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साहित्यकार राम नारायण रमण को मिला सम्मान, कई अन्य भी सम्मानित
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लालगंज (रायबरेली)। क्षेत्र के अटौरा बुजुर्ग स्थित पं. रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी महाविद्यालय में रविवार को कवि मधुकर खरे की स्मृति में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें साहित्यकार रामनारायण रमण को वरिष्ठ रचनाकार सम्मान से नवाजा गया।
सहृदय श्रोता के रूप में मुनेश्वर सिंह को सम्मानित किया गया तो युवा कवि मयंक मिश्रा को नवोदित रचनाकार सम्मान दिया गया। मधुकर खरे की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. ओपी सिंह व अतिथियों के मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में कल मधुकर खरे को उनके पुत्र अलंकार, आदर्श श्रीवास्तव व पौत्री दीपाली श्रीवास्तव ने पितृ स्मरण के रूप में याद किया।
जबकि कार्यक्रम में मौजूद सत्येंद्र सिंह ने गुरु रूप में स्मरण किया। मधुकर को जानने वालों में डॉ. एमडी सिंह, डॉ. ओपी सिंह, रमेश सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष बीडी मिश्रा सहित अन्य लोगों ने उन्हें मित्र के रूप में याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन आशीष तिवारी व अनुराग शुक्ला ने किया। इस दौरान संस्था के संयोजक डॉ. केके श्रीवास्तव, शैलेश प्रताप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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बाद में डॉ. विनय भदौरिया की अध्यक्षता में एक कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। संचालन सतीश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान शिव प्रताप सिंह, शुभम शुक्ला, रमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रोता व विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
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सहृदय श्रोता के रूप में मुनेश्वर सिंह को सम्मानित किया गया तो युवा कवि मयंक मिश्रा को नवोदित रचनाकार सम्मान दिया गया। मधुकर खरे की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. ओपी सिंह व अतिथियों के मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में कल मधुकर खरे को उनके पुत्र अलंकार, आदर्श श्रीवास्तव व पौत्री दीपाली श्रीवास्तव ने पितृ स्मरण के रूप में याद किया।
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जबकि कार्यक्रम में मौजूद सत्येंद्र सिंह ने गुरु रूप में स्मरण किया। मधुकर को जानने वालों में डॉ. एमडी सिंह, डॉ. ओपी सिंह, रमेश सिंह, हिंदी विभागाध्यक्ष बीडी मिश्रा सहित अन्य लोगों ने उन्हें मित्र के रूप में याद करते हुए अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन आशीष तिवारी व अनुराग शुक्ला ने किया। इस दौरान संस्था के संयोजक डॉ. केके श्रीवास्तव, शैलेश प्रताप सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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बाद में डॉ. विनय भदौरिया की अध्यक्षता में एक कवि गोष्ठी का आयोजन हुआ। संचालन सतीश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान शिव प्रताप सिंह, शुभम शुक्ला, रमेश सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रोता व विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा।