फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   RL injection suspected, the sample sent for testing

आरएल इंजेक्शन संदिग्ध, नमूना जांच के लिए भेजा

Wed, 08 Jun 2016 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Wed, 08 Jun 2016 12:01 AM IST
विज्ञापन
RL injection suspected, the sample sent for testing
इंजेक्‍शन - फोटो : डेमो फोटो
जिले के सरकारी अस्पतालों में भर्ती रोगियों में इलाज के दौरान चढ़ने वाला रिंगर लैक्टेट (आरएल) इंजेक्शन संदिग्ध है। इंजेक्शन के चढ़ते ही रोगियों को दिक्कते होने पर आरएल इंजेक्शन को जांच के लिए भेजा गया है। यह इंजेक्शन अमूमन भर्ती होते ही पहले स्टेज में रोगियों में चढ़ाया जाता है।
विज्ञापन


डायरिया, उल्टी आदि के केस में इसका प्रयोग प्राथमिकता पर किया जाता है। शिकायत पर सीएमओ ने औषधि सुरक्षा अधिकारी ने तीनों बैच के आरएल इंजेक्शन का नमूना भरवाकर जांच के लिए भेजा है।
विज्ञापन


सीएचसी डलमऊ समेत कई सरकारी अस्पतालों में रिंगर लैक्टेट इंजेक्शन चढ़ाने के बाद रोगियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसी को ठंड लगी तो किसी को अन्य प्रकार की समस्या हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधीक्षकों ने इसकी शिकायत सीएमओ ने की तो सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए औषधि सुरक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर आरएल इंजेक्शन की जांच कराने का अनुरोध किया।

सीएमओ के पत्र पर मंगलवार को औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने सीएमओ कार्यालय के औषधि भंडार पहुंचकर आरएल इंजेक्शन के बैच नंबर एफ16ए017, एफ16ए003 और एफ16ए023 का नमूना भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।

औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरएल इंजेक्शन गुणवत्ता के बारे में कुछ बताया जा सकता है।  शासन द्वारा तय रेट से अधिक रेट में बाजार में दवाओं की बिक्री की शिकायतें मिलने के बाद एफएसडीए ने जांच शुरू कर दी है।

औषधि सुरक्षा अधिकारी सुमित वर्मा ने मंगलवार को बराराबुजुर्ग में श्याम मेडिकल स्टोर से सिट्रोबेस्ट-10 और कठघर में तन्मय मेडिकल स्टोर से लेरियागो डीएस-500 एमजी के रेट के लिए नमूने लिए हैं। औषधि सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन से तय रेट से दवाओं की बिक्री के रेट की जांच कराई जाएगी।


रेट में अंतर मिलने पर शासन स्तर से कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. राकेश कुमार यादव ने बताया कि रिंगर लैक्ट्रेट इंजेक्शन (आरएल) की शिकायतें सीएचसी से आने के बाद उसकी गुणवत्ता को जंचवाने के लिए नमूना भरवाया गया है। अधीक्षकों को चेक करने के बाद ही आरएल का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ी तो आरएल के प्रयोग पर रोक लगा दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed