पांच हजार हैंडपंप चिढ़ा रहे मुंह, पानी संकट से दो-चार हो रहे लोग

रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे Updated Thu, 07 Apr 2016 12:26 AM IST
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रायबरेली के डलमऊ कस्बे में बुधवार को सूख पड़ा इंडियामार्का हैंडपंप
रायबरेली के डलमऊ कस्बे में बुधवार को सूख पड़ा इंडियामार्का हैंडपंप - फोटो : अमर उजाला

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 जिले में गर्मी के शुरुआती दौर में ही पानी संकट ने आम आदमी की मुश्किलें बढ़ा दी है। हलख के साथ ही हैंडपंप सूख रहे हैं। यानि जलस्तर नीचे जाने के कारण हैंडपंप जवाब दे रहे हैं। यही नहीं सरकारी नलकूप भी पानी नहीं दे रहे हैं। जल संचयन के लिए बनवाए गए तालाबों में धूल उड़ रही है।
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अफसरों की मानें तो एक फिट पानी का जलस्तर नीचे चला गया है। अफसरों की ओर से इसको लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हालात यही रहे तो आने वाले समय में लोगों को जल संकट से और दो चार होना पड़ेगा। जलनिगम की ओर से जिले में 65 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं।
मौजूदा समय में पांच हजार हैंडपंप खराब पड़े हैं। किसी हैंडपंप का बोर खराब है तो किसी का जलस्तर नीचे जाने से पानी नहीं आ रहा है। बावजूद हैंडपंप ठीक नहीं कराए जा रहे हैं। यही नहीं 350 सरकारी नलकूप हैं। इसमें से 50 नलकूप खराब हैं।
वहीं जो नलकूप सही हैं, वह जलस्तर नीचे चला जाने के कारण पानी छोड़ दे रहे हैं। जिले में ढाई हजार तालाब हैं। इसमें से 500 तालाबों में धूल उड़ रही है। राही, सलोन, सरेनी, खीरों समेत अन्य ब्लॉक क्षेत्रों में तालाब सूखे होने के कारण लोगों को पेयजल संकट से परेशान होना पड़ रहा है।

शहर में जरूरत के हिसाब से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रहा है। नगर पालिका के जलकल विभाग के मुताबिक प्रतिदिन 30 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति करने की जरूरत है। पर इस समय प्रतिदिन 20 मिलियन लीटर की आपूर्ति की जा रही है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शहर में रहने वाले नागरिकों को भी पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। जलकल अभियंता आरएस वर्मा का कहना है कि गर्मी को देखते हुए बेहतर पानी आपूर्ति की व्यवस्था की जा रही है। वाटर आपूर्ति के लिए नई योजना तैयार की गई है। जल्द भरपूर पानी नागरिकों को मिलेगा।

खीरों ब्लॉक क्षेत्र के अच्छेलाल, शिव अधार यादव और डलमऊ ब्लॉक क्षेत्र के मो. शफी, कृष्ण कुमार कहते हैं कि अभी तो गर्मी की शुरुआत हुई है, लेकिन अभी से पानी संकट से परेशान होना पड़ रहा है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। जलस्तर नीचे जाने के कारण हैंडपंप हो या फिर नलकूप जवाब देने लगे हैं। शिकायत पर भी हैंडपंप और नलकूप ठीक नहीं कराए जा रहे हैं। तालाब सूखे पड़े हैं। इससे परेशानी झेलनी पड़ रही है।

जलनिगम के एक्सईएन जर्नादन सिंह का कहना है कि जिले में 65 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से पांच हजार हैंडपंप खराब पड़े हैं। हैंडपंप ठीक कराने के लिए अभी कोई बजट नहीं मिला है। बजट के लिए लिखापढ़ी की गई है। बजट मिलने पर हैंडपंप ठीक कराए जाएंगे।

पिछले साल की अपेक्षा इस बार एक फिट जलस्तर नीचे चला गया है। इस वजह से भी कुछ हैंडपंप पानी छोड़ रहे हैं। फिलहाल जल्द हैंडपंप ठीक कराया जाएगा। पेयजल संकट नहीं होने दिया जाएगा।
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