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जिले में दूधिये 2000, विभाग में पंजीकृत मात्र 100

Sat, 25 Jun 2016 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Sat, 25 Jun 2016 11:46 PM IST
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Milk vendors in the district 2000, the department registered only 100
दूध - फोटो : getty images
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जिले में करीब 2000 दूधिये हैं, लेकिन अब तक मात्र 100 दूधियों का ही पंजीयन हो सका है। शासन से दबाव होने के बाद भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से बिना पंजीयन कारोबार से जुडे़ दूधियों पर कार्रवाई नहीं की जा सकी है।
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सेटिंग-गेटिंग होने के कारण दूधिये पंजीयन नहीं करा रहे हैं। विभाग की ओर से अभियान भी खानापूरी के तौर पर चलाया जाता है। हर महीने जेब गर्म होने के कारण अफसर भी शासन की मंशा को ताक पर रखकर मौज कर रहे हैं।
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आदेश दिए हैं कि सभी दूधियों का हरहाल में पंजीयन हो जाना चाहिए। डेढ़ साल पहले ही यह आदेश आ गया था, लेकिन जिले के अधिकारी शासन के आदेश का पालन नहीं करा पा रहे हैं।
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शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक 2000 से अधिक दूधिये कारोबार से जुडे़ हैं, लेकिन पंजीयन के नाम पर मात्र खानापूरी हो रही है। अब तक मात्र 100 दूधियों का ही पंजीयन हो सका है।

शहर में राजकीय स्कूल के मैदान के साथ ही राजघाट, राही ब्लॉक के पीछे, रतापुर समेत शहर के कई क्षेत्रों में सुबह से ही दूधियों का मजमा लगा रहता है, लेकिन विभाग के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं मिल पाती है।

शहर में बिना पंजीयन दूध का कारोबार करने वाले दूधियों के लिए ओपी साहब ही सब कुछ हैं। दूधियों के अनुसार हर महीने ओपी साहब आते हैं और हिस्सा लेकर चले जाते हैं। दूधियों के यूनियन का मुखिया वसूली करके ओपी साहब को हिसाब देता है।

यदि किसी महीने कोई दूधिया हिसाब नहीं करता तो ओपी साहब के प्रयास से उस दूधिये के दूध का नमूना भर लिया जाता है। यहां यह खेल वर्षों से चल रहा है। किसी भी दूधिये से बात करो तो वह यही कहता है कि ओपी साहब आते हैं विभाग का हिस्सा लेकर चले जाते हैं, ऐसे में पंजीयन कराने की क्या जरूरत है।


एफएसडीए के अभिहित अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि दूधियों के पंजीयन का कार्य बहुत धीमा है। इसके लिए अभियान चलाया जाएगा। पंजीयन न कराने वाले दूधियों को कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। बिना पंजीयन काम करने वाले दूधियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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