डोली उठने से पहले ही छिन गईं घर की खुशियां
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दुल्हन बनने वाली सुमन को यह पता नहीं था कि डोली उठने के बजाय उसकी अर्थी उठेगी। मौत की सूचना से हर कोई गमगीन हो गया। हर कोई उस घड़ी को कोस रहा था, जब सभी लोग लखनऊ के लिए निकले थे।
शहर के मिल एरिया थाना क्षेत्र के रतापुर निवासी राजदेव यादव (50) की बेटी सुमन यादव (21) की तबियत खराब चल रही थी। उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। हालत गंभीर होने पर परिवारीजन उसे एंबुलेंस से लखनऊ मेडिकल कॉलेज जा रहे थे।
साथ में पिता राजदेव यादव, भाई सुभाष (30), गोलू (सुभाष का साला) निवासी बल्लीपुर चंदौली और चालक अशोक यादव निवासी पिंडारीकला महराजगंज था। लखनऊ जिले के मोहनलालगंज में हुए दर्दनाक हादसे में एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें सभी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना यहां घर पहुंचते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। आसपास के लोगों का घर के पास जमावड़ा लग गया। नाते-रिश्तेदार आनन-फानन सांत्वना देने के लिए पहुंचेे। सभी की आंखें नम थी और हादसे पर दुख जता रहा था।
बताते हैं कि मृतका सुमन की इसी साल 2 दिसंबर को शादी होने वाली थी। सुमन की शादी की तैयारियां जोरों से चल रही थी। अचानक सुमन बीमार हो गई थी। परिवारीजन उसे जल्दी ठीक करने के लिए लखनऊ ले जा रहे थे। पर शायद सुमन को भी यह नहीं पता था कि डोली उठने से पहले ही वह इस दुनिया से उठ जाएगी।
उसके पिता का रतापुर में ही होटल चलाते थे। इसी होटल से घर परिवार की गाड़ी चल रही थी। मिल एरिया थानेदार आरके सिंह का कहना है कि मोहनलालगंज में हादसा हुआ था, जिसमें रतापुर के रहने वाले चार लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा एंबुलेंस चालक ने भी दम तोड़ा है। दुखद घटना थी। मौके पर जाकर परिवारीजनों को सांत्वना दी गई।
बेटी, बेटा और पति खोने वाली राजवती दहाड़े मारकर रो पड़ती है। कहती है कि अब वह किसको देखकर जिंदा रहेगी। उनका तो सब कुछ खत्म गया है। बेटी की शादी होने वाली थी। पर पता नहीं था कि ऊपर वाला उससे इस कदर रूठ जाएगा कि उसकी खुशियां ही छीन लेगा। यही नहीं मृतक सुभाष की पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जाती है।
मृतका सुमन के भाई बृजेश, सोमू, गोलू भी गमजदा हैं। सभी के आंसू नहीं थम रहे हैं। लोग उन्हें ढांढस बंधाते हैं, लेकिन वह अपनों की मौत को भूल नहीं पा रहे हैं। कहते हैं कि भइया दूज पर दीदी सुमन, भइया सुभाष, पिता राजदेव समेत अन्य लोगों की मौत से गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोचा भी नहीं था कि इस दिन इतना दर्द मिल जाएगा।