात सुनीं, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। तहसील प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति नहीं दी। अधिकारी मामला राजस्व परिषद में विचाराधीन होने की बात कह रहे हैं। मेला कमेटी ने जिलाधिकारी से मिलकर मामले की शिकायत करने की बात कही है।
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नगर के रामलीला मैदान में मेले के आयोजन को लेकर रामलीला कमेटी व एक व्यक्ति के मध्य विवाद चल रहा है। जमीन विवाद को लेकर कमिश्नर के न्यायालय से रामलीला मैदान के पक्ष में फैसला आया है।
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इसके बाद कमेटी दशहरा के अवसर पर मेले के आयोजन को लेकर प्रयासरत है, लेकिन स्थानीय प्रशासन मामला विवादित होने की बात कहकर अनुमति देने से इंकार कर रहा है। इससे नाराज कमेटी व नगर के व्यापारियों ने मंगलवार को बिजली घर में प्रदर्शन किया।
दुकानदारों ने विरोध में दुकानें बंद रखीं। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम ने दोनों पक्षों को कोतवाली में बुलाया, जहां एसडीएम, तहसीलदार व सीओ की मौजूदगी में बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्षों की मेला लगाने पर सहमति नहीं बनी।
एसडीएम ने सहमति न बनने की वजह से प्रशासन ने मेले की अनुमति देने से इंकार कर दिया। इससे नाराज कमेटी के सदस्य वहां से चले गए। कमेटी के अध्यक्ष रमेश मौर्य ने बताया कि कोर्ट से रामलीला कमेटी के पक्ष में फैसला आने के बावजूद प्रशासन मेले की अनुमति नहीं दे रहा, लेकिन हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। जिलाधिकारी से मिलकर इसकी शिकायत करेंगे।
एसडीएम विनय कुमार मिश्र ने बताया कि मामला राजस्व परिषद में विचाराधीन है। इसलिए बिना दोनों पक्षों की सहमित के मेले की परमीशन नहीं दी जा सकती है। हालांकि मामले में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।