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12 दिन में 65 मौतों में रेल कोच के एल-2 अस्पताल में 50 ने गंवाई जान
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रायबरेली का रेलकोच स्थित एल-2 अस्पताल।
- फोटो : RAIBARAILY
रायबरेली। कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से फेल हो गया है। होम आइसोलेट में रखे गए मरीज अपनी जान तो बचा ले रहे हैं, लेकिन रेलकोच कारखाने के इकलौते एल-2 अस्पताल में अब तक रिकॉर्ड मौतें हो चुकी हैं।
महज 12 दिन में ही 65 मौतों में अकेले 50 मौतें एल-2 अस्पताल में हुईं हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी 10 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। खास बात यह कि 12 दिनों में होम आइसोलेशन में महज दो मरीजों ने ही दम तोड़ा है।
जिले में अब तक 10,653 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसमें वर्तमान समय में एक्टिव 3953 मरीजों में 2484 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में 159 मरीजों को भर्ती किया गया है।
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स्थिति यह है कि एक्टिव मरीजों में दो तिहाई मरीज होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। यहां तक कि मरीज एल-2 अस्पताल जाने से कतराने लगे हैं। महज 12 दिन के ही आंकड़ों को देखा जाए तो जिले में 65 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इसमें 50 मरीजों की मौत समुचित इलाज न होने के कारण एल-2 अस्पताल में हुईं हैं। 10 मरीजों की मौत जिला अस्पताल में हो चुकी है।
होम आइसोलेशन में रखे मात्र दो मरीजों की ही मौत हुई है। एल-2 अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था होने के कारण लोग अपने मरीजों को वहां भेजने से कतरा रहे हैं। इस अस्पताल के लिए पर्याप्त चिकित्सीय स्टाफ भी मुहैया नहीं करवा पा रहा है।
संविदा स्टाफ नर्सों के सहारे इलाज, कई घर लौटीं
रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए संविदा स्टाफ नर्सों को तैनात किया गया है। कहने भर के लिए एक-दो रेगुलर स्टाफ को रखा गया है। अव्यवस्थाओं को देखकर गुरुवार को कई स्टाफ नर्स घर भी चली गईं, इससे व्यवस्था और भी चौपट हो गई है। सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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महज 12 दिन में ही 65 मौतों में अकेले 50 मौतें एल-2 अस्पताल में हुईं हैं। वहीं जिला अस्पताल में भी 10 मरीजों ने दम तोड़ दिया है। खास बात यह कि 12 दिनों में होम आइसोलेशन में महज दो मरीजों ने ही दम तोड़ा है।
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जिले में अब तक 10,653 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इसमें वर्तमान समय में एक्टिव 3953 मरीजों में 2484 मरीजों को होम आइसोलेट किया गया है। रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में 159 मरीजों को भर्ती किया गया है।
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स्थिति यह है कि एक्टिव मरीजों में दो तिहाई मरीज होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज करा रहे हैं। यहां तक कि मरीज एल-2 अस्पताल जाने से कतराने लगे हैं। महज 12 दिन के ही आंकड़ों को देखा जाए तो जिले में 65 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इसमें 50 मरीजों की मौत समुचित इलाज न होने के कारण एल-2 अस्पताल में हुईं हैं। 10 मरीजों की मौत जिला अस्पताल में हो चुकी है।
होम आइसोलेशन में रखे मात्र दो मरीजों की ही मौत हुई है। एल-2 अस्पताल की खस्ताहाल व्यवस्था होने के कारण लोग अपने मरीजों को वहां भेजने से कतरा रहे हैं। इस अस्पताल के लिए पर्याप्त चिकित्सीय स्टाफ भी मुहैया नहीं करवा पा रहा है।
संविदा स्टाफ नर्सों के सहारे इलाज, कई घर लौटीं
रेलकोच कारखाने के एल-2 अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए संविदा स्टाफ नर्सों को तैनात किया गया है। कहने भर के लिए एक-दो रेगुलर स्टाफ को रखा गया है। अव्यवस्थाओं को देखकर गुरुवार को कई स्टाफ नर्स घर भी चली गईं, इससे व्यवस्था और भी चौपट हो गई है। सीएमओ डॉ. बीरेंद्र सिंह का कहना है कि स्टाफ की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। स्टाफ नर्सों की ड्यूटी लगाई जा रही है।