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Pratapgarh News: प्रतापगढ़ आउटर के पास पटरी से उतरे मालगाड़ी के दो वैगन
Wed, 12 Jul 2023 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Wed, 12 Jul 2023 01:53 AM IST
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वाराणसी-प्रतापगढ़ रेल मार्ग से चौखंडी लोहता जा रही मालगाड़ी के दो वैगन मंगलवार दोपहर सवा एक बजे आउटर के पास पटरी से उतर गए। इससे रेल महकमे में खलबली मच गई। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
मोहनलालगंज से चौखंडी लोहता जा रही मालगाड़ी दोपहर पौने बारह बजे प्रतापगढ़ जंक्शन पर पहुंची। बगैर जांच पड़ताल किए सवा एक बजे मालगाड़ी को वाराणसी के लिए रवाना कर दिया गया।
स्टेशन के दक्षिण छोर पर भंगवा क्रॉसिंग के पास मालगाड़ी के दो वैगन के पहिये जाम हो गए। गेट मैन श्याम कृष्ण मिश्र ने शोर मचाते हुए ट्रेन चालक को बताने का प्रयास किया, लेकिन चालक का ध्यान इसपर नहीं पड़ा।
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क्रॉसिंग से दो सौ मीटर दूर जाकर मालगाड़ी के पीछे से तीसरा और चौथा वैगन पटरी से उतर गया। अचानक वैगन उतरने से तेज आवाज हुई। हालांकि मामला समझते ही चालक ने ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोक दी।
हादसे के बाद प्रतापगढ़-वाराणसी रेल मार्ग बाधित हो गया। मौके पर स्टेशन अधीक्षक ने कंट्रोल को जानकारी दी। सूचना मिलने पर लोको लॉबी इंचार्ज एमबी सिंह, सीएमआई नीरज सोमवंशी, स्टेशन अधीक्षक शमीम, पीडब्लूआई सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। जनसाधारण एक्सप्रेस को फाफामऊ, जंघई के मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना किया गया।
दुर्घटना के बाद राहत कार्य भी शुरू किए गए। रात करीब आठ बजे प्रतापगढ़-वाराणसी रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल किया गया। सीएमआई नीरज सोमवंशी के मुताबिक मालगाड़ी के डिब्बों को हटाकर ट्रैक दुरुस्त किया गया। फिर पहली गाड़ी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को कासन लेकर निकाला गया। निगरानी के लिए रेल कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
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मालगाड़ी में नहीं लगाया गया था ब्रेकयान
बेपटरी हुई मालगाड़ी में ब्रेकयान (गार्ड का डिब्बा) नहीं था। ऐसे में गार्ड निधी श्रीवास्तव चालक आरके वर्मा के साथ इंजन में बैठकर ट्रेनों का संचालन करवा रही थीं। निधी श्रीवास्तव ने बताया कि मालगाड़ी में 21 डिब्बे हैं। इसमें ब्रेकयान नहीं लगाया गया था। इसके चलते वह आगे इंजन में बैठी थीं। पीछे क्या हुआ इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
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यार्ड में रुकने पर नहीं की गई मालगाड़ी की जांच
रेलवे के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि मालगाड़ी के यार्ड में रुकने पर वर्कशाॅप के कर्मचारियों को एक बार इसकी जांच करनी होती है। मगर ऐसा नहीं किया गया। बगैर जांच किए मालगाड़ी को वाराणसी के लिए रवाना कर दिया गया। पहले से डिब्बों के पहियों में खराबी होने के कारण स्टेशन से ही नट और बोल्ट के साथ शॉकर टूट गया। पहिया रगड़ते हुए आउटर तक गया। इसके चलते पांच ज्वाइंट में भी खराबी आ गई। यदि मालगाड़ी में ब्रेकयान लगा होता और उसमें गार्ड मौजूद होता तो शायद यह हादसा न होता।
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डीआरएम ने बैठाई जांच
मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरने के मामले में डीआरएम एसके सापरा ने जांच बैठा दी है। तीन सदस्यीय रेल अफसरों की टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अर्चना एक्सप्रेस निरस्त, कई ट्रेनें हुईं लेट
