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Raebareli News: नौचंदी को पलटाने की साजिश में केस दर्ज
Thu, 18 Sep 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Thu, 18 Sep 2025 12:49 AM IST
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फाफामऊ-ऊंचाहार रेलखंड में घटनास्थल के पास नौचंदी के इंजन से टकराने के पास पुलिया की दीवार तोड़त
रायबरेली। रेलवे ट्रैक पर स्लीपर रखकर नौचंदी एक्सप्रेस को पलटाने की साजिश के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। घटना के बाद हुई छानबीन के बाद प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाने में रेलवे एक्ट के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराई गई है। नवाबगंज पुलिस के साथ ही रेलवे सुरक्षा बल भी छानबीन में जुटी है। घटना के पीछे अराजकतत्वों का हाथ होना बताया जा रहा है।
घटनास्थल के पास पान-मसाला के रैपर भी मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना से कुछ देर पहले कई लोग बैठे थे, जिन्होंने पास ही में पड़े स्लीपर को उठाकर रेलवे ट्रैक पर रखा होगा। मंगलवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे स्लीपर से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया गया।
यह घटना फाफामऊ-ऊंचाहार रेलखंड के अरखा एवं परियावां स्टेशनों के बीच गौरी गांव के पास घटी, जो प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत आता है। घटनास्थल पर ही अरखा रजबाहा की परियावां माइनर की पुलिया बनी है। इसी पुलिया के ट्रैक पर स्लीपर रखा गया था। नौचंदी एक्सप्रेस के इंजन की टक्कर लगने के बाद स्लीपर टूटकर पुलिया की तरफ गिरा, जिसके गिरने से पुलिया की दीवार की भी ईंटें टूटकर गिर गईं।
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नवाबगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब तक की छानबीन में यह बात सामने आई है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से स्लीपर को रेलवे ट्रैक पर अराजकतत्वों ने रखा है। फिलहाल घटना के बाद से ही जांच तेज गति से चल रही है। आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही ऐसा करने वालों को दबोच लिया जाएगा। उधर, रेलवे सुरक्षा बल भी अपने स्तर पर छानबीन कर रही है।
घटना के बाद रोकी गई थी गंगा गोमती एक्सप्रेस
अरखा और परियावां स्टेशन के बीच घटना होने के बाद जैसै-तैसे नौचंदी एक्सप्रेस ऊंचाहार स्टेशन पहुंची, जहां उसे लगभग 20 मिनट रोका गया। इसी बीच लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस भी ऊंचाहार पहुंच गई, लेकिन उसे आगे जाने नहीं दिया गया। घटनास्थल पर चल रही छानबीन की वजह से गंगा गोमती एक्सप्रेस भी करीब 20 मिनट तक ऊंचाहार में रुकी। रेलवे ट्रैक सुरक्षित पाए जाने पर गंगा गोमती एक्सप्रेस को हरी झंडी मिली तो ट्रेन रवाना हुई। बुधवार को पूरा दिन मंडलीय अफसरों के आने की आशंका जताई जाती रही, लेकिन कोई अफसर नहीं आया।
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घटनास्थल के पास पान-मसाला के रैपर भी मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि घटना से कुछ देर पहले कई लोग बैठे थे, जिन्होंने पास ही में पड़े स्लीपर को उठाकर रेलवे ट्रैक पर रखा होगा। मंगलवार रात प्रयागराज से सहारनपुर जाने वाली नौचंदी एक्सप्रेस रेलवे ट्रैक पर रखे स्लीपर से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया गया।
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यह घटना फाफामऊ-ऊंचाहार रेलखंड के अरखा एवं परियावां स्टेशनों के बीच गौरी गांव के पास घटी, जो प्रतापगढ़ जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत आता है। घटनास्थल पर ही अरखा रजबाहा की परियावां माइनर की पुलिया बनी है। इसी पुलिया के ट्रैक पर स्लीपर रखा गया था। नौचंदी एक्सप्रेस के इंजन की टक्कर लगने के बाद स्लीपर टूटकर पुलिया की तरफ गिरा, जिसके गिरने से पुलिया की दीवार की भी ईंटें टूटकर गिर गईं।
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नवाबगंज थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि रेलवे एक्ट में मामला दर्ज कर लिया गया है। अब तक की छानबीन में यह बात सामने आई है कि रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से स्लीपर को रेलवे ट्रैक पर अराजकतत्वों ने रखा है। फिलहाल घटना के बाद से ही जांच तेज गति से चल रही है। आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है। जल्दी ही ऐसा करने वालों को दबोच लिया जाएगा। उधर, रेलवे सुरक्षा बल भी अपने स्तर पर छानबीन कर रही है।
घटना के बाद रोकी गई थी गंगा गोमती एक्सप्रेस
अरखा और परियावां स्टेशन के बीच घटना होने के बाद जैसै-तैसे नौचंदी एक्सप्रेस ऊंचाहार स्टेशन पहुंची, जहां उसे लगभग 20 मिनट रोका गया। इसी बीच लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस भी ऊंचाहार पहुंच गई, लेकिन उसे आगे जाने नहीं दिया गया। घटनास्थल पर चल रही छानबीन की वजह से गंगा गोमती एक्सप्रेस भी करीब 20 मिनट तक ऊंचाहार में रुकी। रेलवे ट्रैक सुरक्षित पाए जाने पर गंगा गोमती एक्सप्रेस को हरी झंडी मिली तो ट्रेन रवाना हुई। बुधवार को पूरा दिन मंडलीय अफसरों के आने की आशंका जताई जाती रही, लेकिन कोई अफसर नहीं आया।