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गांवों में 57.65 लाख से खरीदे गए कोरोना जांच उपकरण लापता
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रायबरेली। पिछले साल गांवों में कोरोना की आशंका पर संदिग्धों की थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स की जांच के लिए खरीदे गए इंफ्रारेड थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर गायब हो गए हैं। कहीं खराब हो गए हैं तो कहीं पता ही नहीं है।
कोरोना का कहर फिर तेजी से बढ़ने के बाद अब जांच के लिए उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। आशा और एएनएम को गांव स्तर पर लोगों की जांच करनी है। ग्राम पंचायतों को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) से मिले बजट से 1156 इंफ्रारेड थर्मामीटर और 1156 पल्स ऑक्सीमीटर परचेज किए गए थे। पंचायतों में इस पर करीब 57.65 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
जिले की 988 ग्राम पंचायतों की ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति को हर साल स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10-10 हजार रुपये दिए जाते हैं। पिछले साल कोरोना का खतरा बढ़ने पर थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स जांच के लिए थर्मल स्क्रीनिंग मशीन व पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद की गई थी।
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खरीद के बाद जांच शुरू कराकर शहर से लेकर गांव तक लोग की थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी। बाद में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद अभियान बंद कर दिया गया, लेकिन अब फिर से कोरोना का कहर बढ़ने पर थर्मल स्क्रीनिंग के साथ पल्स की जांच की जरूरत है, लेकिन जांच के उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। इससे लोगों की गांव स्तर पर प्राथमिक जांच नहीं हो पा रही है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति से ग्राम पंचायतों में 1156 इंफ्रारेड थर्मामीटर और 1156 पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की गई थी। आशा बहुओं व एएनएम को जांच के उपकरणों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। जहां भी उपकरण खराब हो गए हैं, वहां व्यवस्था कराई जाएगी।
यहां इतने उपकरणों की हुई थी खरीद
ब्लॉक इंफ्रारेड थर्मामीटर/ पल्स ऑक्सीमीटर
अमावां 56
हरचंदपुर 62
राही 99
सतांव 68
बछरावां 72
शिवगढ़ 55
महराजगंज 60
डलमऊ 90
गौरा 25
जगतपुर 58
ऊंचाहार 62
रोहनियां 32
खीरों 77
लालगंज 70
सरेनी 86
डीह 55
छतोह 41
सलोन 85
कुल 1153
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कोरोना का कहर फिर तेजी से बढ़ने के बाद अब जांच के लिए उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। आशा और एएनएम को गांव स्तर पर लोगों की जांच करनी है। ग्राम पंचायतों को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) से मिले बजट से 1156 इंफ्रारेड थर्मामीटर और 1156 पल्स ऑक्सीमीटर परचेज किए गए थे। पंचायतों में इस पर करीब 57.65 लाख रुपये खर्च किए गए थे।
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जिले की 988 ग्राम पंचायतों की ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति को हर साल स्वास्थ्य विभाग की ओर से 10-10 हजार रुपये दिए जाते हैं। पिछले साल कोरोना का खतरा बढ़ने पर थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स जांच के लिए थर्मल स्क्रीनिंग मशीन व पल्स ऑक्सीमीटर की खरीद की गई थी।
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खरीद के बाद जांच शुरू कराकर शहर से लेकर गांव तक लोग की थर्मल स्क्रीनिंग की गई थी। बाद में कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद अभियान बंद कर दिया गया, लेकिन अब फिर से कोरोना का कहर बढ़ने पर थर्मल स्क्रीनिंग के साथ पल्स की जांच की जरूरत है, लेकिन जांच के उपकरण नहीं मिल पा रहे हैं। इससे लोगों की गांव स्तर पर प्राथमिक जांच नहीं हो पा रही है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति से ग्राम पंचायतों में 1156 इंफ्रारेड थर्मामीटर और 1156 पल्स ऑक्सीमीटर की व्यवस्था की गई थी। आशा बहुओं व एएनएम को जांच के उपकरणों के संबंध में जानकारी मांगी गई है। जहां भी उपकरण खराब हो गए हैं, वहां व्यवस्था कराई जाएगी।
यहां इतने उपकरणों की हुई थी खरीद
ब्लॉक इंफ्रारेड थर्मामीटर/ पल्स ऑक्सीमीटर
अमावां 56
हरचंदपुर 62
राही 99
सतांव 68
बछरावां 72
शिवगढ़ 55
महराजगंज 60
डलमऊ 90
गौरा 25
जगतपुर 58
ऊंचाहार 62
रोहनियां 32
खीरों 77
लालगंज 70
सरेनी 86
डीह 55
छतोह 41
सलोन 85
कुल 1153