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शहर में अवैध भवनों में धड़ल्ले से संचालित 37 नर्सिंगहोम

Thu, 09 Dec 2021 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 09 Dec 2021 11:45 PM IST
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37 nursing homes operating indiscriminately in illegal buildings in the city
रायबरेली। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) के इंजीनियरों और अधिकारियों की लापरवाही का फायदा नर्सिंगहोम संचालक उठा रहे हैं। बिना नक्शा पास कराए धड़ल्ले से अस्पताल संचालित हो रहे हैं।
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पिछले पांच साल में शहर में एक भी अस्पताल का नक्शा पास नहीं हुआ। हालांकि वर्तमान में शहर में 37 नर्सिंगहोम संचालित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कई नए नर्सिंग होम का लाइसेंस भी जारी कर दिया।
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जबकि उनका नक्शा पास नहीं हुआ था। शहर के कई निजी अस्पताल संचालक आवासीय नक्शा पास करवा कर उसका व्यवसायिक उपयोग कर रहे हैं।
नियमानुसार अस्पताल संचालन के लिए आरडीए से नक्शा पास होना चाहिए। उसी के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को लाइसेंस जारी करना चाहिए। लेकिन लाइसेंस के आवेदन के साथ नक्शा पास करवाने के संबंध में शपथपत्र देकर नर्सिंगहोम का लाइसेंस दिया जा रहा है।
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अस्पताल शुरू होने के बाद नक्शा पास नहीं करवाया जाता। खास बात यह कि धड़ल्ले से कई मंजिला भवन भी खड़े हो जा रहे हैं, लेकिन आरडीए के इंजीनियरों को कार्रवाई करने की फुरसत तक नहीं मिलती है। एक साल के अंदर कई अस्पतालों के भवन बन गए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
सिर्फ जारी होती है नोटिस, बाद में मामला रफादफा
आरडीए की ओर से पूर्व में 32 नर्सिंगहोम संचालकों को नोटिस जारी की गई थी। डेढ़ साल से अधिक हो गए मगर अब तक आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी। शहर के कई नर्सिंगहोम तो ग्रीन बेल्ट में बने हैं, जिसका नक्शा पास नहीं हो सकता है। ऐसे अस्पतालों के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं की गई है। नोटिस के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है।
कम जगह में अधिक बेड की क्षमता के अस्पताल
शहर में 10 से लेकर 150 बेड तक के निजी अस्पताल संचालित हैं। अगर आवासीय भू उपयोग में नर्सिंग होम खुला है तो उसके लिए भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल 300 वर्ग मीटर होना चाहिए।
सड़क की चौड़ाई और न्यूनतम फ्रंटेज 12.12 मीटर होना चाहिए। 10 बेड का अस्पताल है तो भूखंड 300 से 400 वर्ग मीटर, 15 बेड का होने पर 401 से 500 वर्ग मीटर, 20 बेड का होने पर 500 वर्ग मीटर से अधिक होगा। 30 मीटर से कम चौड़े मार्ग पर स्थित भवनों की ऊंचाई सड़क की विद्यमान चौड़ाई और फ्रंट सेट बैक के योग से डेढ़ गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए। कहीं भी इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है। मेडिकल वेस्ट के निस्तारण का भी प्रबंध होना चाहिए।
बिना नक्शा पास कराए संचालित नर्सिंगहोमों के संचालकों को पूर्व में नोटिस जारी की गई थी। कुछ का आवासीय नक्शा पास हैं, लेकिन आवासीय भवनों का व्यवसायिक उपयोग नहीं किया जा सकता है। संचालकों को दोबारा नोटिस जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।

- बीपी मौर्या, सचिव आरडीए
नर्सिंगहोम का लाइसेंस लेने के लिए नक्शा या शपथपत्र संचालक द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। विभाग को डॉक्टर, स्टाफ और स्वास्थ्य संबंधी मानक की जांच करनी होती है। नक्शा पास नहीं है तो आरडीए को कार्रवाई करनी चाहिए।
- डॉ. अरविंद कुमार, एसीएमओ (मेडिकल)
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