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10 हजार शिक्षकों को मिली राहत, घर में बैठ कर करेंगे काम, वर्कफ्रॉम का मिला लाभ

Tue, 20 Apr 2021 08:46 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Apr 2021 08:46 PM IST
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रायबरेली। कोरोना के कहर से पढ़ाई लिखाई बंद है। स्कूल बंद होने के बाद भी शिक्षकों को विद्यालय बुलाया जा रहा था। शिक्षक इसका विरोध कर रहे थे। अब बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने वर्क फ्रॉम होम की मांग को हरी झंडी दे दी है। इसका फायदा करीब 10 हजार शिक्षकों को मिलेगा।
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पंचायत चुनाव में 15 अप्रैल को मतदान कराने के बाद कई शिक्षक कोरोना से संक्रमित हो गए थे। इस वजह से उन्हें स्कूल जाने में परेशानी हो रही थी। शिक्षक संगठन इसका विरोध कर रहे थे और उनकी मांग थी कि उन्हें घर से काम करने की अनुमति दी जाए।
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साथ ही बीएसए को ज्ञापन भी सौंपा था। सोमवार को बीएसए ने उनकी मांगों को अस्वीकार कर स्कूल आने के स्पष्ट निर्देश दे दिए थे। इसके बाद यह मामला उच्च स्तर तक पहुंचा गया।
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कई जिलों से मांग हुई तो उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल ने गंभीरता से लेते हुए राहत देने का फैसला लिया। उन्होंने पत्र जारी कर शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक समेत सभी को घर से काम करने के निर्देश दिए।
इस दौरान कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करने को भी कहा। बीएसए ने मंगलवार को यह आदेश जारी कर दिया। इससे अब शिक्षकों को 30 अप्रैल तक स्कूल जाने से राहत मिल गई। कोरोना का कहर इसी तरह रहा तो यह आदेश आगे तक भी बढ़ सकता है।
बिना अनुमति के बाहर नहीं जा सकेंगे शिक्षक
बीएसए की तरफ से घर में काम करने का आदेश 30 अप्रैल तक तो जारी कर दिया गया है, लेकिन इसके लिए एक शर्त भी रख दी गई है। शर्त रखी गई है कि बिना अनुमति के कोई भी शिक्षक जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। यदि उसे किसी तरह की दिक्कत है वह इस बारे में अवगत कराएगा, तभी जिला मुख्यालय छोड़ सकेगा। बिना बताए यदि किसी ने शिक्षक ने किया और उसकी जानकारी हो गई तो उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।
इस बार भी शिक्षा व्यवस्था चौपट
पिछले साल की तरह इस बार भी शिक्षा व्यवस्था चौपट है। स्कूलों में तालाबंदी है। इससे घर पर ही बच्चों को रहना पड़ रहा है। कोरोना की वजह से अभिभावक अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि पिछले साल भी शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। इस बार उम्मीद नहीं थी कि कोरोना कहर बरपाएगा।

शिक्षकों के लिए वर्क फ्रॉम होम का आदेश जारी कर दिया गया है। इस दौरान सभी को जिला मुख्यालय पर ही रहना होगा। बिना अनुमति के कोई बाहर नहीं जाएगा। घर पर रहकर ही विद्यालय के जरूरी काम करने होंगे।
आनंद प्रकाश शर्मा, बीएसए
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