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अब गर्भवती महिलाओं का मुफ्त में होगा अल्ट्रासाउंड
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:01 AM IST
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प्रतापगढ़
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गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए अब पैसा नहीं खर्च करना होगा। इतना ही नहीं उन्हें किसी प्राइवेट अस्पताल में जांच और इलाज कराने के लिए भी नहीं भटकना पड़ेगा। जिला महिला अस्पताल के साथ जिन सीएचसी और पीएससी में अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था नहीं है, वहां के नजदीकी प्राइवेट अस्पताल सेे सीएमओ अनुबंध कर मरीजों को लाभ दिलाएंगे। अनुबंध वाले सेंटर को प्रति केस तीन सौ रुपये शासन से मिलेगा।
सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने के कारण गरीब परिवार की गर्भवती महिलाओं का जांच नहीं हो पाता है। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा से वे वंचित रह जाती है। चिकित्सकों के लाख कहने के बाद किसी न किसी से वे कर्ज लेकर पांच सौ रुपये चुकाकर अपना अल्ट्रासाउंड जांच कराती है। जबकि प्रत्येक माह के नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को इस दिन बकायदा जांच से लेकर इलाज मुफ्त में होना चाहिए। जरूरत समझने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा और टीका व इंजेक्शन लगाया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने सीएमओ को आदेश दिया है कि वे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को सफल बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं की जांच व इलाज कराने में दिलचस्पी लें। ऐसी महिलाओं की जांच और अल्ट्रासाउंड मुफ्त में कराएं। आयरन और अन्य जरूरी दवा मुफ्त वितरित करें। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को जांच कराने से लेकर इलाज कराने के लिए पीएचसी और सीएचसी के साथ जिला महिला अस्पताल न रेफर किया जाए। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करीब के प्राइवेट सेंटर पर कराया जाए।
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सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने के कारण गरीब परिवार की गर्भवती महिलाओं का जांच नहीं हो पाता है। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा से वे वंचित रह जाती है। चिकित्सकों के लाख कहने के बाद किसी न किसी से वे कर्ज लेकर पांच सौ रुपये चुकाकर अपना अल्ट्रासाउंड जांच कराती है। जबकि प्रत्येक माह के नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। गर्भवती महिलाओं को इस दिन बकायदा जांच से लेकर इलाज मुफ्त में होना चाहिए। जरूरत समझने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा और टीका व इंजेक्शन लगाया जाता है।
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स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने सीएमओ को आदेश दिया है कि वे प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को सफल बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं की जांच व इलाज कराने में दिलचस्पी लें। ऐसी महिलाओं की जांच और अल्ट्रासाउंड मुफ्त में कराएं। आयरन और अन्य जरूरी दवा मुफ्त वितरित करें। इतना ही नहीं गर्भवती महिलाओं को जांच कराने से लेकर इलाज कराने के लिए पीएचसी और सीएचसी के साथ जिला महिला अस्पताल न रेफर किया जाए। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करीब के प्राइवेट सेंटर पर कराया जाए।
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