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विभागों में बजट ठिकाने लगाने की होड़
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
Updated Sat, 26 Mar 2016 11:22 PM IST
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रायबरेली में शनिवार को अवकाश के बाद भी बजट खपाने की तैयारी में जुटे सरकारी कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त हो जाएगा। हर साल की ही तरह इस साल भी बडे़ विभाग बजट को ठिकाने लगाने में जुट गए हैं। लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग व समाज कल्याण विभाग ने एक सप्ताह में करोड़ों का बजट ठिकाने लगाया है।
साल भर बजट को संजोये रखने के बाद अब किसी भी दशा में उसे खर्च करने का प्रयास किया जा रहा है। मनरेगा के कार्यदायी विभाग भी अब तेजी दिखाने में जुट गए है। कार्यों में फिसड्डी इन विभागों में अब टॉप करने की होड़ है।
स्थिति यह है कि फरवरी तक प्रगति बेहद खराब रखने वाले विभाग भी मार्च में अचानक रुपये खर्च करने में सबसे आगे की कतार में पहुंच गए है। इनकी फाइलें भुगतान के लिए कोषाधिकारी दफ्तर में पहुंच रही हैं।
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कई विभागों ने तो करोड़ों का भुगतान करा भी लिया है। कुछ बजट ही शेष बचा है, जिसे ठिकाने लगाने की गुणाभाग चल रहा है। कारण भी है कि 31 मार्च तक बजट खर्च न कर पाने पर उसे शासन को लौटाना भी होगा। ऐसा होने से विभाग की किरकिरी होगी।
शनिवार को विभागों में बजट को ठिकाने लगाने के लिए अधिकारी व कर्मचारी दिनभर जुटे रहे। सभी को बजट के अलावा इस समय कुछ भी नहीं दिख रहा है। कई विभागों से करोड़ों का बजट वापस भी होने की उम्मीद है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने बताया कि बडे़ विभाग पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, बीएसए, सिंचाई, आरईएस समेत कई अन्य विभागों ने बडे़ भुगतान कराए हैं। जो भी बिल आ रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पास किया जा रहा है। मार्च के लास्ट में विभाग बजट खर्च करने में तेजी दिखाते हैं।
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साल भर बजट को संजोये रखने के बाद अब किसी भी दशा में उसे खर्च करने का प्रयास किया जा रहा है। मनरेगा के कार्यदायी विभाग भी अब तेजी दिखाने में जुट गए है। कार्यों में फिसड्डी इन विभागों में अब टॉप करने की होड़ है।
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स्थिति यह है कि फरवरी तक प्रगति बेहद खराब रखने वाले विभाग भी मार्च में अचानक रुपये खर्च करने में सबसे आगे की कतार में पहुंच गए है। इनकी फाइलें भुगतान के लिए कोषाधिकारी दफ्तर में पहुंच रही हैं।
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कई विभागों ने तो करोड़ों का भुगतान करा भी लिया है। कुछ बजट ही शेष बचा है, जिसे ठिकाने लगाने की गुणाभाग चल रहा है। कारण भी है कि 31 मार्च तक बजट खर्च न कर पाने पर उसे शासन को लौटाना भी होगा। ऐसा होने से विभाग की किरकिरी होगी।
शनिवार को विभागों में बजट को ठिकाने लगाने के लिए अधिकारी व कर्मचारी दिनभर जुटे रहे। सभी को बजट के अलावा इस समय कुछ भी नहीं दिख रहा है। कई विभागों से करोड़ों का बजट वापस भी होने की उम्मीद है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने बताया कि बडे़ विभाग पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य, बीएसए, सिंचाई, आरईएस समेत कई अन्य विभागों ने बडे़ भुगतान कराए हैं। जो भी बिल आ रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पास किया जा रहा है। मार्च के लास्ट में विभाग बजट खर्च करने में तेजी दिखाते हैं।