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स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में एम्स ने बनाया तीसरा रिकार्ड
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रायबरेली। चिकित्सा के क्षेत्र में शुक्रवार को रायबरेली की धाक जम गई है। यूपी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने तीसरा रिकार्ड कायम कर दिया। प्रदेश में यह पहला एम्स है, जहां ओपीडी और एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ ही मरीजों को सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सीय सेवाएं देने का गौरव मिल गया है।
शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में 13 अगस्त 2018 को ओपीडी शुरू हुई थी। अब तक यहां दो लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है। 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई। कोर्स पूरा होने के बाद जल्द 50 डॉक्टरों की खेप निकलेगी। चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स ने प्रदेश में शुक्रवार को एक और इतिहास जोड़ा।
किसानों की जमीन मिलते ही एम्स का होगा विस्तार
एम्स अस्पताल के लिए किसानों से करीब 50 एकड़ जमीन लेनी है। किसानों को जमीन के एवज में मुआवजे के लिए 10 करोड़ रुपये पहले जिले को मिले थे, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण प्रशासन ने बजट को वापस कर दिया था। पिछले साल भी मार्च में बजट मिला था, लेकिन कोरोना का कहर बढ़ने के कारण लॉकडाउन की वजह से किसानों की जमीन नहीं खरीदी जा सकी। 31 मार्च 2020 को जिला प्रशासन को शासन को बजट वापस करना पड़ा। हालांकि जल्द ही बजट मिलने के बाद किसानों की जमीन लेकर एम्स के विस्तार का काम शुरू कराया जाएगा।
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प्लांट स्थापित, मरीजों को मिलेगी भरपूर ऑक्सीजन
एम्स परिसर में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुका है। पाइप लाइन भी वार्डों में बेडों तक बिछ चुकी है। जरूरत के हिसाब से मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलेगी। खासकर कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित बेडों और आईसीयू में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने पाएगी।
हमें बड़ी खुशी है कि प्रदेश में पहले एम्स के रूप में रायबरेली में मरीजों के लिए सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाएं शुरू कराने का मौका मिला है। आगे भी एम्स को और बेहतर करने का काम किया जाएगा। यहां आने वाले मरीजों को अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएंगे। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नहीं है। - प्रो. अरविंद राजवंशी, निदेशक एम्स
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शहर से सटे दरियापुर स्थित एम्स में 13 अगस्त 2018 को ओपीडी शुरू हुई थी। अब तक यहां दो लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी में चिकित्सीय परामर्श दिया जा चुका है। 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हुई। कोर्स पूरा होने के बाद जल्द 50 डॉक्टरों की खेप निकलेगी। चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स ने प्रदेश में शुक्रवार को एक और इतिहास जोड़ा।
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किसानों की जमीन मिलते ही एम्स का होगा विस्तार
एम्स अस्पताल के लिए किसानों से करीब 50 एकड़ जमीन लेनी है। किसानों को जमीन के एवज में मुआवजे के लिए 10 करोड़ रुपये पहले जिले को मिले थे, लेकिन प्रक्रिया धीमी होने के कारण प्रशासन ने बजट को वापस कर दिया था। पिछले साल भी मार्च में बजट मिला था, लेकिन कोरोना का कहर बढ़ने के कारण लॉकडाउन की वजह से किसानों की जमीन नहीं खरीदी जा सकी। 31 मार्च 2020 को जिला प्रशासन को शासन को बजट वापस करना पड़ा। हालांकि जल्द ही बजट मिलने के बाद किसानों की जमीन लेकर एम्स के विस्तार का काम शुरू कराया जाएगा।
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प्लांट स्थापित, मरीजों को मिलेगी भरपूर ऑक्सीजन
एम्स परिसर में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हो चुका है। पाइप लाइन भी वार्डों में बेडों तक बिछ चुकी है। जरूरत के हिसाब से मरीजों को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलेगी। खासकर कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित बेडों और आईसीयू में ऑक्सीजन की कमी नहीं होने पाएगी।
हमें बड़ी खुशी है कि प्रदेश में पहले एम्स के रूप में रायबरेली में मरीजों के लिए सुपर स्पेशलिस्ट सुविधाएं शुरू कराने का मौका मिला है। आगे भी एम्स को और बेहतर करने का काम किया जाएगा। यहां आने वाले मरीजों को अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराएंगे। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी नहीं है। - प्रो. अरविंद राजवंशी, निदेशक एम्स