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‘सीएमएस कहे बजट नहीं, कर दो चढ़ाई’
रायबरेली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2015 11:46 PM IST
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मछुआ समाज को हक दिलाने के लिए केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली में धरना देने जा रहे प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी गुरुवार को मीडिया के सवालों पर आगबबूला हो गए।
पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में गुस्साए मंत्री बोले- क्या आप सिद्ध कर सकते हैं कि भ्रष्टाचार करके पैसा लिया और पोस्टर छपवाया। भ्रष्टाचार के रुपये से पोस्टर नहीं छपवाया। क्या मेरी इतनी भी औकात नहीं कि 10 हजार रुपये का पोस्टर न छपवा सकूं।
उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों को पूरा बजट दिया गया है। यदि यहां का सीएमएस बजट न होने की बात करे तो उस पर चढ़ाई कर दो। बाद में राज्यमंत्री की तल्ख जुबान पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने मामले को संभाला।
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मछुआ समाज को दलितों का अधिकार देने के प्रस्ताव को निरस्त किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ 29 जुलाई को भारतीय मछुआ महासंघ दिल्ली में धरना देगा।
प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री व महासंघ के अध्यक्ष शंखलाल मांझी ने जागरूकता अभियान रायबरेली से शुरू किया। उन्होंने गेस्टहाउस में पत्रकारों से बात की। कहा कि भाजपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने मछुआ समाज को कभी भी उसका अधिकार नहीं दिया।
प्रदेश की सपा सरकार ने प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने उसे खारिज कर दिया। इसीलिए दिल्ली में धरना दिया जाएगा। मंत्री की बात समाप्त होने पर पत्रकारों ने सवाल पूछने शुरू कर दिए।
सवाल था कि समाज के हितों के लिए दिल्ली में होने वाले बैनर-पोस्टर कहां से छपवाए ? आप कह रहे हैं कि आप का समाज गरीब है। कहीं भ्रष्टाचार से तो नहीं यह सब हुआ।
पोस्टर व पंफलेट छपवाने का सवाल उठाते ही उनका पारा चढ़ गया। बोले- क्या उनकी दस हजार रुपये का पोस्टर छपवाने की हैसियत तक नहीं हैं। भ्रष्टाचार के रुपये से नहीं छपवाया पोस्टर...।
ये जवाब देते हुए वे पसीना-पसीना हो गए। जिला अस्पताल में दवाइयां न होने के मामले में कहा कि पूरा बजट है, यदि सीएमएस कह रहा है कि बजट नहीं है तो उस पर चढ़ बैठें।
राज्यमंत्री की तल्ख जुबान पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने मामले को शांत कराकर समाज के लिए शुरू किए गए अभियान की बात शुरू कराई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामबहादुर यादव, राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद मौजूद रहे।
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पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में गुस्साए मंत्री बोले- क्या आप सिद्ध कर सकते हैं कि भ्रष्टाचार करके पैसा लिया और पोस्टर छपवाया। भ्रष्टाचार के रुपये से पोस्टर नहीं छपवाया। क्या मेरी इतनी भी औकात नहीं कि 10 हजार रुपये का पोस्टर न छपवा सकूं।
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उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों को पूरा बजट दिया गया है। यदि यहां का सीएमएस बजट न होने की बात करे तो उस पर चढ़ाई कर दो। बाद में राज्यमंत्री की तल्ख जुबान पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने मामले को संभाला।
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मछुआ समाज को दलितों का अधिकार देने के प्रस्ताव को निरस्त किए जाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ 29 जुलाई को भारतीय मछुआ महासंघ दिल्ली में धरना देगा।
प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री व महासंघ के अध्यक्ष शंखलाल मांझी ने जागरूकता अभियान रायबरेली से शुरू किया। उन्होंने गेस्टहाउस में पत्रकारों से बात की। कहा कि भाजपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों ने मछुआ समाज को कभी भी उसका अधिकार नहीं दिया।
प्रदेश की सपा सरकार ने प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा, लेकिन भाजपा की केंद्र सरकार ने उसे खारिज कर दिया। इसीलिए दिल्ली में धरना दिया जाएगा। मंत्री की बात समाप्त होने पर पत्रकारों ने सवाल पूछने शुरू कर दिए।
सवाल था कि समाज के हितों के लिए दिल्ली में होने वाले बैनर-पोस्टर कहां से छपवाए ? आप कह रहे हैं कि आप का समाज गरीब है। कहीं भ्रष्टाचार से तो नहीं यह सब हुआ।
पोस्टर व पंफलेट छपवाने का सवाल उठाते ही उनका पारा चढ़ गया। बोले- क्या उनकी दस हजार रुपये का पोस्टर छपवाने की हैसियत तक नहीं हैं। भ्रष्टाचार के रुपये से नहीं छपवाया पोस्टर...।
ये जवाब देते हुए वे पसीना-पसीना हो गए। जिला अस्पताल में दवाइयां न होने के मामले में कहा कि पूरा बजट है, यदि सीएमएस कह रहा है कि बजट नहीं है तो उस पर चढ़ बैठें।
राज्यमंत्री की तल्ख जुबान पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. मनोज पांडेय ने मामले को शांत कराकर समाज के लिए शुरू किए गए अभियान की बात शुरू कराई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामबहादुर यादव, राज्यसभा सदस्य विशंभर प्रसाद मौजूद रहे।