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आखिरी दिन ठिकानें लगा दिया करोड़ों का बजट
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रायबरेली। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन बृहस्पतिवार को अधिकारी सब काम छोड़ कर बजट ठिकाने लगाने में जुटे रहे। देर रात तक कोषागार के अधिकारियों के सहयोग से करोड़ों का बजट ठिकाने लगा दिया गया। कोषागार में बजट को लेकर इतनी सरगर्मी रही कि कोई भी अधिकारी बात करने को तैयार नहीं हुआ।
हर हाल में रात 12 बजे तक बजट को लैप्स होने से बचाने के लिए गुणा भाग की गई। स्वास्थ्य विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए। कार्यालयों में देर रात तक काम होता रहा।
वित्तीय वर्ष 2021-22 का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन था। चुनाव के कारण विभाग समय से बजट खर्च नहीं कर पाए। हालांकि पिछले एक सप्ताह से सभी विभाग किसी न किसी तरह बजट को खर्च करने में जुटे रहे, लेकिन बृहस्पतिवार को आखिरी दिन तो हर विभाग ने बजट ठिकाने लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
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पिछले साल दो दिन पहले ही खर्च होने वाले बजट का हिसाब हो गया था, लेकिन इस साल देर रात तक बजट ठिकाने लगाने का प्रयास चलता रहा।
सीएमओ कार्यालय में बृहस्पतिवार देर रात तक अधिकारी बिल बनाने और कोषागार पहुंचकर बजट को ठिकाने लगाने में जुटे रहे। इसके बाद भी करोड़ों का बजट खर्च होने से रह गया।
यही हाल बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी देखने को मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर हाल में बजट को खर्च करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके अलावा आपूर्ति विभाग, पंचायतीराज विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों में भी देर रात तक बजट को ठिकाने लगाने के लिए काम किया गया।
उच्चाधिकारियों ने देर रात तक बिल लेकर भुगतान के आदेश दिए हैं। इसी कारण विभागों से आने वाले बिलों में भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। यह काम देर रात तक चलेगा। रात 11 बजे के बाद ही खर्च न हो पाने वाले बजट की रिपोर्ट स्पष्ट हो पाएगी। अधिक से अधिक बजट खर्च करने का प्रयास किया जा रहा है।
- जितेंद्र सिंह, कोषाधिकारी
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हर हाल में रात 12 बजे तक बजट को लैप्स होने से बचाने के लिए गुणा भाग की गई। स्वास्थ्य विभाग व बेसिक शिक्षा विभाग सहित कई अन्य विभाग पूरा बजट खर्च नहीं कर पाए। कार्यालयों में देर रात तक काम होता रहा।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 का बृहस्पतिवार को आखिरी दिन था। चुनाव के कारण विभाग समय से बजट खर्च नहीं कर पाए। हालांकि पिछले एक सप्ताह से सभी विभाग किसी न किसी तरह बजट को खर्च करने में जुटे रहे, लेकिन बृहस्पतिवार को आखिरी दिन तो हर विभाग ने बजट ठिकाने लगाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
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पिछले साल दो दिन पहले ही खर्च होने वाले बजट का हिसाब हो गया था, लेकिन इस साल देर रात तक बजट ठिकाने लगाने का प्रयास चलता रहा।
सीएमओ कार्यालय में बृहस्पतिवार देर रात तक अधिकारी बिल बनाने और कोषागार पहुंचकर बजट को ठिकाने लगाने में जुटे रहे। इसके बाद भी करोड़ों का बजट खर्च होने से रह गया।
यही हाल बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भी देखने को मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों ने हर हाल में बजट को खर्च करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके अलावा आपूर्ति विभाग, पंचायतीराज विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग सहित अन्य विभागों में भी देर रात तक बजट को ठिकाने लगाने के लिए काम किया गया।
उच्चाधिकारियों ने देर रात तक बिल लेकर भुगतान के आदेश दिए हैं। इसी कारण विभागों से आने वाले बिलों में भुगतान की प्रक्रिया चल रही है। यह काम देर रात तक चलेगा। रात 11 बजे के बाद ही खर्च न हो पाने वाले बजट की रिपोर्ट स्पष्ट हो पाएगी। अधिक से अधिक बजट खर्च करने का प्रयास किया जा रहा है।
- जितेंद्र सिंह, कोषाधिकारी