मालगाड़ी के वैगन पटरी से उतरने के कारण अर्चना एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया, जबकि पंजाब मेल को लखनऊ में रोक दिया गया। वाराणसी-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी।
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मोहनलालगंज से चौखंडी लोहता जा रही मालगाड़ी दोपहर पौने बारह बजे प्रतापगढ़ जंक्शन पर पहुंची। बगैर जांच पड़ताल किए सवा एक बजे मालगाड़ी को वाराणसी के लिए रवाना कर दिया गया।
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स्टेशन के दक्षिण छोर पर भंगवा क्रॉसिंग के पास मालगाड़ी के दो वैगन के पहिये जाम हो गए। गेट मैन श्याम कृष्ण मिश्र ने शोर मचाते हुए ट्रेन चालक को बताने का प्रयास किया, लेकिन चालक का ध्यान इसपर नहीं पड़ा।
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क्रॉसिंग से दो सौ मीटर दूर जाकर मालगाड़ी के पीछे से तीसरा और चौथा वैगन पटरी से उतर गया। अचानक वैगन उतरने से तेज आवाज हुई। हालांकि मामला समझते ही चालक ने ब्रेक लगाकर मालगाड़ी रोक दी।
हादसे के बाद प्रतापगढ़-वाराणसी रेल मार्ग बाधित हो गया। मौके पर स्टेशन अधीक्षक ने कंट्रोल को जानकारी दी। सूचना मिलने पर लोको लॉबी इंचार्ज एमबी सिंह, सीएमआई नीरज सोमवंशी, स्टेशन अधीक्षक शमीम, पीडब्लूआई सहित अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। जनसाधारण एक्सप्रेस को फाफामऊ, जंघई के मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना किया गया।
दुर्घटना के बाद राहत कार्य भी शुरू किए गए। रात करीब आठ बजे प्रतापगढ़-वाराणसी रेल मार्ग पर ट्रेनों का संचालन बहाल किया गया। सीएमआई नीरज सोमवंशी के मुताबिक मालगाड़ी के डिब्बों को हटाकर ट्रैक दुरुस्त किया गया। फिर पहली गाड़ी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को कासन लेकर निकाला गया। निगरानी के लिए रेल कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
मालगाड़ी में नहीं लगाया गया था ब्रेकयान
बेपटरी हुई मालगाड़ी में ब्रेकयान (गार्ड का डिब्बा) नहीं था। ऐसे में गार्ड निधी श्रीवास्तव चालक आरके वर्मा के साथ इंजन में बैठकर ट्रेनों का संचालन करवा रही थीं। निधी श्रीवास्तव ने बताया कि मालगाड़ी में 21 डिब्बे हैं। इसमें ब्रेकयान नहीं लगाया गया था। इसके चलते वह आगे इंजन में बैठी थीं। पीछे क्या हुआ इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
यार्ड में रुकने पर नहीं की गई मालगाड़ी की जांच
रेलवे के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि मालगाड़ी के यार्ड में रुकने पर वर्कशाॅप के कर्मचारियों को एक बार इसकी जांच करनी होती है। मगर ऐसा नहीं किया गया। बगैर जांच किए मालगाड़ी को वाराणसी के लिए रवाना कर दिया गया। पहले से डिब्बों के पहियों में खराबी होने के कारण स्टेशन से ही नट और बोल्ट के साथ शॉकर टूट गया। पहिया रगड़ते हुए आउटर तक गया। इसके चलते पांच ज्वाइंट में भी खराबी आ गई। यदि मालगाड़ी में ब्रेकयान लगा होता और उसमें गार्ड मौजूद होता तो शायद यह हादसा न होता।
डीआरएम ने बैठाई जांच
मालगाड़ी के दो डिब्बे पटरी से उतरने के मामले में डीआरएम एसके सापरा ने जांच बैठा दी है। तीन सदस्यीय रेल अफसरों की टीम जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अर्चना एक्सप्रेस निरस्त, कई ट्रेनें हुईं लेट
मालगाड़ी के वैगन पटरी से उतरने के कारण अर्चना एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया, जबकि पंजाब मेल को लखनऊ में रोक दिया गया। वाराणसी-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस चार घंटे की देरी से प्रतापगढ़ पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी।