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सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए जमीन की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Fri, 20 May 2016 12:29 AM IST
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- फोटो : demo pic
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वर्ष 2008 से जिले में प्रस्तावित चल रहे सैटेलाइट बस स्टेशन बनने की उम्मीद जग गई है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों की ओर से भेजे गए पत्र के बाद तहसील प्रशासन ने स्टेशन बनाने के लिए जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
इस स्टेशन के बन जाने से जहां शहर में जाम की समस्या दूर हो सकेगी, वहीं यात्रियों को एक ही स्थान पर हर रूट के लिए बसों का ठहराव मिलेगा। साथ ही यहां पर यात्रियों के लिए खाने-पीने और बैठने की व्यवस्था भी होगी। रोडवेज बसों से प्रतिदिन 25 हजार से अधिक मुसाफिर सफर करते हैं।
मौजूदा समय की बात की जाए तो शहर के भीड़भाड़ वाले स्थान पर बस स्टेशन है। आए दिन जाम की समस्या रहती है। साथ ही लखनऊ और इलाहाबाद की अधिकतर बसों स्टेशन न पहुंचकर सीधे गतंव्य स्थान को रवाना हो जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशान होती है।
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इसे देखते हुए सैटेलाइट बस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अब तक जमीन की तलाश न होने के कारण इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। त्रिपुला चौराहा पर दूध डेयरी की जमीन देखी भी गई थी, लेकिन महंगी होने के कारण जमीन खरीद का सौदा नहीं हो सका था।
इससे यह प्रस्ताव अधर में लटक गया था। परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों की ओर से जमीन की मांग डीएम से की गई है। डीएम ने तहसील प्रशासन से सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए शहर में खाली पड़ी जमीन तलाशने की बात कही गई है।
अफसरों के मुताबिक सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए तीन एकड़ जमीन की जरूरत है। खास बात ये है कि सैटेलाइट बस स्टेशन बनने के बाद पुराने बस स्टेशन पर सिर्फ बसों का मेंटीनेंस किया जाएगा। साथ ही सैटेलाइट बस स्टेशन से यात्री गतंव्य स्थान को आ-जा सकेंगे।
सदर तहसीलदार सौरभ शुक्ला के अनुसार सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र मिला है। तीन एकड़ जमीन की मांग की गई है। शहर में जमीन की तलाश कराई जा रही है। जल्द जमीन की तलाश करके इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।
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इस स्टेशन के बन जाने से जहां शहर में जाम की समस्या दूर हो सकेगी, वहीं यात्रियों को एक ही स्थान पर हर रूट के लिए बसों का ठहराव मिलेगा। साथ ही यहां पर यात्रियों के लिए खाने-पीने और बैठने की व्यवस्था भी होगी। रोडवेज बसों से प्रतिदिन 25 हजार से अधिक मुसाफिर सफर करते हैं।
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मौजूदा समय की बात की जाए तो शहर के भीड़भाड़ वाले स्थान पर बस स्टेशन है। आए दिन जाम की समस्या रहती है। साथ ही लखनऊ और इलाहाबाद की अधिकतर बसों स्टेशन न पहुंचकर सीधे गतंव्य स्थान को रवाना हो जाती हैं। इससे यात्रियों को परेशान होती है।
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इसे देखते हुए सैटेलाइट बस स्टेशन बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन अब तक जमीन की तलाश न होने के कारण इस पर काम शुरू नहीं हो सका है। त्रिपुला चौराहा पर दूध डेयरी की जमीन देखी भी गई थी, लेकिन महंगी होने के कारण जमीन खरीद का सौदा नहीं हो सका था।
इससे यह प्रस्ताव अधर में लटक गया था। परिवहन निगम के उच्चाधिकारियों की ओर से जमीन की मांग डीएम से की गई है। डीएम ने तहसील प्रशासन से सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए शहर में खाली पड़ी जमीन तलाशने की बात कही गई है।
अफसरों के मुताबिक सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए तीन एकड़ जमीन की जरूरत है। खास बात ये है कि सैटेलाइट बस स्टेशन बनने के बाद पुराने बस स्टेशन पर सिर्फ बसों का मेंटीनेंस किया जाएगा। साथ ही सैटेलाइट बस स्टेशन से यात्री गतंव्य स्थान को आ-जा सकेंगे।
सदर तहसीलदार सौरभ शुक्ला के अनुसार सैटेलाइट बस स्टेशन के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र मिला है। तीन एकड़ जमीन की मांग की गई है। शहर में जमीन की तलाश कराई जा रही है। जल्द जमीन की तलाश करके इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी जाएगी।