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एएनएमटीसी में जल्द शुरू होगी नर्सिंग की पढ़ाई
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रायबरेली। सीएमओ कार्यालय स्थित एएनएमटीसी में जल्द ही नर्सिंग की पढ़ाई शुरू कराने के लिए सोमवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी पहुंचे। भवन में चल रहे काम को देखा। पूरे परिसर में घूमकर सीमओ को तत्काल काम पूरा कराने के आदेश दिए, जिससे जल्द ही नर्सिंग की पढ़ाई का काम आरंभ कराया जा सके। इससे पहले उन्होंने जिला अस्पताल में अधिकारियों के साथ बैठक की और अस्पताल में घूमकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
शासन स्तर से वर्ष 1989 में सीएमओ कार्यालय में संचालित नर्सिंग संस्थान को बंद करा दिया था। इसके बाद से इस भवन को विभाग गोदाम के रूप में उपयोग कर रहा है। बेटियों को एएनएम की डिग्री के लिए निजी संस्थानों में अधिक रुपये देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अब सरकार ने प्रदेश के 13 एएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को संचालित करने का निर्णय लिया है। इसमें करीब 32 साल बाद सीएमओ कार्यालय स्थित एएनएम प्रशिक्षण संस्थान के संचालित करने का मौका मिला है। इस संस्थान को एएनएम के दो वर्षीय कोर्स के लिए करीब 50 सीटें मिलने की उम्मीद हैं।
सोमवार को अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी ने एएनमटीसी में चल रहे काम को देखा। उन्होंने पूरे परिसर में घूमकर व्यवस्था को देखा। परिसर को साफसुथरा करने के आदेश दिए। उन्होंने संस्थान के संबंध में सीएमओ ने पूरी जानकारी भी ली। उन्होंने जल्द ही काम को पूरा कराने के आदेश दिए, जिससे नर्सिंग की पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू कराई जा सके। इससे पहले उन्होंने जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अपर निदेशक ने एएनएमटीसी का निरीक्षण किया। जल्द ही काम को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे नर्सिंग की पढ़ाई का काम आरंभ कराया जा सके।
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संस्थान में रुकने, भोजन आदि की होगी व्यवस्था
एएनएम प्रशिक्षण संस्थान में दाखिला मिलने के बाद अभ्यर्थियों को संस्थान में रुकने और भोजन सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसीलिए हॉस्टल की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को हॉस्टल में रुककर ही पढ़ाई करनी होगी। सरकार की ओर से प्रशिक्षण संस्थान में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में मिले अंकों के आधार पर बनने वाली मेरिट के हिसाब से दाखिले की व्यवस्था होगी।
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शासन स्तर से वर्ष 1989 में सीएमओ कार्यालय में संचालित नर्सिंग संस्थान को बंद करा दिया था। इसके बाद से इस भवन को विभाग गोदाम के रूप में उपयोग कर रहा है। बेटियों को एएनएम की डिग्री के लिए निजी संस्थानों में अधिक रुपये देकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। अब सरकार ने प्रदेश के 13 एएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को संचालित करने का निर्णय लिया है। इसमें करीब 32 साल बाद सीएमओ कार्यालय स्थित एएनएम प्रशिक्षण संस्थान के संचालित करने का मौका मिला है। इस संस्थान को एएनएम के दो वर्षीय कोर्स के लिए करीब 50 सीटें मिलने की उम्मीद हैं।
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सोमवार को अपर निदेशक डॉ. जीएस बाजपेयी ने एएनमटीसी में चल रहे काम को देखा। उन्होंने पूरे परिसर में घूमकर व्यवस्था को देखा। परिसर को साफसुथरा करने के आदेश दिए। उन्होंने संस्थान के संबंध में सीएमओ ने पूरी जानकारी भी ली। उन्होंने जल्द ही काम को पूरा कराने के आदेश दिए, जिससे नर्सिंग की पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू कराई जा सके। इससे पहले उन्होंने जिला अस्पताल में भी स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अपर निदेशक ने एएनएमटीसी का निरीक्षण किया। जल्द ही काम को पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे नर्सिंग की पढ़ाई का काम आरंभ कराया जा सके।
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संस्थान में रुकने, भोजन आदि की होगी व्यवस्था
एएनएम प्रशिक्षण संस्थान में दाखिला मिलने के बाद अभ्यर्थियों को संस्थान में रुकने और भोजन सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसीलिए हॉस्टल की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को हॉस्टल में रुककर ही पढ़ाई करनी होगी। सरकार की ओर से प्रशिक्षण संस्थान में सभी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में मिले अंकों के आधार पर बनने वाली मेरिट के हिसाब से दाखिले की व्यवस्था होगी।