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नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल आज, आएंगे सीआरएस
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रायबरेली। लखनऊ-रायबरेली-अमेठी रेल मार्ग पर ट्रेनें फर्राटा भरेंगी। गंगागंज से रूपामऊ के बीच कराए गए दोहरीकरण कार्य को हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। वजह यह कि कार्यदायी संस्थाओं ने सोमवार को टेस्टिंग भी करा ली जिसमें सब कुछ ठीक मिला।
इस कार्य का निरीक्षण करने और स्पीड ट्रायल लेने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त मंगलवार को आ रहे हैं। उनके निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनें पहले से ज्यादा तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी। डबल ट्रैक होने से आवागमन में किसी तरह की बाधा भी नहीं आएगी।
लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक रेल लाइन का दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूरा करा लिया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने अपनी निगरानी में टेस्टिंग भी करा ली ताकि कहीं कोई खामी रह गई हो तो उसे समय से दूर करा लिया जाए। मंगलवार को होने वाले सीआरएस के निरीक्षण कार्यक्रम में भी किसी तरह की कोई कमी न मिलने पाए।
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सीआरएस के मंगलवार सुबह 10 बजे गंगागंज रेलवे स्टेशन पहुंचने की उम्मीद है। गंगागंज में निरीक्षण करने के बाद वह मोटर ट्रॉली से ट्रैक और रास्ते का मुआयना करते हुए रायबरेली पहुंचेंगे जहां करीब एक घंटे तक यार्ड का निरीक्षण होगा। इसके बाद मोटर ट्रॉली से रूपामऊ जाएंगे। शाम चार बजे स्पीड ट्रायल की संभावना है।
उतरेटिया से रायबरेली होते हुए अमेठी तक 125.7 किमी. रेल लाइन का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कराया जाना था। इसमें 108.96 किमी. का काम पूरा हो चुका है जिससे ट्रेनों का आवागमन भी हो रहा है। गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक 16.75 किमी. का हिस्सा दोहरीकरण-विद्युतीकरण से बाकी रह गया था जिसे अब पूरा कर लिया गया है और सीआरएस के निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
रायबरेली यार्ड की रिमॉडलिंग भी प्रमुख कार्य है जिसका निरीक्षण सीआरएस करेंगे। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सीआरएस के निरीक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों की ड्यूटी लग चुकी है।
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इस कार्य का निरीक्षण करने और स्पीड ट्रायल लेने के लिए रेल संरक्षा आयुक्त मंगलवार को आ रहे हैं। उनके निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके बाद ट्रेनें पहले से ज्यादा तेज रफ्तार से दौड़ सकेंगी। डबल ट्रैक होने से आवागमन में किसी तरह की बाधा भी नहीं आएगी।
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लखनऊ-वाराणसी रेल मार्ग पर गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक रेल लाइन का दोहरीकरण और विद्युतीकरण पूरा करा लिया गया है। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने अपनी निगरानी में टेस्टिंग भी करा ली ताकि कहीं कोई खामी रह गई हो तो उसे समय से दूर करा लिया जाए। मंगलवार को होने वाले सीआरएस के निरीक्षण कार्यक्रम में भी किसी तरह की कोई कमी न मिलने पाए।
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सीआरएस के मंगलवार सुबह 10 बजे गंगागंज रेलवे स्टेशन पहुंचने की उम्मीद है। गंगागंज में निरीक्षण करने के बाद वह मोटर ट्रॉली से ट्रैक और रास्ते का मुआयना करते हुए रायबरेली पहुंचेंगे जहां करीब एक घंटे तक यार्ड का निरीक्षण होगा। इसके बाद मोटर ट्रॉली से रूपामऊ जाएंगे। शाम चार बजे स्पीड ट्रायल की संभावना है।
उतरेटिया से रायबरेली होते हुए अमेठी तक 125.7 किमी. रेल लाइन का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कराया जाना था। इसमें 108.96 किमी. का काम पूरा हो चुका है जिससे ट्रेनों का आवागमन भी हो रहा है। गंगागंज से रायबरेली होते हुए रूपामऊ तक 16.75 किमी. का हिस्सा दोहरीकरण-विद्युतीकरण से बाकी रह गया था जिसे अब पूरा कर लिया गया है और सीआरएस के निरीक्षण के बाद हरी झंडी मिलने का इंतजार है।
रायबरेली यार्ड की रिमॉडलिंग भी प्रमुख कार्य है जिसका निरीक्षण सीआरएस करेंगे। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि सीआरएस के निरीक्षण की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों की ड्यूटी लग चुकी है।