{"_id":"571d08b34f1c1b44658b4c52","slug":"question-paper-raging-candidate-envelope-is-open-sabotage","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रश्नपत्र का लिफाफा खुला होने पर भड़के परीक्षार्थी, तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रश्नपत्र का लिफाफा खुला होने पर भड़के परीक्षार्थी, तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
रायबरेली में रविवार को केंद्र फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक में हुए हंगामे व तोडफ़ोड़ के बाद कनिष्ठ सहायक पद की परीक्षा देने आए छात्रों व पुलिस के बीच होती नोकझोंक।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कनिष्ठ सहायक (सामान्य चयन) की परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों ने रविवार को फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक परीक्षा केंद्र में जमकर हंगामा किया। लिफाफा खुला होने पर पर्चा लीक होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने न सिर्फ परीक्षा केंद्र पर तोड़फोड़ की बल्कि सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया।
बवाल की सूचना मिलते ही मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ एडीएम और सीओ सदर पहुंचीं। परीक्षार्थियों की उनसे नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लाठियां पटककर अभ्यर्थियों को खदेड़ा। इस दौरान पर्चा लीक होने का आरोप लगाते हुए 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
शहर के रतापुर स्थित फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक को कनिष्ठ सहायक (सामान्य चयन) को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर 600 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचे और पर्चा वितरण शुरू किया गया।
विज्ञापन
इसी दौरान तमाम परीक्षार्थियों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि लिफाफा खुला था। पर्चा लीक हो गया है। लिफाफा उनके सामने खुलना चाहिए था। देखते ही देखते और भी तमाम अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। सभी ने केंद्र पर रखीं कुर्सियां, मेज और शीशों को तोड़ना शुरू दिया। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई।
सभी नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही मिल एरिया, सदर कोतवाली समेत कई थानों की फोर्स के अलावा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद और सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गईं। अभ्यर्थियों को शांत कराने का प्रयास किया गया लेकिन उनका गुस्सा कम नहीं हुआ।
इस दौरान अफसरों और परीक्षार्थियों को बीच तीखी तकरार भी हुई। अभ्यर्थियों में गुस्सा इस कदर था कि वह अफसरों के समझाने-बुझाने पर शांत नहीं हो रहे थे। यही वजह रही कि एक घंटे तक परीक्षा केंद्र के बाहर बवाल की स्थिति रही।
अंतत: पुलिस ने लाठियां जमीन पर पटककर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद परीक्षा कराई जा सकी। अभ्यर्थियों को काबू में करने में अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं पर्चा लीक की बात कहते हुए 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा देने आए इलाहाबाद के अभ्यर्थियों में अनिल कुमार, रवि पांडेय, अभिषेक, सचिन, आशीष, राहुल सिंह आदि का कहना था कि पर्चा लीक किया गया था। पहले ही लिफाफा खोल दिया गया था। इसका विरोध किया तो पुलिस ने डंडे के बल पर उन्हें केंद्र से बाहर खदेड़ दिया। इस मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि परीक्षा में हो रही मनमानी को रोका जा सके।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों ने पर्चा लीक का आरोप लगाते हुए बवाल किया था। जिसकी सूचना पर पहुंचकर मामले को शांत करा दिया गया था। पर्चा लीक नहीं हुआ था।
आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में बकायदा लिफाफा खुलवाकर पर्चा का वितरण कराया गया था। अभ्यर्थियों ने बेवजह बवाल किया। जो अभ्यर्थी परीक्षा देना चाहते थे, उन्होंने परीक्षा दी। 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया।
विज्ञापन
बवाल की सूचना मिलते ही मौके पर कई थानों की फोर्स के साथ एडीएम और सीओ सदर पहुंचीं। परीक्षार्थियों की उनसे नोकझोंक भी हुई। पुलिस ने लाठियां पटककर अभ्यर्थियों को खदेड़ा। इस दौरान पर्चा लीक होने का आरोप लगाते हुए 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
विज्ञापन
शहर के रतापुर स्थित फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक को कनिष्ठ सहायक (सामान्य चयन) को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। परीक्षा केंद्र पर 600 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र के अंदर पहुंचे और पर्चा वितरण शुरू किया गया।
विज्ञापन
इसी दौरान तमाम परीक्षार्थियों ने यह कहते हुए हंगामा शुरू कर दिया कि लिफाफा खुला था। पर्चा लीक हो गया है। लिफाफा उनके सामने खुलना चाहिए था। देखते ही देखते और भी तमाम अभ्यर्थी आक्रोशित हो गए। सभी ने केंद्र पर रखीं कुर्सियां, मेज और शीशों को तोड़ना शुरू दिया। इससे वहां पर अफरातफरी मच गई।
सभी नारेबाजी करते हुए सड़क पर आ गए और जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही मिल एरिया, सदर कोतवाली समेत कई थानों की फोर्स के अलावा अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व शीतला प्रसाद और सीओ सदर श्वेता श्रीवास्तव मौके पर पहुंच गईं। अभ्यर्थियों को शांत कराने का प्रयास किया गया लेकिन उनका गुस्सा कम नहीं हुआ।
इस दौरान अफसरों और परीक्षार्थियों को बीच तीखी तकरार भी हुई। अभ्यर्थियों में गुस्सा इस कदर था कि वह अफसरों के समझाने-बुझाने पर शांत नहीं हो रहे थे। यही वजह रही कि एक घंटे तक परीक्षा केंद्र के बाहर बवाल की स्थिति रही।
अंतत: पुलिस ने लाठियां जमीन पर पटककर अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र से बाहर खदेड़ दिया। इसके बाद परीक्षा कराई जा सकी। अभ्यर्थियों को काबू में करने में अफसरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वहीं पर्चा लीक की बात कहते हुए 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा देने आए इलाहाबाद के अभ्यर्थियों में अनिल कुमार, रवि पांडेय, अभिषेक, सचिन, आशीष, राहुल सिंह आदि का कहना था कि पर्चा लीक किया गया था। पहले ही लिफाफा खोल दिया गया था। इसका विरोध किया तो पुलिस ने डंडे के बल पर उन्हें केंद्र से बाहर खदेड़ दिया। इस मामले की जांच होनी चाहिए, ताकि परीक्षा में हो रही मनमानी को रोका जा सके।
एडीएम वित्त एवं राजस्व ने बताया कि फिरोज गांधी पॉलीटेक्निक में परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों ने पर्चा लीक का आरोप लगाते हुए बवाल किया था। जिसकी सूचना पर पहुंचकर मामले को शांत करा दिया गया था। पर्चा लीक नहीं हुआ था।
आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में बकायदा लिफाफा खुलवाकर पर्चा का वितरण कराया गया था। अभ्यर्थियों ने बेवजह बवाल किया। जो अभ्यर्थी परीक्षा देना चाहते थे, उन्होंने परीक्षा दी। 300 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया।