फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   Protest for rasan card

राशन कार्ड के सत्यापन के दौरान ग्रामीण भड़के, जिला दिव्यांग व कल्याण अधिकारी को बंधक बनाया

Fri, 20 May 2022 10:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 May 2022 10:03 PM IST
विज्ञापन
Protest  for rasan card
रायबरेली/जगतपुर। ब्लॉक क्षेत्र के दौलतपुर गांव में शुक्रवार को राशन कार्डों के सत्यापन के दौरान जिला दिव्यांग एवं कल्याण अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
विज्ञापन

ग्रामीणों ने उन्हें स्कूल में बंद करके ताला डाल दिया। अधिकारियों को सूचना न दे सकें, इसके लिए उनका मोबाइल भी छीन लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारी के साथ गाली-गलौज के साथ हाथापाई की।
विज्ञापन

किसी तरह मामले की जानकारी जगतपुर थाने पहुंची तो पुलिस ने करीब ढाई घंटे बाद अधिकारी, कनिष्ठ लिपिक और चालक को मुक्त कराया।
मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम ऊंचाहार थाने पहुंचे और अधिकारी से घटना का ब्यौरा लिया। जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के दौलतपुर गांव में ग्रामीणों के राशन कार्डों का सत्यापन होना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसकी जिम्मेदारी जिला दिव्यांग एवं कल्याण अधिकारी मनीष कुमार मिश्रा को सौंपी गई थी। जिला दिव्यांग एवं कल्याण अधिकारी दोपहर को दौलतपुर गांव पहुंचे। यहां पर प्राथमिक स्कूल में ग्रामीण एकत्र थे।
राशन कार्डों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने से पहले अधिकारी ने राशन कार्डों के सत्यापन को लेकर जारी गाइडलाइन पढ़नी शुरू की।
इस दौरान ग्रामीण भड़क गए और कहा कि कोई भी राशन कार्ड गलत नहीं है। इसलिए कार्डों का सत्यापन नहीं होगा। अधिकारी ने राशन कार्डों के सत्यापन की बात कही तो हंगामा शुरू हो गया।
हंगामा होते देख जिला दिव्यांग एवं कल्याण अधिकारी ने कनिष्ठ लिपिक प्रभात बाजपेयी के साथ वाहन पर बैठकर जाने का प्रयास किया, तो ग्रामीणों ने सभी को बंधक बना लिया।
ग्रामीणों ने अधिकारी से गाली-गलौज की। नाराज लोग हाथापाई पर उतर आए। गुस्साएं ग्रामीणों ने अधिकारी और लिपिक के साथ चालक को बंधक बनाकर स्कूल में बंद कर दिया। अधिकारी किसी को सूचना न दे सके, इसके लिए उनका मोबाइल भी छीन लिया।
उधर, किसी तरह जगतपुर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को मुक्त कराया और थाने लाई। जानकारी होने पर एसडीएम राजेश कुमार ने थाने पहुंचकर अधिकारी से घटना के बारे में जानकारी हासिल की। बाद में पुलिस ने मोबाइल वापस कराया।
दौलतपुर ग्राम प्रधान राम बहादुर ने बताया कि कार्ड का सत्यापन किया जा रहा था, तभी सत्यापन करने वाले अधिकारी ने प्रधान और कोटेदार के प्रति अपशब्दों का प्रयोग किया। इस पर कार्डधारक भड़क गए और कहासुनी हो गई।
उन्होंने किसी को बंधक बनाए जाने की बात से इंकार किया। उधर, जगतपुर कोतवाल हरिकेश सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। तहरीर मिलने पर केस दर्ज किया जाएगा।
जिलाधिकारी और जिला पूर्ति अधिकारी के आदेश पर दौलतपुर गांव राशन कार्डों के सत्यापन के लिए गया था। कार्डों के पात्र और अपात्र लोगों की शासन की ओर से जारी गाइडलाइन पढ़ने के दौरान ग्रामीण भड़क गए और स्कूल में बंधक बना लिया। गाली-गलौज की। ढाई घंटे तक बंधक बनाए रखा। साथ में गए अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जान से मारने की धमकी दी। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। डीएम से बात करने के बाद तहरीर देकर केस दर्ज कराया जाएगा।

मनीष कुमार मिश्रा, जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी
जिला दिव्यांग एवं कल्याण अधिकारी डीएम के आदेश पर दौलतपुर में कार्डों का सत्यापन करने गए थे। कायदे से घर-घर जाकर कार्डों का सत्यापन करना चाहिए। प्राथमिक स्कूल में कार्डधारक एकत्र हो गए। इस दौरान पात्र और अपात्र कार्डों को लेकर लोग भड़क गए। कुछ लोगों ने स्कूल में ताला डाल दिया। जानकारी होने पर पुलिस फोर्स भेजकर अधिकारी को गांव से निकाला गया। थाने में उनका बयान दर्ज कराया गया। ग्रामीणों को समझाकर शांत करा दिया गया। अब वह स्वयं राशन कार्डों का सत्यापन करेंगे।
राजेश कुमार, उपजिलाधिकारी, ऊंचाहार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed