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इलाज में लापरवाही, जच्चा-बच्चा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sat, 30 Jul 2016 11:37 PM IST
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नवजात की मौत
- फोटो : getty images
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की लापरवाही से शनिवार को जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। पहले बच्चे और फिर उसकी मां ने दम तोड़। दोनों की मौत के बाद परिवारीजनों का गुस्सा फूट पड़ा। घर वालों ने सीएचसी में डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर हंगामा किया।
इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक रामलाल अकेला ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। तिलेंडा गांव की रहने वाली श्रीकांती को प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजनों ने शुक्रवार को सीएचसी में भर्ती कराया। वहां पर शनिवार सुबह उसने बच्चे को जन्म दिया।
इसके कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। इसके बाद अचानक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। इस पर डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे रायबरेली ले जा रहे थे, तभी रास्ते में प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत पर परिवारीजन आक्रोशित हो उठे।
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मृतका के पति जय सिंह का आरोप है कि बच्चे को समुचित उपचार नहीं मिला, इससे उसकी मौत हुई। यही नहीं श्रीकांती की हालत बिगड़ने पर उसका इलाज करने की बजाय डॉक्टर ने जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। नवजात और उसकी मां की मौत से नाराज परिवारीजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया।
चिकित्सकों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारीजनों ढांढस बंधाया। साथ ही जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। तब लोग शांत हुए। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
बच्चे की हालत जन्म से ही गंभीर थी। वहीं प्रसूता की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिवारीजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
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इससे अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक रामलाल अकेला ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। तिलेंडा गांव की रहने वाली श्रीकांती को प्रसव पीड़ा होने पर परिवारीजनों ने शुक्रवार को सीएचसी में भर्ती कराया। वहां पर शनिवार सुबह उसने बच्चे को जन्म दिया।
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इसके कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। इसके बाद अचानक प्रसूता की हालत बिगड़ गई। इस पर डॉक्टर ने उसे जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। घर वाले उसे रायबरेली ले जा रहे थे, तभी रास्ते में प्रसूता ने भी दम तोड़ दिया। जच्चा-बच्चा की मौत पर परिवारीजन आक्रोशित हो उठे।
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मृतका के पति जय सिंह का आरोप है कि बच्चे को समुचित उपचार नहीं मिला, इससे उसकी मौत हुई। यही नहीं श्रीकांती की हालत बिगड़ने पर उसका इलाज करने की बजाय डॉक्टर ने जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। नवजात और उसकी मां की मौत से नाराज परिवारीजनों ने सीएचसी में जमकर हंगामा किया।
चिकित्सकों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारीजनों ढांढस बंधाया। साथ ही जांच कराकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। तब लोग शांत हुए। वहीं सीएचसी अधीक्षक डॉ. एके जैसल का कहना है कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई।
बच्चे की हालत जन्म से ही गंभीर थी। वहीं प्रसूता की हालत नाजुक होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया था। परिवारीजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।