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Raebareli News: दो घंटे विद्यालय में बंद रहे बच्चे
Wed, 23 Sep 2026 12:59 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Wed, 23 Sep 2026 12:59 AM IST
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ऊंचाहार में स्कूल गेट के सामने लगाया जाता खंभा।
ऊंचाहार। कस्बे के हरनारायण इंटर कॉलेज के मुख्य गेट पर मंगलवार को रेलवे कर्मचारियों ने खंभे लगाकर रास्ता बंद करने का प्रयास किया। छुट्टी होने पर विद्यार्थी कॉलेज से बाहर नहीं निकल सके। करीब दो घंटे तक छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में ही रहे। छात्रों और अभिभावकों के विरोध के बाद रेलवे कर्मचारियों ने कार्रवाई रोक दी। रेलवे ने कॉलेज प्रबंधन को तीन दिन में बाउंड्रीवाल हटाने का नोटिस दिया है।
हरनारायण इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1947 में हुई थी, जबकि मुख्य गेट वर्ष 1950 में बनाया गया था। कॉलेज में करीब 1,500 विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, करीब 76 वर्षों से विद्यार्थी इसी गेट से आवागमन कर रहे हैं। मंगलवार को छुट्टी के समय रेलवे के आईओडब्ल्यू (कार्य निरीक्षक) प्रयाग आरबी पाल आरपीएफ के साथ कॉलेज गेट पर पहुंचे और रास्ते पर खंभे व पत्थर लगाने लगे।
शिक्षकों ने इसका कारण पूछा तो रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज की बाउंड्रीवाल और गेट का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना है। इस पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विरोध जताया। करीब दो घंटे तक मौके पर स्थिति बनी रही। बाद में रेलवे कर्मचारियों ने जमीन की सीमा चिह्नित कर दो पत्थर लगाए और कॉलेज प्रबंधन को रेलवे की जमीन खाली करने की हिदायत देकर लौट गए।
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प्रधानाचार्य बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बाउंड्रीवाल का कुछ हिस्सा पैमाइश में रेलवे की जमीन पर पाया गया है। उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का गेट रेलवे की सीमा से बाहर है। आईओडब्ल्यू आरबी पाल ने बताया कि कॉलेज की बाउंड्रीवाल और गेट का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना है। इसे हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिया गया था। अब कॉलेज प्रबंधन को तीन दिन में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है।
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हरनारायण इंटर कॉलेज की स्थापना वर्ष 1947 में हुई थी, जबकि मुख्य गेट वर्ष 1950 में बनाया गया था। कॉलेज में करीब 1,500 विद्यार्थी पढ़ते हैं। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, करीब 76 वर्षों से विद्यार्थी इसी गेट से आवागमन कर रहे हैं। मंगलवार को छुट्टी के समय रेलवे के आईओडब्ल्यू (कार्य निरीक्षक) प्रयाग आरबी पाल आरपीएफ के साथ कॉलेज गेट पर पहुंचे और रास्ते पर खंभे व पत्थर लगाने लगे।
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शिक्षकों ने इसका कारण पूछा तो रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कॉलेज की बाउंड्रीवाल और गेट का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना है। इस पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विरोध जताया। करीब दो घंटे तक मौके पर स्थिति बनी रही। बाद में रेलवे कर्मचारियों ने जमीन की सीमा चिह्नित कर दो पत्थर लगाए और कॉलेज प्रबंधन को रेलवे की जमीन खाली करने की हिदायत देकर लौट गए।
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प्रधानाचार्य बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि बाउंड्रीवाल का कुछ हिस्सा पैमाइश में रेलवे की जमीन पर पाया गया है। उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज का गेट रेलवे की सीमा से बाहर है। आईओडब्ल्यू आरबी पाल ने बताया कि कॉलेज की बाउंड्रीवाल और गेट का कुछ हिस्सा रेलवे की जमीन पर बना है। इसे हटाने के लिए पहले भी नोटिस दिया गया था। अब कॉलेज प्रबंधन को तीन दिन में अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई है।