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कलेक्ट्रेट की देहरी से लौटाई गईं आशा किशोर
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
Updated Mon, 06 Feb 2017 11:18 PM IST
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UP Election 2017
- फोटो : getty images
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सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोन घनघनाते ही सोमवार को परचा दाखिल करने पहुंची सलोन विधान सभा सीट से सपा की सिटिंग विधायक आशा किशोर नामांकन कक्ष की दहलीज से लौट गईं। उनके वापस लौटने से खुशी से लबरेज समर्थकों में मायूसी छा गई।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में विधायक ने कहा कि सीएम ने फोन कर गठबंधन धर्म निभाने की बात कही है। इसलिए उन्होंने नामांकन पत्र जमा नहीं किया। उन्होंने सरकार बनने पर बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कही।
सपा प्रत्याशी के रूप में विधायक आशा किशोर सोमवार दोपहर बाद जुलूस के शक्ल में नामांकन करने कलेक्ट्रेट पहुंची। वह नामांकन कक्ष की दहलीज पर पहुंची ही थीं, कि सीएम अखिलेश यादव का फोन आ गया।
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इस पर विधायक ने सीएम से बात की और बिना नामांकन किए हुए वापस लौट र्गइं। बातचीत में आशा किशोर ने बताया कि उन्हें 30 जनवरी को ही सिंबल मिल गया था। इसलिए वे आखिरी दिन नामांकन करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
इसी बीच सीएम का फोन आया और उन्होंने नामांकन न करने की बात कही। सीएम ने कहा कि आप गठबंधन का धर्म निभाएं। सरकार बनने पर बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। इस पर उन्होंने परचा दाखिल न करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि सपा की सरकार बनाने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार-प्रसार करेंगी।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में विधायक ने कहा कि सीएम ने फोन कर गठबंधन धर्म निभाने की बात कही है। इसलिए उन्होंने नामांकन पत्र जमा नहीं किया। उन्होंने सरकार बनने पर बड़ी जिम्मेदारी देने की बात कही।
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सपा प्रत्याशी के रूप में विधायक आशा किशोर सोमवार दोपहर बाद जुलूस के शक्ल में नामांकन करने कलेक्ट्रेट पहुंची। वह नामांकन कक्ष की दहलीज पर पहुंची ही थीं, कि सीएम अखिलेश यादव का फोन आ गया।
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इस पर विधायक ने सीएम से बात की और बिना नामांकन किए हुए वापस लौट र्गइं। बातचीत में आशा किशोर ने बताया कि उन्हें 30 जनवरी को ही सिंबल मिल गया था। इसलिए वे आखिरी दिन नामांकन करने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंची थी।
इसी बीच सीएम का फोन आया और उन्होंने नामांकन न करने की बात कही। सीएम ने कहा कि आप गठबंधन का धर्म निभाएं। सरकार बनने पर बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी। इस पर उन्होंने परचा दाखिल न करने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि सपा की सरकार बनाने के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार-प्रसार करेंगी।