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बरसे मेघ, मौजी हुआ मन
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 13 Jun 2015 11:46 PM IST
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शनिवार को रुक-रुक कर सुबह से हो रही बूंदा-बांदी और आसमान में छाए बादलों के बीच पवन के झोकों की वजह से मौसम काफी खुशनुमा रहा। हालांकि उमस की दस्तक भी तगड़ी रही। कई दिन से सूर्य की रोशनी में तप रहे लोगों को थोड़ा सा ठंडा मौसम मिला तो मन झूम उठा। तमाम लोग परिवार संग पार्कों में पहुंच गए और सुहाने मौसम का लुत्फ उठाया। कई लोग बेल्हा देवी धाम की सीढ़ियों पर सुकून के पल मदमस्त मौसम में बिताते रहे।
कई माह से आंख तरेर कर लोगों के बदन को झुलसा रहे सूर्यदेव दो दिन से बादलों की चादर में छिपे रहे। आसमान में उमड़ते बादलों ने शुक्रवार व शनिवार को लोगों पर बड़ी मेहरबानी की। आसमान से टपकीं पानी की बूदों ने मौसम में शीतलता पैदा कर दी। हल्की हवा लोगों को बड़ा सुकून देने लगी। इस खुशनुमा मौसम देख तमाम लोग परिवार के साथ घरों से निकल पड़े। वे पार्कों में इस मौसम का आनन्द लेते नजर आए। वहां पहुंचे बच्चे झूले का मजा लेते रहे। कई ऐसे भी लोग रहे, जो बेल्हा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर नदी किनारे बैठकर इस खुशमिजाज मौसम का भरपूर आनन्द लेने में मशगूल रहे। हालांकि बूंदाबांदी होने के कारण उमस बढ़ गई। उमस की वजह से लोगों के शरीर का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा था।
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कई माह से आंख तरेर कर लोगों के बदन को झुलसा रहे सूर्यदेव दो दिन से बादलों की चादर में छिपे रहे। आसमान में उमड़ते बादलों ने शुक्रवार व शनिवार को लोगों पर बड़ी मेहरबानी की। आसमान से टपकीं पानी की बूदों ने मौसम में शीतलता पैदा कर दी। हल्की हवा लोगों को बड़ा सुकून देने लगी। इस खुशनुमा मौसम देख तमाम लोग परिवार के साथ घरों से निकल पड़े। वे पार्कों में इस मौसम का आनन्द लेते नजर आए। वहां पहुंचे बच्चे झूले का मजा लेते रहे। कई ऐसे भी लोग रहे, जो बेल्हा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर नदी किनारे बैठकर इस खुशमिजाज मौसम का भरपूर आनन्द लेने में मशगूल रहे। हालांकि बूंदाबांदी होने के कारण उमस बढ़ गई। उमस की वजह से लोगों के शरीर का पसीना सूखने का नाम नहीं ले रहा था।
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