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प्रैक्टिकल वाले विषयों की कॉपियां जांचने में दिक्कत
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रायबरेली। यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन कार्य में प्रैक्टिकल से दिक्कतें आ रही हैं, क्योंकि काफी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी प्रयोगात्मक परीक्षा में भी बतौर परीक्षक लगाई गई है। ऐसे में ये शिक्षक मूल्यांकन नहीं कर पा रहे हैं।
कई कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षा होने के कारण प्रधानाचार्य भी मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इस जिले में प्रैक्टिकल होने के बाद काफी परीक्षकों को दूसरे जिले भी प्रयोगात्मक परीक्षा लेने के लिए जाना होगा जिससे समय से मूल्यांकन पूरा न हो पाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
शहर में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट, वैदिक इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है।
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हाईस्कूल वाले मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग सभी परीक्षकों ने काम शुरू कर दिया है, जिससे इन केंद्रों पर काम में तेजी दिख रही है।
सबसे ज्यादा दिक्कत इंटरमीडिएट वाले मूल्यांकन केंद्रों में आ रही है, क्योंकि यहां तैनात किए गए काफी परीक्षकों की ड्यूटी प्रयोगात्मक परीक्षा में भी लगाई गई है।
भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान समेत अन्य प्रयोगात्मक परीक्षा वाले विषयों के परीक्षक अभी प्रैक्टिकल में व्यस्त हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा का कहना है कि पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षा पूरी होने के बाद परीक्षकों की दिक्कत कम होगी। मूल्यांकन की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
दिख रही सख्ती, नहीं ले जा सकते मोबाइल
मूल्यांकन केंद्र में सख्ती दिख रही है। पेयजल की व्यवस्था के लिए वाटर कूलर रखवाए गए हैं। परीक्षकों को मोबाइल भी नहीं ले जाने दिया जा रहा है।
डीआईओएस का कहना है कि चारों मूल्यांकन केंद्रों पर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त है। मूल्यांकन के दौरान मोबाइल के प्रयोग नहीं करने दिया जा रहा है। सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मूल्यांकन कार्य चल रहा है।
एमजीआईसी में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
चारों मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां जांचने का काम रविवार को पटरी पर आ गया है। महात्मा गांधी इंटर कालेज में सबसे ज्यादा तेजी दिख रही है। यहां 14 हजार से ज्यादा कॉपियां जांची गई। इस केंद्र पर सबसे ज्यादा कॉपियां भी आईं हैं। वैदिक इंटर कॉलेज में पांच हजार से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है। जीआईसी में लगभग साढ़े पांच हजार तो जीजीआईसी में करीब साढ़े चार हजार कॉपियां जांचने का काम पूरा किया गया। चारों केंद्रों पर तीन लाख से अधिक कॉपियां आईं हैं।
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कई कॉलेजों में प्रयोगात्मक परीक्षा होने के कारण प्रधानाचार्य भी मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इस जिले में प्रैक्टिकल होने के बाद काफी परीक्षकों को दूसरे जिले भी प्रयोगात्मक परीक्षा लेने के लिए जाना होगा जिससे समय से मूल्यांकन पूरा न हो पाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।
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शहर में चार मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इनमें राजकीय इंटर कॉलेज और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट, वैदिक इंटर कॉलेज और महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में हाईस्कूल की कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है।
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हाईस्कूल वाले मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग सभी परीक्षकों ने काम शुरू कर दिया है, जिससे इन केंद्रों पर काम में तेजी दिख रही है।
सबसे ज्यादा दिक्कत इंटरमीडिएट वाले मूल्यांकन केंद्रों में आ रही है, क्योंकि यहां तैनात किए गए काफी परीक्षकों की ड्यूटी प्रयोगात्मक परीक्षा में भी लगाई गई है।
भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान समेत अन्य प्रयोगात्मक परीक्षा वाले विषयों के परीक्षक अभी प्रैक्टिकल में व्यस्त हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओमकार राणा का कहना है कि पहले चरण की प्रयोगात्मक परीक्षा पूरी होने के बाद परीक्षकों की दिक्कत कम होगी। मूल्यांकन की समय सीमा भी बढ़ाई जा सकती है।
दिख रही सख्ती, नहीं ले जा सकते मोबाइल
मूल्यांकन केंद्र में सख्ती दिख रही है। पेयजल की व्यवस्था के लिए वाटर कूलर रखवाए गए हैं। परीक्षकों को मोबाइल भी नहीं ले जाने दिया जा रहा है।
डीआईओएस का कहना है कि चारों मूल्यांकन केंद्रों पर व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त है। मूल्यांकन के दौरान मोबाइल के प्रयोग नहीं करने दिया जा रहा है। सभी केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से मूल्यांकन कार्य चल रहा है।
एमजीआईसी में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
चारों मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियां जांचने का काम रविवार को पटरी पर आ गया है। महात्मा गांधी इंटर कालेज में सबसे ज्यादा तेजी दिख रही है। यहां 14 हजार से ज्यादा कॉपियां जांची गई। इस केंद्र पर सबसे ज्यादा कॉपियां भी आईं हैं। वैदिक इंटर कॉलेज में पांच हजार से अधिक कॉपियों का मूल्यांकन हुआ है। जीआईसी में लगभग साढ़े पांच हजार तो जीजीआईसी में करीब साढ़े चार हजार कॉपियां जांचने का काम पूरा किया गया। चारों केंद्रों पर तीन लाख से अधिक कॉपियां आईं हैं।