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एडीओ-सचिव का खेल, अधूरे शौचालय के रखरखाव के नाम किया पेमेंट
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रायबरेली। अमावां ब्लॉक में पंचायतीराज निदेशालय के कॉल सेंटर ने एक ‘खेल’ का खुलासा किया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत अधूरे बने सामुदायिक शौचालय का पूरा बजट खर्च कर कई महीने से उसके रखरखाव का भी भुगतान किया जा रहा है।
निदेशालय स्तर पर मामला सामने आने पर डीपीआरओ ने एडीओ और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 988 ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। ऑनलाइन रिपोर्ट में सभी पंचायतों में सामुदायिक शौचालय पूरे और संचालित होते दिखाए गए हैं।
हकीकत में तमाम शौचालय अब भी अधूरे हैं। पंचायतीराज निदेशालय में स्थापित कॉल सेंटर से सामुदायिक शौचालय का रखरखाव कर रहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को फोन करके शौचालयों के संचालन के बारे में जानकारी ली जा रही है।
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निदेशालय से अमावां ब्लॉक के मखदूमपुर स्थित सामुदायिक शौचालय के रखरखाव में लगे समूह को फोन किया गया तो मनमानी सामने आ गई।
मखदूमपुर के सचिव ने पूरा बजट खर्च कर दिया, लेकिन अब तक शौचालय अधूरा पड़ा है। यही नहीं अधूरे शौचालय को पूरा दिखाकर ऑनलाइन रिपोर्टिंग भी कर दी।
सहायक विकास अधिकारी की मिलीभगत से सचिव ने अधूरे शौचालय के रखरखाव के संबंध में कई महीने तक भुगतान भी कर दिया। निदेशालय स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने अमावां के एडीओ पंचायत महेंद्र शुक्ला को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी जुगेश शुक्ला को भी नोटिस देकर बिना सामुदायिक शौचालय के पूर्ण हुए ही बजट को खर्च करने और रखरखाव के भुगतान के संबंध में कारण बताओ नोटिस दी है।
अमावां ब्लॉक के एडीओ और मखदूपुर के सचिव ने तो मनमानी की हद ही पार कर दी। पंचायतीराज निदेशालय के कॉल सेंटर से मामला पकड़ में आने के बाद दोनों को कारण बताओ नोटिस दी गई है। जल्द ही दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- उमाशंकर मिश्रा, जिला पंचायतराज अधिकारी
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निदेशालय स्तर पर मामला सामने आने पर डीपीआरओ ने एडीओ और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 988 ग्राम पंचायतों में एक-एक सामुदायिक शौचालय बनवाए गए हैं। ऑनलाइन रिपोर्ट में सभी पंचायतों में सामुदायिक शौचालय पूरे और संचालित होते दिखाए गए हैं।
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हकीकत में तमाम शौचालय अब भी अधूरे हैं। पंचायतीराज निदेशालय में स्थापित कॉल सेंटर से सामुदायिक शौचालय का रखरखाव कर रहीं महिला स्वयं सहायता समूहों को फोन करके शौचालयों के संचालन के बारे में जानकारी ली जा रही है।
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निदेशालय से अमावां ब्लॉक के मखदूमपुर स्थित सामुदायिक शौचालय के रखरखाव में लगे समूह को फोन किया गया तो मनमानी सामने आ गई।
मखदूमपुर के सचिव ने पूरा बजट खर्च कर दिया, लेकिन अब तक शौचालय अधूरा पड़ा है। यही नहीं अधूरे शौचालय को पूरा दिखाकर ऑनलाइन रिपोर्टिंग भी कर दी।
सहायक विकास अधिकारी की मिलीभगत से सचिव ने अधूरे शौचालय के रखरखाव के संबंध में कई महीने तक भुगतान भी कर दिया। निदेशालय स्तर पर मामला पकड़ में आने के बाद डीपीआरओ ने अमावां के एडीओ पंचायत महेंद्र शुक्ला को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं ग्राम पंचायत अधिकारी जुगेश शुक्ला को भी नोटिस देकर बिना सामुदायिक शौचालय के पूर्ण हुए ही बजट को खर्च करने और रखरखाव के भुगतान के संबंध में कारण बताओ नोटिस दी है।
अमावां ब्लॉक के एडीओ और मखदूपुर के सचिव ने तो मनमानी की हद ही पार कर दी। पंचायतीराज निदेशालय के कॉल सेंटर से मामला पकड़ में आने के बाद दोनों को कारण बताओ नोटिस दी गई है। जल्द ही दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- उमाशंकर मिश्रा, जिला पंचायतराज अधिकारी