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एनटीपीसी में दर्दनाक हादसे का मामला
Updated Thu, 02 Nov 2017 10:58 AM IST
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ऊंचाहार में मचा हाहाकार
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रायबरेली। ऊंचाहार स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (एनटीपीसी) के प्लांट में बुधवार दोपहर 3.40 बजे बड़ा हादसा हुआ। 500 मेगावाट की यूनिट नंबर 6 की बॉयलर स्टीम पाइप धमाके के साथ फट गई। प्रमुख सचिव गृह अरविंद कुमार ने हादसे में 18 मौतों की पुष्टि की। वहीं, 100 से ज्यादा झुलस गए। धमाके की आवाज से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। सभी की जुबां पर बस एक ही सवाल था, क्या हुआ?।
जहां पर चहल-पहल थी, वहां पर मातम छा गया। चीख-पुकार की आवाज सुनकर लोग घरों को छोड़कर घटनास्थल की ओर पहुंचते रहे। ऊंचाहार वासियों ने ऐसा मंजर कभी नहीं देखा था। अपनों की खोज खबर लेते रहे तो बचाव कार्य में हिस्सा लिया। इस दौरान श्रमिकों की चीख सुनकर कई ऐसे लोग थे, जो अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए। ऊंचाहार कस्बे के आसपास खोजनपुर, मदारीगंज, गोसाई का पुरवा, फरीदपुर, बहेरवा, भवानीगंज, सांवापुर नेवादा, अरखा, कैथवल गांव पड़ते हैं।
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एनपीटीसी ऊंचाहार से चंद कदम दूरी पर पड़ने वाले इन गांवों में दोपहर बाद जोरदार धमाके की आवाज सुन हर कोई दहल गया। सिर्फ इन्हीं गांवों के नहीं, बल्कि पूरे ऊंचाहार क्षेत्र में हाहाकार मच गया। क्या महिलाएं, पुरुष, बच्चे, बुजुर्ग के कदमताल एनपीटीसी की ओर बढ़ते रहे। गांवों में सन्नाटा पसर गया तो ऊंचाहार कस्बे के कुछ दुकानदारों ने तो अपनी दुकानें तक बंद कर दी। या यूं कहे इस हादसे से पूरा ऊंचाहार रो पड़ा। चूंकि इन गांवों के लोग भी एनपीटीसी ऊंचाहार में मजदूरी करते हैं। कहीं वे हादसे का शिकार तो नहीं हो गए, यही खोज-खबर उनके परिवारीजन लेते नजर आए।
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तेज धमाके के साथ पहले बॉयलर का स्टीम पाइप फटा और फिर धुएं का गुबार उठा। देखते ही देखते कई जिंदगी इस दुनिया से उठ चुकी थी तो कई लोग दर्द से कराह रहे थे। बचाव कार्य में शामिल लोग अपने आंसुओं को नहीं रोक पा रहे थे। उनका जुबां पर ही शब्द निकल रहे थे कि ऐसा मंजर नहीं देखा। कार्तिक पूर्णिमा के समय ऐसा मंजर देखने को मिलेगा। यह कभी सोचा नहीं था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हाहाकार मचा दिया।
आग की लपटें और नजर आ रहा था धुएं का उबार
ग्रामीण नरेश कुमार, अभय प्रसाद, राजेंद्र कुमार, मेवालाल व जगदेव कहते हैं कि तेज धमाके के साथ बॉयलर का स्टीम पाइप फटा था। आवाज सुनकर पहुंचे तो नजारा देख दिल कांप उठा। आग की लपटें नजर आ रही थी। धुएं का उबार का उठा था। बचाव-बचाव की आवाजें आ रही थी। कहते हैं कि एनपीटीसी को ऊंचाहार में स्थापित हुए कई दशक बीत चुके हैं। कभी ऐसा मौका नहीं आया कि इस तरह का दर्दनाक हादसा हुआ।
पहली बार इतना दर्दनाक हादसा देखकर घबराया, पर बचाव राहत कार्य में कूद पड़ा। झुलसे श्रमिकों को एंबुलेंस पर लादकर अस्पताल पहुंचाने का कार्य किया। इन सबका कहना है कि कुछ न कुछ तो लापरवाही बरती गई थी, जिसके चलते हादसा हुआ। इसकी जांच होनी चाहिए, ताकि कार्रवाई हो सके।