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250 एमवीए पहुंची बिजली की मांग, अघौषित कटौती ने छीना चैन
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रायबरेली। गर्मी चरम पर है। झुलसा देने वाले हवा के थपेड़ों से बचने के लिए लोग दोपहर में घरों में कैद हो जाते हैं। घरों में लगे कूलर, पंखा व एसी शोपीस बने हए हैं।
दोपहर में ज्यादातर बिजली गुल रहती है। शाम और सुबह तो बिजली रहती है लेकिन 10 बजे के बाद जैसे ही धूप चटक होती है, वैसे ही बिजली गुल हो जाती है। जिससे जिले में 32 लाख की आबादी प्रभावित है।
शहर में ट्रिपिंग की समस्या से भी उपभोक्ता बेहाल हैं। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग भी बढ़ रही है। चार दिन पहले यह मांग 225 मेगा वाट यूनिट (एमवीए) थी, जो अब 250 तक पहुंच गई है।
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इस वजह से ग्रामीण आंचल में 18 में से महज आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है। अधीक्षण अभियंता वाईएन राम का कहना है कि जितनी बिजली मिल रही है, उतनी दी जा रही है।
कहीं ट्रांसफार्मर तो कहीं उड़ रहे जंफर
सलोन। ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बेपटरी है। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं जंफर उड़ रहे हैं। इन अव्यवस्थाओं के बीच आपूर्ति होती भी है तो अघोषित कटौती हो जाती है।
अवर अभियंता रंजन कुमार ने बताया कि सलोन तहसील को इक्कीस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे का शेड्यूल निर्धारित है। इस दौरान इमरजेंसी कटौती की जा रही है।
बुधवार रात को कस्बे के मानिकपुर तिराहे पर एक ट्रांसफार्मर जलने से घंटों बिजली गुल रही। जैसे ही आपूर्ति शुरू हुई तो रोस्टिंग हो गई। उपखंड अधिकारी इंदु शेखर ने बताया कि ट्रांसमिशन से जितनी बिजली मिलती है, उतनी आपूर्ति हो रही है।
उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल
जगतपुर-गदागंज। ब्लॉक क्षेत्र के दो लाख लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। ऊपर से बिजली कटौती और समस्या बनी है। 18 घंटे में कभी पांच तो कभी आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। जगतपुर के गोकुलपुर गांव के फिरोज अहमद, पूरे सोनारन के राजकुमार यादव, गदागंज क्षेत्र के पूरे ठाकुरगंज के जमुना प्रसाद दीक्षित और पूरे सूबेदार के मोनू सिंह बिजली कटौती से परेशान हैं।
इसके अलावा उपभोक्ता बाबूलाल, विपुल, सोनू सिंह, अजय पाल सिंह, राधेश्याम, शिवप्रताप सिंह, गौरव द्विवेदी का कहना है कि बिजली सिर्फ मजाक बन गई है। आठ से दस घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो रही है। इससे जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं बिजली के अभाव में नलकूप भी नहीं चल रहे है। एसडीओ वरुण कुमार ने बताया कि जितनी बिजली मिलती है, उतनी आपूर्ति हो रही है।
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दोपहर में ज्यादातर बिजली गुल रहती है। शाम और सुबह तो बिजली रहती है लेकिन 10 बजे के बाद जैसे ही धूप चटक होती है, वैसे ही बिजली गुल हो जाती है। जिससे जिले में 32 लाख की आबादी प्रभावित है।
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शहर में ट्रिपिंग की समस्या से भी उपभोक्ता बेहाल हैं। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग भी बढ़ रही है। चार दिन पहले यह मांग 225 मेगा वाट यूनिट (एमवीए) थी, जो अब 250 तक पहुंच गई है।
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इस वजह से ग्रामीण आंचल में 18 में से महज आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है। अधीक्षण अभियंता वाईएन राम का कहना है कि जितनी बिजली मिल रही है, उतनी दी जा रही है।
कहीं ट्रांसफार्मर तो कहीं उड़ रहे जंफर
सलोन। ब्लॉक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बेपटरी है। कहीं ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं तो कहीं जंफर उड़ रहे हैं। इन अव्यवस्थाओं के बीच आपूर्ति होती भी है तो अघोषित कटौती हो जाती है।
अवर अभियंता रंजन कुमार ने बताया कि सलोन तहसील को इक्कीस घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे का शेड्यूल निर्धारित है। इस दौरान इमरजेंसी कटौती की जा रही है।
बुधवार रात को कस्बे के मानिकपुर तिराहे पर एक ट्रांसफार्मर जलने से घंटों बिजली गुल रही। जैसे ही आपूर्ति शुरू हुई तो रोस्टिंग हो गई। उपखंड अधिकारी इंदु शेखर ने बताया कि ट्रांसमिशन से जितनी बिजली मिलती है, उतनी आपूर्ति हो रही है।
उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल
जगतपुर-गदागंज। ब्लॉक क्षेत्र के दो लाख लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। ऊपर से बिजली कटौती और समस्या बनी है। 18 घंटे में कभी पांच तो कभी आठ घंटे ही बिजली मिल रही है। जगतपुर के गोकुलपुर गांव के फिरोज अहमद, पूरे सोनारन के राजकुमार यादव, गदागंज क्षेत्र के पूरे ठाकुरगंज के जमुना प्रसाद दीक्षित और पूरे सूबेदार के मोनू सिंह बिजली कटौती से परेशान हैं।
इसके अलावा उपभोक्ता बाबूलाल, विपुल, सोनू सिंह, अजय पाल सिंह, राधेश्याम, शिवप्रताप सिंह, गौरव द्विवेदी का कहना है कि बिजली सिर्फ मजाक बन गई है। आठ से दस घंटे ही विद्युत आपूर्ति हो रही है। इससे जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं, वहीं बिजली के अभाव में नलकूप भी नहीं चल रहे है। एसडीओ वरुण कुमार ने बताया कि जितनी बिजली मिलती है, उतनी आपूर्ति हो रही है।