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Raebareli News: हरकत में आया रेल विभाग, खामी ढूंढ कर दूर कराएंगे
Thu, 19 Mar 2026 01:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:45 AM IST
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बछरावां। लखनऊ-रायबरेली रेलखंड पर बछरावां और कुंदनगंज रेलवे स्टेशनों के बीच ट्रैक के स्लीपरों के क्षतिग्रस्त होने के मामले को अब गंभीरता से लिया गया है। खबर छपने के बाद हरकत में आए रेल पथ से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों ने खामी तलाशनी शुरू कर दी है। पूरे क्षेत्र में जहां भी खामी मिलेगी, उसकी मरम्मत इसी महीने करा ली जाएगी।
बछरावां-कुंदनगंज स्टेशनों के बीच 120 से अधिक स्लीपर चटके हैं। इनमें कई टूट गए हैं तो कई स्लीपर की चॉबियां व बोल्ट भी निकले हैं। यह हालत उस रेलवे ट्रैक की है, जहां से हर रोज वंदेभारत के साथ ही पंजाब मेल, जनता मेल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं। सिर्फ बछरावां स्टेशन की बात करें तो अधीक्षक कक्ष के सामने ही स्लीपर टूटे नजर आ रहे हैं, फिर भी अधिकारियों-कर्मचारियों की नजर नहीं पड़ रही है। मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो रेलवे विभाग हरकत में आया।
स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि ट्रैक की खामियों को दूर कराने के लिए संबंधित इकाई को निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं भी रेलवे ट्रैक का मुआयना करा रहे हैं, ताकि खामियों का पता चल सके। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) शुभव श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों की टीम समय-समय पर रेलवे ट्रैक का परीक्षण करती रहती है। क्षतिग्रस्त स्लीपरों का पता लगाने के लिए टीम लगा दी गई है। जितने भी खराब स्लीपर हैं या फिर कोई भी खामी है, उसे जल्द दूर करा देंगे।
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बछरावां-कुंदनगंज स्टेशनों के बीच 120 से अधिक स्लीपर चटके हैं। इनमें कई टूट गए हैं तो कई स्लीपर की चॉबियां व बोल्ट भी निकले हैं। यह हालत उस रेलवे ट्रैक की है, जहां से हर रोज वंदेभारत के साथ ही पंजाब मेल, जनता मेल जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती हैं। सिर्फ बछरावां स्टेशन की बात करें तो अधीक्षक कक्ष के सामने ही स्लीपर टूटे नजर आ रहे हैं, फिर भी अधिकारियों-कर्मचारियों की नजर नहीं पड़ रही है। मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया तो रेलवे विभाग हरकत में आया।
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स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि ट्रैक की खामियों को दूर कराने के लिए संबंधित इकाई को निर्देश दिए गए हैं। वह स्वयं भी रेलवे ट्रैक का मुआयना करा रहे हैं, ताकि खामियों का पता चल सके। वरिष्ठ खंड अभियंता (रेल पथ) शुभव श्रीवास्तव ने बताया कि कर्मचारियों की टीम समय-समय पर रेलवे ट्रैक का परीक्षण करती रहती है। क्षतिग्रस्त स्लीपरों का पता लगाने के लिए टीम लगा दी गई है। जितने भी खराब स्लीपर हैं या फिर कोई भी खामी है, उसे जल्द दूर करा देंगे।
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