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मुसीबतों का जाल, पटखौली का नहीं पुरसाहाल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:06 AM IST
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pratapgarh news
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नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर दो पटखौली में बेल्हा घाट आंशिक, पटखौली में रहने वाले लोगों को आज भी रास्ता न होने का दंश झेलना पड़ रहा है। शहर से लगा होने के बाद भी रेलवे क्रासिंग के चलते लोग भारी मुसीबत उठाने को मजबूर हैं। क्रासिंग और वार्ड के बीच में सेना व रेलवे की जमीन भी आड़े आती है। जिसके चलते लोगों को करीब दो से लेकर तीन किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। इन समस्याओें के बाद भी जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन मौन है।
नागरिकों को पालिका से मिलने वाली सहूलियत दिलाने के लिए पत्राचार करना भी जनप्रतिनिधियों व प्रशासन ने मुनासिब नहीं समझा। जिसका खामियाजा इस वार्ड में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस वार्ड के एक हिस्से में ही नगर पालिका से जलापूर्ति होती है। जबकि तीन हिस्से में आज भी पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। इससे लोगों को अभी भी पानी के हैंडपंप व कुओं पर निर्भर रहना पड़ता है। तमाम शिकायतों व पत्राचार के बाद भी नागरिकों को राहत नहीं मिल सकी। वार्ड की कई बस्तियों में समुचित साफ- सफाई भी नही होती। भले ही पटखौली को वार्ड का दर्जा मिल गया है, लेकिन बीस से अधिक वर्ष बीतने के बाद भी यहां के लोगों को शहरी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका।
पीएमजीएसवाई की सड़क हो गई है बदहाल
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जेल रोड से लेकर चौखड़ा तक सड़क का निर्माण कराया गया है। पटखौली वार्ड में ही जिरियामऊ के पहले इस मार्ग पर राहगीरों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। यहां तक कि लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं। इसके बाद सड़क की मरम्मत व समस्या को दूर करने का प्रयास तक नहीं किया गया। बस्ती का पानी सड़क पर आता है। इस पानी को दूसरे छोर पर बने नाले में गिराना है, लेकिन यह काम न तो नगर पालिका करा रही है और न ही लोनिवि करा रहा है। इस समस्या के चलते दूरदराज से आने वालों के साथ ही स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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कहार बस्ती में नहीं हो सका विद्युतीकरण
पटखौली वार्ड के उत्तरी दिशा में कहार बस्ती है। जहां के लोगों को गृहकर देने के बाद भी नगर पालिका की मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पड़ोस में रोशनी रहती है और वे अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बस्ती में विद्युतीकरण अभी तक नहीं हो सका। पता चला कि सभासद के साथ जेई ने सर्वे कर लिया है। जल्द ही विद्युतीकरण होने की संभावना है। वार्ड में कम संख्या में सोडियम लाइटें लगाई गई हैं। जिससे जिरियामऊ, पटखौली, बेल्हा घाट में रात के समय अंधेरा रहता है। जो बिजली के पोल लगे भी हैं। वहां नगर पालिका की ओर से बल्ब भी नहीं लटकाया गया।
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नागरिकों को पालिका से मिलने वाली सहूलियत दिलाने के लिए पत्राचार करना भी जनप्रतिनिधियों व प्रशासन ने मुनासिब नहीं समझा। जिसका खामियाजा इस वार्ड में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस वार्ड के एक हिस्से में ही नगर पालिका से जलापूर्ति होती है। जबकि तीन हिस्से में आज भी पाइप लाइन नहीं बिछाई जा सकी। इससे लोगों को अभी भी पानी के हैंडपंप व कुओं पर निर्भर रहना पड़ता है। तमाम शिकायतों व पत्राचार के बाद भी नागरिकों को राहत नहीं मिल सकी। वार्ड की कई बस्तियों में समुचित साफ- सफाई भी नही होती। भले ही पटखौली को वार्ड का दर्जा मिल गया है, लेकिन बीस से अधिक वर्ष बीतने के बाद भी यहां के लोगों को शहरी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सका।
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पीएमजीएसवाई की सड़क हो गई है बदहाल
प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जेल रोड से लेकर चौखड़ा तक सड़क का निर्माण कराया गया है। पटखौली वार्ड में ही जिरियामऊ के पहले इस मार्ग पर राहगीरों को हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। यहां तक कि लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं। इसके बाद सड़क की मरम्मत व समस्या को दूर करने का प्रयास तक नहीं किया गया। बस्ती का पानी सड़क पर आता है। इस पानी को दूसरे छोर पर बने नाले में गिराना है, लेकिन यह काम न तो नगर पालिका करा रही है और न ही लोनिवि करा रहा है। इस समस्या के चलते दूरदराज से आने वालों के साथ ही स्थानीय लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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कहार बस्ती में नहीं हो सका विद्युतीकरण
पटखौली वार्ड के उत्तरी दिशा में कहार बस्ती है। जहां के लोगों को गृहकर देने के बाद भी नगर पालिका की मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि पड़ोस में रोशनी रहती है और वे अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। बस्ती में विद्युतीकरण अभी तक नहीं हो सका। पता चला कि सभासद के साथ जेई ने सर्वे कर लिया है। जल्द ही विद्युतीकरण होने की संभावना है। वार्ड में कम संख्या में सोडियम लाइटें लगाई गई हैं। जिससे जिरियामऊ, पटखौली, बेल्हा घाट में रात के समय अंधेरा रहता है। जो बिजली के पोल लगे भी हैं। वहां नगर पालिका की ओर से बल्ब भी नहीं लटकाया गया।