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पूर्व विधायक रामलाल अकेला समेत सभी आरोपी बरी
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रायबरेली। एमपी/एमएलए कोर्ट ने शहर कोतवाली क्षेत्र में धारा-144 के उल्लंघन से जुड़े आदि के मामले में बछरावां के पूर्व विधायक रामलाल अकेला समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया। यह फैसला बुधवार को कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार बरनवाल ने सुनाया।
कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट कोतवाली नगर के तत्कालीन एसएसआई राजकुमार तिवारी ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 15 अप्रैल 2003 को शहर में धारा 144 लागू थी। इसी दौरान दिन में करीब 12:30 बजे बछरावां से विधायक रामलाल अकेला व कई अन्य सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर नारेबाजी करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूंका।
मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद पूर्व सांसद अशोक सिंह, विधायक बछरावां रामलाल अकेला, रामनरेश यादव, झब्बू उर्फ अरुण कुमार शुक्ला, महेश अग्रवाल, जयशंकर वाजपेयी, जितेंद्र बहादुर सिंह, राजीव यादव, राजेश यादव, ओपी यादव, मो. शमशाद मिर्जा, मिर्जा सुल्तान बेग, रामसेवक वर्मा, पप्पू लोहिया, मो. सलीम. रामबहादुर यादव, जिया खुर्शीद व ऋषिकांत मिश्र चौटाला के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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दौरान विचारण अशोक सिंह, जयशंकर वाजपेयी, झब्बू उर्फ अरुण शुक्ला, ऋषिकांत मिश्र, राजीव यादव व राम बहादुर यादव की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को साबित करने में असफल रहने पर पूर्व विधायक रामलाल अकेला, रामनरेश यादव, महेश अग्रवाल, मो. शमशाद मिर्जा, मिर्जा सुल्तान बेग, जितेंद्र बहादुर सिंह, राजेश यादव, ओपी यादव, रामसेवक वर्मा, मो, सलीम, पप्पू लोहिया व जिया खुर्शीद को बरी कर दिया।
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कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट कोतवाली नगर के तत्कालीन एसएसआई राजकुमार तिवारी ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि 15 अप्रैल 2003 को शहर में धारा 144 लागू थी। इसी दौरान दिन में करीब 12:30 बजे बछरावां से विधायक रामलाल अकेला व कई अन्य सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर नारेबाजी करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती का पुतला फूंका।
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मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद पूर्व सांसद अशोक सिंह, विधायक बछरावां रामलाल अकेला, रामनरेश यादव, झब्बू उर्फ अरुण कुमार शुक्ला, महेश अग्रवाल, जयशंकर वाजपेयी, जितेंद्र बहादुर सिंह, राजीव यादव, राजेश यादव, ओपी यादव, मो. शमशाद मिर्जा, मिर्जा सुल्तान बेग, रामसेवक वर्मा, पप्पू लोहिया, मो. सलीम. रामबहादुर यादव, जिया खुर्शीद व ऋषिकांत मिश्र चौटाला के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
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दौरान विचारण अशोक सिंह, जयशंकर वाजपेयी, झब्बू उर्फ अरुण शुक्ला, ऋषिकांत मिश्र, राजीव यादव व राम बहादुर यादव की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्ष की बहस सुनने के बाद अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को साबित करने में असफल रहने पर पूर्व विधायक रामलाल अकेला, रामनरेश यादव, महेश अग्रवाल, मो. शमशाद मिर्जा, मिर्जा सुल्तान बेग, जितेंद्र बहादुर सिंह, राजेश यादव, ओपी यादव, रामसेवक वर्मा, मो, सलीम, पप्पू लोहिया व जिया खुर्शीद को बरी कर दिया।