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बिना ई-केवाईसी 1.96 लाख की सम्मान निधि पर संकट
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रायबरेली। ई-केवाईसी न कराने से जिले के 1.96 लाख किसानों की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पर संकट मंडराने लगा है। योजना का लाभ पाने के लिए जरूरी ई-केवाईसी कराने के लिए जन सुविधा केंद्रों से लेकर साइबर केंद्र तक के चक्कर काटने के बाद भी उनकी परेशानी खत्म नहीं हो रही। कभी नेटवर्क की फाल्ट तो कही बिजली की आवाजाही इनकी परेशानी बढ़ा रही है। बिना ई-केवाईसी के इन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ पाने से वंचित होना पड़ेगा। पीएम नरेंद्र मोदी 31 मई को शिमला में प्रस्तावित एक कार्यक्रम के माध्यम से किसानों के खाते में सम्मान निधि का पैसा भेजेंगे।
जिले में 4.67 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के का लाभ मिल रहा है। इसके तहत साल भर में इन्हें छह हजार रुपया मिलता है। नए नियम के तहत अब सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 2.71 लख किसान ही ई-केवाईसी करा पाए हैं जबकि 1.96 लाख किसान अभी भी ई-केवाईसी कराने से वंचित हैं। 31 मई तक ई-केवाईसी न कराने पर इन्हें मिलने वाली सम्मान निधि की धनराशि खतरे में पड़ सकती है। तय समयसीमा में ई-केवाईसी कराने के लिए परेशान किसान जनसुविधा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं लेकिन वहां पर कभी इंटरनेट, कभी सर्वर फाल्ट तो कभी बिजली की आवाजाही से ई-केवाईसी कराना चुनौती बना है।
सिर्फ 150 किसानों ने वापस लौटाया पैसा
जिले में 3002 किसान आयकरदाता होने के बाद भी प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ पा रहे थे। सत्यापन के दौरान मामला पकड़ में आने के बाद इन अपात्रों को सम्मान निधि योजना का लाभ देना बंद कर इन किसानों को अब तक दी गयी धनराशि वापस करने के लिए कहा गया था। पांच माह बाद भी इनमें से मात्र 150 अपात्रों ने ही कार्रवाई के भय से अब तक ली गयी सम्मान निधि के बतौर 8.94 लाख की धनराशि वापस की है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि जल्द आयकरदाताओं ने पैसा वापस नहीं किया तो संबंधित तहसील के माध्यम से पैसे की रिकवरी कराई जाएगी।
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प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता बरतने के चलते सरकार की तरफ से ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। तत्काल किसान ई-केवाईसी करा लें। करीब दो लाख किसान अभी तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। 31 मई को उन्हें सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं, इसे भारत सरकार को तय करना है। फिलहाल इसको लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है।
-एचएन सिंह, उप कृषि निदेशक
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जिले में 4.67 लाख किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के का लाभ मिल रहा है। इसके तहत साल भर में इन्हें छह हजार रुपया मिलता है। नए नियम के तहत अब सम्मान निधि योजना का लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य हो गया है। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 2.71 लख किसान ही ई-केवाईसी करा पाए हैं जबकि 1.96 लाख किसान अभी भी ई-केवाईसी कराने से वंचित हैं। 31 मई तक ई-केवाईसी न कराने पर इन्हें मिलने वाली सम्मान निधि की धनराशि खतरे में पड़ सकती है। तय समयसीमा में ई-केवाईसी कराने के लिए परेशान किसान जनसुविधा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं लेकिन वहां पर कभी इंटरनेट, कभी सर्वर फाल्ट तो कभी बिजली की आवाजाही से ई-केवाईसी कराना चुनौती बना है।
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सिर्फ 150 किसानों ने वापस लौटाया पैसा
जिले में 3002 किसान आयकरदाता होने के बाद भी प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का लाभ पा रहे थे। सत्यापन के दौरान मामला पकड़ में आने के बाद इन अपात्रों को सम्मान निधि योजना का लाभ देना बंद कर इन किसानों को अब तक दी गयी धनराशि वापस करने के लिए कहा गया था। पांच माह बाद भी इनमें से मात्र 150 अपात्रों ने ही कार्रवाई के भय से अब तक ली गयी सम्मान निधि के बतौर 8.94 लाख की धनराशि वापस की है। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश का कहना है कि जल्द आयकरदाताओं ने पैसा वापस नहीं किया तो संबंधित तहसील के माध्यम से पैसे की रिकवरी कराई जाएगी।
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प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना में पारदर्शिता बरतने के चलते सरकार की तरफ से ई-केवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। तत्काल किसान ई-केवाईसी करा लें। करीब दो लाख किसान अभी तक ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं। 31 मई को उन्हें सम्मान निधि योजना का लाभ मिल पाएगा या नहीं, इसे भारत सरकार को तय करना है। फिलहाल इसको लेकर अभी कोई आदेश नहीं आया है।
-एचएन सिंह, उप कृषि निदेशक