फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Raebareli News ›   ELISA kits received, dengue tests to be conducted

Raebareli News: एलाइजा किट मिलीं, होगी डेंगू की जांच

Thu, 18 Sep 2025 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली Updated Thu, 18 Sep 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
ELISA kits received, dengue tests to be conducted
जिला अस्पताल में ब्लड सैंपल सेंटर में लगी मरीजों की भीड़।
रायबरेली। डेंगू का संक्रमण जिले में तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन किट न होने के कारण जांच प्रभावित हो रही थी। अब जिला अस्पताल को जांच के लिए किट मिल गई हैं। 384 सैंपलों की जांच के लिए चार किट मिली हैं। किट मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


शासन स्तर से सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच के लिए रैपिड टेस्ट किट की आपूर्ति ठप है। सिर्फ जिला अस्पताल में डेंगू की एलाइजा जांच की व्यवस्था की गई है, लेकिन बीते जुलाई के बाद एलाइजा जांच के लिए किट नहीं मिली। ऐसी स्थिति में जिला अस्पताल में डेंगू की जांच प्रभावित हो गई। डेंगू के लक्षण वाले तमाम मरीज आए, लेकिन जांच नहीं हो सकी। पहले से उपलब्ध कुछ कार्ड से जांच का प्रयास किया गया, लेकिन अब कार्ड भी उपलब्ध नहीं थे।
विज्ञापन


जिले के रहवां स्थित दवा भंडार से जिला अस्पताल को एलाइजा जांच के लिए किट दी गई हैं। एक किट में 96 सैंपलों की जांच की व्यवस्था है। किट मिलने के बाद जांच शुरू करा दी गई है। सीएचसी में तेज बुखार के आने वाले मरीजों के सैंपलों को एलाइजा जांच के लिए जिला अस्पताल भेजने के आदेश दिए गए हैं। सीएचसी में कार्ड न होने के कारण डेंगू की जांच नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन




डेंगू के लक्षण
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. गौरव त्रिवेदी का कहना है कि तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना, उल्टी लगना, आंखों के पीछे दर्द, कान की ग्रंथियों में सूजन, त्वचा पर लाल चकत्ते आदि होना डेंगू के लक्षण हैं। लक्षणों के प्रतीत होने पर नजदीक के अस्पताल पहुंचकर डेंगू की जांच कराने के साथ ही इलाज शुरू कराना चाहिए।


बुखार के 18 मरीज भर्ती
जिला अस्पताल में बुधवार को बुखार के 18 से अधिक मरीजों को भर्ती करके इलाज शुरू किया गया। प्रतिमा (32), तीरथराज (26), अभिलाष (35), पूनम (28), अदनान (14), इस्लाम (54), आंचल (16), शशिधर (31) सहित अन्य मरीजों को इमरजेंसी लाकर भर्ती कराया गया। ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में भी बुखार और जुकाम के मरीज ज्यादा आ रहे हैं।

अस्पतालों में लक्षणों के आधार पर हो रहा इलाज
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में डेंगू की जांच की सुविधा न होने के कारण मरीजों का लक्षणों के आधार पर इलाज किया जा रहा है। तेज बुखार के साथ ही अन्य लक्षण वाले मरीजों के आते ही उन्हें डेंगू वार्ड में भर्ती किया जा रहा है, क्योंकि जिला अस्पताल से डेंगू की जांच रिपोर्ट आने में देरी होती है।



जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू, बुखार, डायरिया आदि मरीजों के इलाज के लिए बंदोबस्त हैं। डेंगू के संदिग्ध मरीजों को भर्ती करके इलाज करने के लिए अलग से पांच-पांच बेड के वार्ड बनवाए गए हैं। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी से डेंगू की एलाइजा जांच कराई जाती है।
- डॉ. नवीनचंद्रा, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed